ENGLISH HINDI Wednesday, November 13, 2019
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
एन.आर.आई महिला से पैसे लेने के बावजूद दुकानें न देने पर धोखाधड़ी का मामला दर्जहरियाणा पुलिस ने मादक पदार्थों के तस्करों पर की नए सिरे से कार्रवाई , चार काबूमनोहर ने दूसरी पारी की शुरुआत की, चौटाला की मौजूदगी में उपायुक्तों से की मीटिंग साइकिल सवार 65 वर्षीय बुजुर्ग को ट्रक ने रौंदा, मौतबाल दिवस के अवसर पर नन्हें मुन्नों ने कार्यक्रम में खूबसूरत डांस प्रस्तुत किएअमृत कैंसर फाउंडेशन और एनजीओ-द लास्ट बेंचर्स और एजी ऑडिट पंजाब ने महिला स्टाफ़ के लिए लगाया कैंसर अवेयरनेस एंड डिटेक्शन कैम्पकैन बायोसिस ने पराली से होने वाले प्रदुषण के समाधान के लिए पेश किया स्पीड कम्पोस्टरोजाना एक हज़ार बार "धन गुरु नानक" लिख रहें हैं मंजीत शाह सिंह
कविताएँ

जश्न—ए—मौत

March 23, 2017 11:16 AM

— शिखा शर्मा
क्यों न जश्न मनाऊं
फांसी पर चढ़ जाने का
सौभाग्य मिला है मुझको
मां भारती को आजाद कराने का
जंजीरों में घुटती मां को
देखूं ऐसा मैं लाल नहीं
बोटी-बोटी भी हो जाए
उसका कोई मलाल नहीं
किस काम की ये जवानी जो
देश काम में न आए
गुलामी की जंजीरों में जकड़ी माँ
और हम आराम फरमाए?
समय नहीं अब छुप कर
हथियार चलाने का
वक्त हो गया बम फोड़कर
बहरों को सुनाने का
अलख जगा कर आजादी की अब
हिंद आजाद कराना है
राजगुरू और सुखदेव से मिलकर
क्रांति की जोत जगाना है
आंदाेलन तैयार कर
इंकलाब जिंदाबाद बुलाएंगे
मस्तानाें की टाेली अब
रंग दे बंसती गाएगें
भूख प्यास काे तज कर
अंग्रेजी हूकूमत से आजादी दिलाएंगें
फांसी का फंदा तैयार कर लाे
तीन दीवाने हंसते-हंसते
फांसी पर झूलने आएंगें

— Shikha Sharma

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें