ENGLISH HINDI Saturday, January 25, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
द लास्ट बेंचर्स "और अमृत कैंसर फाउंडेशन ने महिलाओं के लिए लगाया मैमोग्राफी, डेकसा और डेंटल जांच शिविर26 को वाईस ऑफ़ इंडिया नागरिकता संशोधन एक्ट के समर्थन पर विशाल पद यात्रा कैंसर की चपेट में गांव बडबर, 6 से अधिक लोगों की हो चुकी मौतवाल्मीकि समाज ने नगर निगम कमिश्नर और पूर्व मेयर राजेश कालिया का पुतला फूंकाअवैध माइनिंग के खिलाफ हरकत में आया प्रशासन, मुबारिकपुर घग्गर नदी पर बनाए अवैध पुल को तोड़ागणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयकर विभाग ने लगाया रक्तदान शिविर, 108 रक्त यूनिट एकत्रितजुडो चैंपियनशिप में आर्यन ने जीता गोल्ड, प्रिंस ने रजत व अंजू ने कांस्य हासिल कियापंजाब की सर्वदलीय बैठक के बयान का कोई औचित्य नहीं: मुख्यमंत्री
कविताएँ

अक्स

February 08, 2017 09:38 PM

— शिखा शर्मा

तेरा अक्स हूं मैं
तू ही है मुझमें
तेरा मिलना था किस्मत का लेखा
तुझसे ही जुडी है जीवन की रेखा
डगर सूनी
आँखें नम
दिल में दबे थे हजारों गम
टकराना तो सिर्फ बहाना था
कुदरत ने हमें मिलाना था
मांगी हुई दुआएं
बहुत काम आई
पनाह मिली है
अब जो तेरी
रौनक से भरी जिंदगी मेरी
तू मिला
छंट गया तन्हाई का अँधेरा
खुशनुमा हुआ मेरा
हर शाम-सवेरा
जीउं अब कुछ इस तरह
कि
तेरा फ़िक्र
तेरा जिक्र
तेरा ही शुक्र मनाऊं
रूह की हसरत में सरगम की तरह
तेरा ही नाम गुनगुनाऊं
जीवन तेरे लिए
प्राण भी तुझ पर
करूँ न्यौछावर
प्यार का अहसास भी तू
रूह की आस है तू
नवजीवन की शुरूआत
अब तेरी दहलीज पर
अंतिम श्वास भी अब तेरी दहलीज पर
तेरा ही अक्स हूं मैं
तू ही है मुझ मैं

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें