हिमाचल प्रदेश

राजकीय सम्मान के साथ स्वतंत्रता सेनानी का अंतिम संस्कार

June 26, 2019 07:33 PM

ज्वालामुखी, (विजयेन्दर शर्मा)
स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रत्न का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी के अंतिम दर्षनों के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग ज्वालामुखी पहुंचे हुए थे।
उपायुक्त राकेष प्रजापति ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की ओर से पार्थिव ष्षरीर पर फूल मालाएं अर्पित कर भावभीनी श्रद्वांजलि दी वहीं एएसपी दिनेष कुमार ने डीजीपी की तरफ से पुष्पमाला अर्पित की गई।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष रमेष ध्वाला सहित विधायक पवन काजल, विधायक ए बुटेल, कांग्रेस प्रदेषाध्यक्ष कुलदीप राठौर सहित विभिन्न गणमान्य लोगों ने भी अंतिम संस्कार में भाग लिया तथा ष्षोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी सांत्वना व्यक्त कीं। पार्थिव देह को बडे बेटे मनोज संजय रत्न ने मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वतंत्रता सेनानी सुशील रतन के निधन का समाचार सुनकर उन्हें बहुत दुःख हुआ है। उन्होंने समाज को अपनी बहुमूल्य सेवाएं दीं और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय रूप से भाग लिया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों के साथ संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
सुशील रत्न वर्ष 1985 से 1990 तक खादी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे. इसके बाद वर्ष 2003 से 2007 तक उन्हें स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष का जिम्मा दिया गया। इसके बाद वह 2013 से 2017 तक फिर से इसी पद पर आसीन रहे। वर्तमान में भी वह भारत सरकार के गह मंत्रालय के तहत स्वतंत्रता सेनानी कल्याण के लिए बनी छह सदस्यीय समिति के सदस्य रहे। उनके बेटे संजय रत्न ज्वालामुखी से कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं। 31 मार्च 1924 को देहरा के गरली में जन्मे सुशील रत्न पब्लिक रिलेशन ऑफिसर के पद से वर्ष 1982 में रिटायर होने के बाद से ही राजनीति में आ गए उन्होंने 1985 व 1990 में कांग्रेस टिकट पर ज्वालामुखी से विधानसभा का चुनाव लड़ा, पर दोनों ही मर्तबा हार गए. वर्ष 1985 से 1990 तक खादी वोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे। 2003 से 2007 तक और 2013 से 2017 तक स्वत्रतां सेनानी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे। 31 मार्च को हाल ही में उन्होंने परिवार संग अपना जन्मदिन बनाया था। वर्तमान में गृह मत्रांलय में भारत सरकार की हाई पावर कमेटी के सदस्य भी थे।

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