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राष्ट्रीय

गुजरात तट के लिए ‘बेहद खतरनाक तूफान’ की चेतावनी जारी

June 14, 2019 06:56 AM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
पूर्वोत्‍तर तथा पूर्वमध्‍य अरब सागर क्षेत्र में स्थित प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘वायु’ पिछले छह घंटों के दौरान करीब 08 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्‍तर और उत्‍तर पश्चिम दिशा की और बढ़ते हुए 13 जून को भारतीय समयानुसार 0830 बजे पूर्वोत्‍तर तथा पूर्वमध्‍य अरब सागर में 20.4 डिग्री उत्‍तरी अक्षांश तथा 69.4 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दीव से करीब 160 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण पूर्व ,गुजरात के वेराल से 110 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम तथा पोरबंदर से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।   

प्रंचड चक्रवाती तूफान ‘वायु’ अरब सागर के पूर्वोत्‍तर तथा पूर्वमध्‍य क्षेत्र में स्थि‍त 


इस तूफान के उत्‍तर और उत्‍तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़कर आगे उत्‍तर पश्चिम की ओर मुड़ते हुए 135 -145 किलोमीटर की रफ्तार से सौराष्‍ट्र के तट से टकराते हुए गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका पर अपना असर दिखाने की संभावना है। इस दौरान तूफान की गति बढ़कर 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।
हवा की चेतावनी:
अरब सागर के उत्‍तरी क्षेत्र तथा गुजरात के तटवर्ती इलाकों में तूफान के कारण हवा की गति 135-145 प्रति घंटे किलोमीटर की रफ्तार से बढ़कर 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्व मध्‍य अरब सागर के उत्‍तरी क्षेत्र तथा तटवर्ती महाराष्‍ट्र के उत्‍तरी हिस्‍से हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
14 जून: सुबह के उत्‍तरी अरब सागर तथा गुजरात के तटवर्ती क्षेत्रों में हवा की गति 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 145 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। बाद में इसकी गति धीमी पड़कर 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है।
15 जून: शाम तक उत्‍तर अरब सागर तथा गुजरात तटवर्ती क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की गति 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और बाद में इसकी रफ्तार कम हो सकती है।
समुद्र की स्थिति:
उत्‍तरी अरब सागर तथा गुजरात के तटवर्ती क्षेत्रों में 15 जून तक समुद्र की स्थिति खराब रहने की आशंका है। अगले 12 घंटों के दौरान उत्‍तरी और पूर्व मध्‍य अरब सागर में स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।
मछुआरों को चेतावनी:
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 15 जून तक उत्‍तरी अरब सागर और गुजरात के तटवर्ती समुद्री क्षेत्र में न जाएं।
तूफान के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी:
13 जून की दोपहर के बाद से तूफान के कारण समुद्र में 0.6 मीटर से लेकर 1.3 मीटर तक की ऊंची लहरें उठने की चेतावनी जारी की गई है। ऊंची लहरों के कारण गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर, और देवभूमि द्वाराक के निचले इलाकों के डूबने का खतरा है।
गुजरात के गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर, और देवभूमि द्वारका में तूफान से नुकसान होने की आशंका को देखते हुए कार्रवाई के लिए सुझाव दिये गये हैं कि छप्‍पर वाले घरों और झोपडि़यों को भारी नुकसान, छतें हवा में उड़ सकती हैं।
बिजली के खंभों के मुड़ने या गिरने तथा संचार लाइनों को नुकसान होने की आशंका
कच्‍ची और पक्‍की सड़कों को भारी नुकसान होने की आशंका। खतरे की‍ स्थिति में बाहर निकलने वाले रास्‍तों के डूबने की आशंका। रेल की बिजली लाइनों और सिग्‍नल प्रणाली में बाधा पहुंचने की आशंका।
खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने, नारियल के पेड़ों के टूटने तथा अन्‍य फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
छोटी नौकाओं तथा मध्‍यम श्रेणी के जहाजों के लंगर से टूटकर अलग हो जाने का खतरा।
दृश्‍यता बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका
सुझाएं गये कदम:
रेल और सड़क यातायात को नियंत्रित रखना
मछली पकड़ने की गतिविधियां पूरी तरह स्‍थगित रखना।
तूफान से प्रभावित जिलों के निचले इलाकों में रहने वाली शहरी और ग्रामीण आबादी को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाना तथा प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह
मोटर-बोट और छोटे जहाजों में समुद्र में यात्रा न करने की सलाह।
तूफान के कारण भारी वर्षा से तटवर्ती जिलों के निचले इलाकों के जलमग्‍न होने का खतरा।

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