ENGLISH HINDI Saturday, January 25, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
द लास्ट बेंचर्स "और अमृत कैंसर फाउंडेशन ने महिलाओं के लिए लगाया मैमोग्राफी, डेकसा और डेंटल जांच शिविर26 को वाईस ऑफ़ इंडिया नागरिकता संशोधन एक्ट के समर्थन पर विशाल पद यात्रा कैंसर की चपेट में गांव बडबर, 6 से अधिक लोगों की हो चुकी मौतवाल्मीकि समाज ने नगर निगम कमिश्नर और पूर्व मेयर राजेश कालिया का पुतला फूंकाअवैध माइनिंग के खिलाफ हरकत में आया प्रशासन, मुबारिकपुर घग्गर नदी पर बनाए अवैध पुल को तोड़ागणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयकर विभाग ने लगाया रक्तदान शिविर, 108 रक्त यूनिट एकत्रितजुडो चैंपियनशिप में आर्यन ने जीता गोल्ड, प्रिंस ने रजत व अंजू ने कांस्य हासिल कियापंजाब की सर्वदलीय बैठक के बयान का कोई औचित्य नहीं: मुख्यमंत्री
कविताएँ

बीते लम्हे

February 10, 2017 01:16 PM

आज वो शख्स बहुत याद आए

जाे बन चुके है बीते लम्हाें के साए
सैक्टर 23 की वाे
यादें
एक साथ किए थे कई
वादे
आज वाे लम्हें बहुत याद आए
वक्त भी क्या—क्या गुल खिलाता है
मिटाता भी खुद ही है सब कुछ
और
फिर रह—रह कर
याद भी दिलाता है
ये यादें ब़ेजार करती हैं
हर वक्त उन का इंतजार करती हैं
जानते हुए भी
कि
बीते हुए लम्हें
कभी
वापिस नहीं आते
फिर भी न जाने
क्यों
ये दिल बैठा है आस लगाए।
—रोशन

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें