ENGLISH HINDI Saturday, October 19, 2019
Follow us on
 
राष्ट्रीय

हेल्थ इन्फॉरमेटिक्स पाठ्यक्रम एमबीबीएस प्रथम वर्ष से: प्रो. कांत

June 14, 2019 06:44 AM

ऋषिकेश (ओम रतूड़ी)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के तहत संचालित मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ कोर्स को लेकर प्रजेंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सिटी यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क के विषय विशेषज्ञ ने व्याख्यान दिया और कोर्स को और बेहतर तरीके से संचालित करने को लेकर सुझाव दिए। एम्स ऋषिकेश में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान में सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग की ओर से स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के तहत मास्टर ऑफ पब्लिक हैल्थ कोर्स संचालित किया जा रहा है। जिसमें 12 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस दौरान निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने रिसर्च और हेल्थ इन्फॉरमेटिक्स विषय का पाठ्यक्रम एमबीबीएस प्रथम वर्ष से लागू करने की घोषणा भी की, ताकि विद्यार्थी आगे चलकर इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। इस दौरान निदेशक प्रो. कांत ने न्यूयाॅर्क यूनिवर्सिटी से एम्स ऋषिकेश में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ से जुड़ने के लिए विजिटिंग फैकल्टी का प्रस्ताव भी दिया। साथ ही निदेशक एम्स ने इस दौरान दिए गए सभी सुझावों पर सहमति जताई और एम्स संस्थान की ओर से इस दिशा में हरसंभव योगदान की बात कही। इस अवसर पर बतौर विषय विशेषज्ञ सिटी यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क के प्रोफेसर ऑफ पब्लिक हेल्थ डा. आशीष जोशी ने सुझाव दिया कि एम्स संस्थान में संचालित मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ कोर्स को उनके विश्वविद्यालय के साथ अनुबंध करके और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने इसके लिए सबसे पहले फैकल्टी डेवलपमेंट पर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि संस्थान के विद्यार्थियों को सिटी यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क द्वारा भारत में संचालित विभिन्न प्राेजेक्ट्स में इंटर्नशिप के लिए भी भेजा जा सकता है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पूर्व संयुक्त सचिव डा. राकेश कुमार ने कहा कि उन्हें एम्स ऋषिकेश से राज्य में चिकित्सा व अनुसंधान के क्षेत्र में काफी बेहतर कार्य किए जाने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश एम्स स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के मामले में देश में विशेष पहचान बना सकता है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
डीआरडीओ ने प्रौद्योगिकी हस्‍तातंरण से जुड़े 30 समझौते किये सुरक्षित और किफायती प्रौद्योगिकियों की दिशा में नवाचार उन्मूलन के लिए टीबी दर गिरना काफ़ी नहीं, गिरावट में तेज़ी अनिवार्य: नयी WHO रिपोर्ट बिना मानवाधिकार उल्लंघन के, व्यापार करे उद्योग: वैश्विक संधि की ओर प्रगति प्रकृति ही देगी प्लास्टिक का हल चिकित्सकों व नर्सिंग कर्मचारियों का ट्रॉमा केयर में दक्ष होना नितांत आवश्यक कूड़ा मुक्त, कुरीति मुक्त भारत बने अनुभव व नवीनतम तकनीकि ज्ञान का लाभ मरीजों को मिले: प्रो. कांत जल संरक्षण पर कार्य करने की जरूरत हिमालयी क्षेत्रों में बड़े उद्योगों के बजाय लघु उद्योगों को महत्व दिया जाये