ENGLISH HINDI Saturday, January 25, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
द लास्ट बेंचर्स "और अमृत कैंसर फाउंडेशन ने महिलाओं के लिए लगाया मैमोग्राफी, डेकसा और डेंटल जांच शिविर26 को वाईस ऑफ़ इंडिया नागरिकता संशोधन एक्ट के समर्थन पर विशाल पद यात्रा कैंसर की चपेट में गांव बडबर, 6 से अधिक लोगों की हो चुकी मौतवाल्मीकि समाज ने नगर निगम कमिश्नर और पूर्व मेयर राजेश कालिया का पुतला फूंकाअवैध माइनिंग के खिलाफ हरकत में आया प्रशासन, मुबारिकपुर घग्गर नदी पर बनाए अवैध पुल को तोड़ागणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयकर विभाग ने लगाया रक्तदान शिविर, 108 रक्त यूनिट एकत्रितजुडो चैंपियनशिप में आर्यन ने जीता गोल्ड, प्रिंस ने रजत व अंजू ने कांस्य हासिल कियापंजाब की सर्वदलीय बैठक के बयान का कोई औचित्य नहीं: मुख्यमंत्री
कविताएँ

पापा को कभी थकते नहीं देखा

June 17, 2018 02:42 PM

-शिखा शर्मा

ज़िन्दगी में एक करिश्मा देखा
जमीं पर ज़िम्मेदारियों का फरिश्ता देखा
डालो उस पर जितना बोझ
कभी मुंह मोड़ते नहीं देखा

जेब होती कभी उसकी खाली तो भी
खाली कभी थाली नहीं होती
भूखे पेट न कभी सोने देता
चैन की नींद कभी सोते नहीं देखा

ख्वाइशों को पूरा करते देखा
फौलादी कन्धों को झुकते देखा
जख्म हों लाख फिर भी 
दर्द से कभी कराहते नहीं देखा

परेशानियों का सैलाब सा बहता
मजबूरियों में मौन रहते देखा
दिल में लाख उछलता हो समंदर
आंखों में कभी आंसू छलकते नहीं देखा

है प्यार दिल में बेशुमार
मां की तरह दुलार करते नहीं देखा
देखा सौ बार चिल्लाते हुए
हज़ार बार गुस्सा पीते हुए देखा

हर सुबह भागते हुए देखा
हर शाम भीगते हुए देखा
मैनें हर सांझ सूरज को ढलते देखा
पापा को कभी थकते नहीं देखा

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें