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राष्ट्रीय

राज्‍य स्‍तरीय बैंकर समिति हरियाणा की 148वीं बैठक सम्पन्न

May 17, 2019 05:58 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति हरियाणा की 148वीं बैठक का आयोजन आज होटल माउंट व्यू, सेक्टर 10, चंडीगढ़ में किया गया। इस बैठक श्री डी एस ढेसी, आईएएस, मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार मुख्य अतिथि थे। बैठक की अध्‍यक्षता डॉ राजेश यदुवंशी, कार्यपालक निदेशक, पंजाब नेशनल बैंक ने की । श्री टीवीएसएन प्रसाद, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, वित्त एवं योजना विभाग, श्री सुनील गुलाटी, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, पशुपालन और डेयरी विभाग, हरियाणा, श्रीमती नीरजा शेखर, आईएएस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा सरकार, श्री अशोक सांगवान, आईएएस, महानिदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा सरकार, श्रीमती भावना गर्ग, आईएएस, महानिदेशक, यूआईडीएआई, श्रीमती रचना दीक्षित, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक,चण्‍डीगढ़, श्री दीपक मनचंदा, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, क्षेत्रीय कार्यालय, हरियाणा, श्री बी. एस. रैना, महाप्रबंधक, पीएनबी, प्रधान कार्यालय नई दिल्ली, श्री डी. के. जैन, महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, हरियाणा अंचल एवं संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, हरियाणा तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और हरियाणा राज्य में कार्यरत बैंकों के नियंत्रण प्रमुख इस बैठक में शामिल हुए।
डॉ राजेश यदुवंशी, कार्यपालक निदेशक पंजाब नेशनल बैंक ने अपने संबोधन में सदन को सूचित किया कि 28 अगस्त 2014 प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) की शुरुआत के बाद से 31 मार्च 2019 तक बैंकों ने 70,01,803 खाते खोले हैं तथा इन खातों में 2,667 करोड़ की राशि जमा हुई है। योजना के तहत खोले गए कुल खातों में से महिलाओं के 32,54,898 खाते है जो कि कुल खातों का 46% है तथा इन खातों में रूपये कार्ड में जारी किए गए हैं। योजना के तहत खोले गए कुल खातों में से 90% खातों में रूपये कार्ड जारी किए गए हैं। डॉ यदुवंशी ने सभी बैंकरों को पीएमजेडीवाई के तहत खातों को खोलने के लिए कहा तथा आग्रह किया कि तब तक इन खातों को खोलना जारी रखें जब तक समस्‍त व्‍यक्तियों के खाते न खुल जाएं और उनमें सभी को रूपये कार्ड जारी न हो जाएं।
डॉ यदुवंशी ने सदन को सूचित किया कि प्रधानमंत्री द्वारा सामाजिक सुरक्षा के लिए आरंभ की गई 3 योजनाओं, दुर्घटना में मृत्यु बीमा अर्थात् प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) की बैंकों द्वारा की गई प्रगति के बारे में सदन को बताया कि जीवन बीमा कवर के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और अटल पेंशन योजना (APY) वृद्धावस्था पेंशन के लिए के लिए बैंकों ने बहुत अच्‍छा कार्य किया है। बैंकों द्वारा पीएमएसबीवाई योजना के तहत 32,64,993 व्‍यक्तियों को नामांकित किया गया है। इसी प्रकार पीएमजेजेबीवाई के तहत 9,89,007 के और अटल पेंशन योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक 2,99,620 लोगों को नामांकित किया गया है। उन्होंने बैंकरों और बीमा कंपनियों के अधिकारियों से आह्वान किया कि इन सामाजिक योजनाओं को विस्‍तारित कर राज्‍य के बडे जनसमूह को लाभ पहुंचाने के लिए अपने प्रयासों मे तेजी लाऐं।
डॉ यदुवंशी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के बारे में बताया कि यह योजना पूंजीहीन व्‍यक्तियों को वित्‍त पोषित करने की योजना है जिसमें छोटे उद्यमियों को आसान क्रेडिट उपलब्‍ध करवा कर उन्‍हें औपचारिक वित्‍तीय प्रणाली में शामिल करना है।
डॉ यदुवंशी ने सदन को सूचित किया कि वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट में, संघ सरकार ने पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा का विस्तार करने की घोषणा की ताकि उन्हें कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सके।
उक्त बजट घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी अधिसूचना दिनांक 03 फरवरी, 2019 में पशुपालन और मत्स्य पालन से संबंधित गतिविधियों के लिए कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं हेतु किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा का विस्तार करने के लिए दिशानिर्देश तैयार किए हैं। आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर प्रति एकड़/ प्रति यूनिट/ प्रति पशु/ प्रति पक्षी आदि के आधार पर स्थानीय लागत के अनुसार वित्त का पैमाना जिला स्तरीय तकनीकी समिति (डीएलटीसी) द्वारा तय किया जाएगा। हरियाणा में, सभी जिलों में जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठकें एसएलबीसी हरियाणा और हारको बैंक के समन्वय में आयोजित की गई हैं। फलस्वरूप, पशुपालन और मत्स्य पालन हेतु सभी जिलों के लिए वित्त का पैमाना राज्य स्तर की तकनीकी समिति में अंतिम रूप देने और अनुमोदन के पश्चात जल्द ही तैयार हो जाएगा, जिसके अतिशीघ्र आयोजित होने की उम्मीद है। डॉ। यदुवंशी ने उम्मीद जताई कि पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए एक नया और अलग केसीसी जारी करने का यह कदम हरियाणा राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष रूप से गेम चेंजर होगा, जहां प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता देश में दूसरे स्थान पर है और दूध के प्रति प्रेम हरियाणा के लोगों की निहित प्रथा और परंपरा है। मैं कामना तथा आशा करता हूं कि भारत सरकार द्वारा उठाए गए इस नए कदम से देश में नीली क्रांति के साथ एक और श्वेत क्रांति आएगी। यह परिकल्पित 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए एक वास्तविक उपाय साबित होगा। यह किसानों की संपत्ति बढ़ाने के निर्माण में योगदान देगा जो किसानों की आय में निरंतर और स्थायी वृद्धि के लिए समय की मांग है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि हरियाणा सरकार योजनाबद्ध और सबसे व्यवस्थित तरीके से लगभग 10 लाख दुधारू पशुओं को बीमा कवर प्रदान करने की योजना बना रही है। पशुपालन विभाग ने प्रत्येक पशु की प्रमाण पत्र आईडी जारी करने की भी योजना बनाई है। मेरा मानना है कि यह स्कीम राज्य में दुधारू पशुओं के लिए बैंक क्रेडिट के रास्ते खोलेगा और इसके परिणामस्वरूप राज्य देश में दूध और दूध उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र हो सकता है। उन्होंने बैंकरों से इस नए केसीसी को जल्द से जल्द जारी करने और दुधारू पशुओं के वित्तपोषण के लक्ष्य को पार करने की मांग की है।
उन्‍होनें बताया कि राज्‍य में 21 आरसेटी/रूडसेटी ईकाईयां कार्य कर रही हैं। दिसंबर 2018 तक इन केंद्रो द्वारा 1,17,709 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया है इनमें से 41,024 अनुसूचित जाति-जनजाति प्रशिक्षु शामिल हैं। 4188 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लोगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया तथा इनमें से 20,987 प्रशिक्षुओं को बैंको द्वारा वित्‍त पोषित किया गया।
महत्वपूर्ण मापदंडों के तहत मार्च 2018 से मार्च 2019 तक की समीक्षा अवधि के दौरान बैंकों के प्रदर्शन के बारे मे डॉ यदुवंशी ने बताया कि हरियाणा में बैंकों ने समस्‍त राष्‍ट्रीय लक्ष्‍यों को प्राप्‍त किया है। वाणिज्यिक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की 68 नई शाखाऐं खोली गई है अत: अब इनकी संख्‍या 4786 हो गई है। बैंकों/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की कुल जमा राशियॉं 11.5% अर्थात रू 39,036 करोड़ की वृद्धि के साथ मार्च 2019 को रुपये 3,79,164 करोड़ हो गई हैं जो पिछले वर्ष मार्च 2018 तक इसी अवधि में रू 3,40,128 करोड़ थी।
समीक्षा अवधि के दौरान कुल अग्रिमों में रू 23,019 करोड़ की वृद्धि हुई अब यह बढ़कर रूपये 2,60,206 करोड हो गए हैं। प्राथमिकता क्षेत्र अग्रिम रुपये 12,100 करोड़ बढे हैं और यह रुपये 1,30,010 करोड़ से बढ़कर रूपये 1,42,110 करोड़ हो गए हैं तथा इसमें 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई । समीक्षा अवधि के दौरान प्राथमिकता क्षेत्र मार्च 2019 को राज्य के कुल अग्रिमों के 40% के राष्ट्रीय लक्ष्य की तुलना में 60% है। कृषि अग्रिमों में रुपये 4,525 करोड़ की वृद्धि हुई है जो 49,429 करोड़ से बढ़कर 53,954 करोड़ रुपये हो गए। इस मद में वृद्धि का प्रदर्शन 9 प्रतिशत रहा। कृषि अग्रिमों का अनुपात राष्‍ट्रीय लक्ष्‍य 18 प्रतिशत के मुकाबले 23 प्रतिशत रहा। मार्च 2019 में राज्‍य का ऋण जमा अनुपात राष्‍ट्रीय लक्ष्‍य 60 प्रतिशत के मुकाबले 69 प्रतिशत रहा।
इसी प्रकार 5 अप्रैल 2016 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ किए गए "स्टैंड अप इंडिया" कार्यक्रम के बारे में सूचित करते हुए डॉ यदुवंशी ने बताया कि बैंकों ने योजना के आरम्‍भ से मार्च 2019 को समाप्‍त अवधि तक 3,275 लाभार्थियों को इस योजना के तहत 661 करोड़ की राशि ऋण के रूप में प्रदान की गई है।
उन्होंने उधारकर्ताओं को बैंकों को देय राशि का समय पर पुनर्भुगतान के बारे में शिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य सरकार से भी अनुरोध किया लंबित मामलों का शीघ्र निपटान करवा कर बैंकों की मदद करें। मार्च 2019 को हेकॉम्प अधिनियम के तहत दायर 711 करोड़ रूपये की राशि के 22,066 रिकवरी प्रमाणपत्र मामले लंबित पड़े हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया वसूली में सुधार करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाए जिसमें बकाया की वसूली से प्राप्‍त धन को फिर से व्यवहार्य बैंकिंग परिचालन के लिए प्रयोग हो सके तथा इसकी बैंकों को तत्काल आवश्यकता है।
बैठक के मुख्य अतिथि श्री डी एस ढेसी, आईएएस, मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार ने सदन को सूचित किया कि राज्य सरकार ने परिवार पहचान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की हुई है जिससे राज्य के सभी परिवारों की ऋण आवश्यकताओं का अनुमान लगाया जा सकेगा और बैंकों द्वारा उसके अनुसार विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रदान करने की वार्षिक ऋण योजना बनाई जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में आर्थिक सर्वेक्षण का कार्य शीघ्र शुरू हो जायेगा| श्री ढेसी ने बैंकों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए बधाई दी|

 
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