ENGLISH HINDI Tuesday, October 22, 2019
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
आल कांटरैैक्चुअल कर्मचारी संघ ने सांसद किरण खेर, चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ निकाला कैंडल मार्च और किया रोष प्रदर्शनयूपी और मध्यप्रदेश से भुक्की लाकर पंजाब में बेचने वाले तीन तस्कर डेराबस्सी में काब, रिमांड पर भेजेदीवाली के पंच पर्व, दिवाली पर कब करें लक्ष्मी पूजा? दिवाली पर लक्ष्मी पूजा की विधिमिशन तंदुरुस्त को ठेंगा दिखा थाने के बाहर छंटाई के नाम पर काटे हरे-भरे पेड़हरियाणा में करीब 65 प्रतिशत मतदानजीरकपुर में लोग पटाखे फोड़ने को तैयार, कहीं आग लगी तो बुझाएगा कौन? तेज रफ्तार कार ने थ्री व्हीलर को मारी टक्कर, 2 घायलई-रिक्शा, बैटरी चोरी करने के आरोप में एक काबू
राष्ट्रीय

चक्रवात वायु के मद्देनजर भारतीय नौसेना की तैयारियां

June 14, 2019 06:48 AM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
भारतीय वायुसेना ने गुजरात सरकार और उसके नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर चक्रवात वायु से निबटने की तैयारियों की समीक्षा की।
नौसेना का पश्चिमी कमान चक्रवात वायु की ताजा स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। नौसेना के पोत चेन्‍नानी, गोमती और दीपक राहत सामग्रियों के साथ मुंबई में हैं और सूचना मिलते ही तुरंत गुजरात पहुंचने के लिए तैयार खड़े हैं। इन जहाजों पर 5 हजार लीटर पीने का पानी भी लादा गया है। नौसेना के सात पोत और तीन हेलीकाप्‍टरों को अतिरिक्‍त रूप से तैयार रखा गया है। आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए गोताखोरों और राहत कर्मियों की दो टीमें तथा 3 चिकित्‍सा दल भी तैयार किए गए हैं। द्वारका और पोरबंदर में सामुदायिक रसोई चलाने की व्‍यवस्‍था की जा रही है। वायु सेना के हेलीकॉप्‍टरों और विमानों को आवश्‍यकता पड़ने पर तूफान से होने वाले नुकसान का आकलन करने और लापता तथा फंसे लोगों की तलाश और उन्‍हें सुरक्षित निकालने के लिए तैयार रखा गया है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
डीआरडीओ ने प्रौद्योगिकी हस्‍तातंरण से जुड़े 30 समझौते किये सुरक्षित और किफायती प्रौद्योगिकियों की दिशा में नवाचार उन्मूलन के लिए टीबी दर गिरना काफ़ी नहीं, गिरावट में तेज़ी अनिवार्य: नयी WHO रिपोर्ट बिना मानवाधिकार उल्लंघन के, व्यापार करे उद्योग: वैश्विक संधि की ओर प्रगति प्रकृति ही देगी प्लास्टिक का हल चिकित्सकों व नर्सिंग कर्मचारियों का ट्रॉमा केयर में दक्ष होना नितांत आवश्यक कूड़ा मुक्त, कुरीति मुक्त भारत बने अनुभव व नवीनतम तकनीकि ज्ञान का लाभ मरीजों को मिले: प्रो. कांत जल संरक्षण पर कार्य करने की जरूरत हिमालयी क्षेत्रों में बड़े उद्योगों के बजाय लघु उद्योगों को महत्व दिया जाये