हिमाचल प्रदेश

जेसीसी की में हिमाचल की तकनीकी सहयोग परियोजना में कृषि फसल विविधीकरण को बढ़ावा

July 03, 2019 02:47 PM

शिमला, (विजयेन्दर शर्मा) जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी; जेआईसी द्वारा समर्थित परियोजना हिमाचल प्रदेश में फसल विविधीकरण के लिए फेज 2 परियोजना की पांचवीं संयुक्त समन्वय समिति जेसीसी की बैठक हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शिमला में आयोजित की गई। जुलाई 2016 में शुरु किए गए तकनीकी सहयोग टीसी परियोजना के ज़रिए राज्य के बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और ऊना जिलों की कृषि.पर्यावरणीय स्थितियों को ध्यान में रखकर किए गए फसल विविधीकरण से किसानों की आय में वृद्धि और स्थिरता आई है।
ओंकार चंद शर्मा प्रधान सचिव कृषि हिमाचल प्रदेश सरकार, राजिंदर वर्मा कृषि निदेशक हिमाचल प्रदेश सरकार, जे सी राणा मुख्य परियोजना सलाहकार हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण परियोजना एचपीसीडीपी, डॉ वी के शर्मा परियोजना निदेशक एचपीसीडीपीय योशीयुकी ईशीझाकी मुख्य लाहकार एचपीसीडीपी और जेआईसीए इंडिया आदि इस जेसीसी बैठक में मौजूद थे।
योशीयुकी ईशीझाकी मुख्य सलाहकार एचपीसीडीपी ने कहा ये परियोजना भारत में दीर्घकाल तक चलने वाले कृषि समाधान की आवश्यकता को समझती है और कृषि के लिए फसल विविधीकरण हेतु ये रणनीतिक सलाह उपलब्ध कराती है। अब किसानों ने अलग अलग तरह की सब्ज़ियों की खेती करना शुरु कर दिया है जिसकी जानकारी उन्हें परियोजना शुरु होने से पहले नहीं थी। अब नई तकनीक के इस्तेमाल से किसानों को फसल सघनता का अनुभव हो रहा है। ये परियोजना किसानों की आय में वृद्धि के लिए दीर्घकालिक तरीके से अपना योगदान देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है। जेसीसी की पांचवी बैठक में विस्तार अधिकारियों के जानकारी हस्तांतरण के तरीकों और क्षमता निर्माण पर गहराई से चर्चा की गई क्योंकि परियोजना का लाभ लंबे समय तक जारी रखने के लिए ये बेहद महत्वपूर्ण है।
टीसी परियोजना के दूसरे चरण में जेआईसीए के विशेषज्ञों ने सब्जियों की खेती जल प्रबंधन फसल कटाई के बाद की गतिविधियों और मार्केटिंग के बारे में किसानों को सहायता प्रदान की और साथ ही लैंगिक सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन की दिशा में भी काम किया। इस परियोजना में प्रबंधन स्तर के कर्मचारियों क्षेत्र स्तर के अधिकारियों और कृषक विकास संघ केवी के सदस्यों को जापान में प्रशिक्षण दिया जाना भी शामिल है।
हिमाचल प्रदेश सरकार और जेआईसीए के बीच फसल विविधीकरण के लिए सहयोग की शुरुआत 2007 में हुई जब हिमाचल प्रदेश में खेती की आय में वृद्धि के लिए विविधकृत कृषि पर अध्ययन का उद्घाटन किया गया।
फसल विविधीकरण के लिए पिछले 12 सालों से भी ज्यादा समय से जेआईसीए हिमाचल प्रदेश को अपना सहयोग और समर्थन दे रहा है। साल 2016 में हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण परियोजना के लिए जेआईसीए ने 5001 मिलियन जापानी येन, करीब 300 करोड रुपए के ओडीए ऋण के लिए हस्ताक्षर किए थे। ओडीए परियोजना में लघु सिंचाई सुविधाए खेती के लिए मार्ग और सब्जियों की खेती को बढावा देने की 210 उप.परियोजनाएं है जो प्रत्येक कार्य.स्थल के अंतर्गत कई गांवों के समूहों तक पहुंचती हैं। इसका उद्देश्य सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराते हुए फसल विविधीकरण के ज़रिए किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है।

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