ENGLISH HINDI Wednesday, April 08, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
शरीर कैसे छोडऩा है दादी पहले से ही कर ली थी प्लानिंग, दादी जी नही चाहती थी कि उनके शरीर छोडऩे पर ज्यादा खर्च होकोविड-19 के विरुद्ध जंग में महान योगदान के लिए मैडीकल समुदाय की प्रशंसाबकरियां चराने गये बुजुर्ग पर जंगली सूअर का आक्रमण, बुजुर्ग की हुई मौतट्राईडेंट उद्योग समूह जिला के सेहत विभाग को देगा 10 हजार मेडीकल सूटकोरोना वायरस से मारे गए लोगों की अंतिम रस्में निभाने संबंधी हिदायतें जारी हों : ग्रेवाल जमाखोरी, कालाबाजारी और मूल्य वृद्धि को नियंत्रण के लिए विशेष टीमें गठितमंडी में पहुंचने वाले किसान को मिलेगा मास्क और सैनिटाइजरनिजामूद्दीन मरकज़ में तबलीगी जमात में भाग लेने वालों को दी 24 घंटों की अंतिम समय-सीमा
राष्ट्रीय

आईएनएस कदमत ‘लीमा-19’ में भाग लेने हेतु लैंगकावी, मलेशिया पहुंचा

March 27, 2019 10:39 AM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति वाला एएसडब्‍ल्‍यू कॉर्वेट आईएनएस कदमत सात दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सोमवार, 25 मार्च को मलेशिया स्थित लैंगकावी पहुंचा। यह जहाज इस दौरान लैंगकावी अंतर्राष्‍ट्रीय नौवहन एवं एयरोस्‍पेस प्रदर्शनी ‘लीमा-19’ में भाग लेगा। वाइस एडमिरल कर्मबीर सिंह,पीवीएसएम, एवीएसएम, एडीसी, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान भारतीय नौसेना के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में लीमा-19 के अंतर्गत होने वाले विभिन्‍न आयोजनों में भी भाग लेंगे।
यह पोत इन सात दिनों के दौरान लैंगकावी में लीमा-19 के अंतर्गत आयोजित की जाने वाली विभिन्‍न गतिविधियों में भाग लेगा। इनमें मलेशिया के प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली अंतर्राष्‍ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर), नौवहन एवं हवाई प्रदर्शन, 29 अन्‍य प्रतिभागी नौसेनाओं के साथ प्रस्‍तावित समुद्री अभ्‍यास, सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, खेल आयोजन इत्‍यादि शामिल हैं। इस प्रदर्शनी के 15वें संस्‍करण के दौरान मुख्‍य कार्यक्रम से इतर कई संगोष्ठियों और संवादों का भी आयोजन किया जाएगा।
आईएनएस कदमत (पी 29) एक ऐसा स्‍वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्ध कॉर्वेट है, जो रडार से भी अपने को बच निकलने में सक्षम है। आईएनएस कदमत को जनवरी 2016 में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया था। यह पोत अत्‍याधुनिक हथियारों, सेंसरों एवं मशीनरी से लैस है और इसे कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे कि इसे पनडुब्‍बी रोधी हेलिकॉप्‍टर पर भी रखा जा सकता है।
मलेशिया एवं भारत समुद्री दृष्टि से पड़ोसी हैं और दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के यहां अपने-अपने पोतों के दौरों के दौरान प्रशिक्षण और सर्वोत्‍तम तौर-तरीकों के आदान-प्रदान से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों पर आपस में निरंतर सहयोग करती रही हैं। इस तरह की मैत्रीपूर्ण सहभागिताओं के दौरान रॉयल मलेशियन नेवी (आरएमएन) पोत ‘केडी जैबत’ ने अक्‍टूबर 2018 को कोच्चि में फ्लैग ऑफिसर (समुद्री प्रशिक्षण) के जरिए परिचालनात्‍मक समुद्री प्रशिक्षण प्राप्‍त किया था। इसी तरह आरएमएन ‘केडी लेकिर’ ने फरवरी 2016 में विशाखापत्‍तनम तट से दूर आयोजित की गई अंतर्राष्‍ट्रीय बेड़ा समीक्षा में भाग लिया था।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
शरीर कैसे छोडऩा है दादी पहले से ही कर ली थी प्लानिंग, दादी जी नही चाहती थी कि उनके शरीर छोडऩे पर ज्यादा खर्च हो बकरियां चराने गये बुजुर्ग पर जंगली सूअर का आक्रमण, बुजुर्ग की हुई मौत भारतीय रेल अत्यंत तेज गति से पीपीई-पोशाक का निर्माण करेगी कोविड-19: लोगों को राहत प्रदान करने के कार्यों में पूर्व-सैनिक अपनी भूमिका निभाने को एकजुट हुए ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ पर प्रधानमंत्री श्री मोदी का संदेश पूर्ण बंदी के बाद भी जन स्वास्थ्य को आर्थिक विकास की तुलना में प्राथमिकता दी जाएगी: उपराष्ट्रपति कोरोना एवं भविष्य की चुनौतियां: मानव ससांधन मंत्रालय ने की "समाधान" चैलेंज की शुरुआत कुपवाड़ा शहीद जवानों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की एम्स ऋषिकेश ने पोर्टेबल वेंटीलेटर सिस्टम प्राणवायु विकसित किया कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का जन्म रिकार्ड ठीक करने सम्बन्धी संशोधित निर्देश जारी