ENGLISH HINDI Wednesday, August 05, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
कोविड-19 के कारण गिरावट दर 9.26 प्रतिशत रहीपंजाब: मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा डिजिटल माध्यम से स्वीप गतिविधियों की शुरूआतश्री राम जन्मभूमि निर्माण की ख़ुशी में सैंकड़ों दिए जलाकर मनाई दीपावलीपेट्रोल— डीजल के थोक और खुदरा विपणन का अधिकार नियमों को बनाया सरलजनशिकायतों निपटारे के लिए आईआईटी कानपुर तथा प्रशासनिक सुधार और लोकशिकायत विभाग के साथ त्रिपक्षीय कराररूड़की में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाए जाने के संबंध में बैठक, 05 सितम्बर तक बिड प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देशधौला कुआं में आईआईएम का शिलान्यास‘आप’ नेताओं संग फार्म हाऊस में कैप्टन को ढूंढने गए मान को किया गिरफ्तार
चंडीगढ़

आधुनिक नवाचारों के साथ पारंपरिक कृषि में आ सकती है स्थिरता :अजय वीर जाखड़

July 03, 2019 09:45 PM

चंडीगढ़, सुनीता शास्त्री।

भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित इनोवेटिव फार्मस मीट के दूसरे संस्करण की कल्मीनेशन सेरेमनी के अवसर पर पंजाब स्टेट फार्मर एंड फार्म वर्कर कमिशन के चेयरमैन अजय वीर जाखड़ ने कहा कि आधुनिक नवाचारों के साथ पारंपरिक कृषि के माध्यम से कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि परिसंघ को अनुसंधान करना चाहिए कि उद्योग किस हद तक जल माध्यमों को प्रदूषित कर रहे हैं और इसके बाद इस समस्या के समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। दूसरी ओर किसानों को सीआईआई के साथ जुड़ कर उद्योगों के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यवस्था के लिए काम करना चाहिए।

कृषि की समस्याओं के समाधान केलिए जैविक खेती जरूरी:सुभाष चंदर कात्याल

सीआईआई के निदेशक डा. राजेश कपूर ने सी बताया कि दूसरे संस्करण में 9 सत्र और अंतिम परिणति समारोह आयोजित किए गए हैं जिसमें 5000 से अधिक किसानों ने भाग लिया और 20 से अधिक कॉर्पोरेट संगठनों ने इसका समर्थन किया। 20 से अधिक एफपीओ के लिए नि: शुल्क स्टॉल प्रदान किए गए और इसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सहित 50 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।कल्मीनेशन सेरेमनी अपने अभिनव विचारों के साथ दूसरे किसानों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने वाले प्रगतिशील किसानों को पुरस्कृत किया गया।

जाखड़ ने कहा कि उनका आयोग सीआईआई से कृषि से संबंधित बजट चर्चाओं में भूमिका निभाने और विभिन्न हितधारकों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने के लिए अनुरोध करेगा। पंजाब के कृषि आयुक्त डा. बलविंदर सिंह सिद्धू ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार तभी काम कर सकते हैं जब हमारे खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी हो। सिद्धू ने सीआईआई को उनके जमीनी स्तर के काम के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी और कृषकों को सशक्त बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि पानी की गुणवत्ता और मात्रा को बनाए रखना सामाजिक जिम्मेदारी के साथ ही राष्ट्रीय चिंता का विषय भी है।हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (हैफेड) के अध्यक्ष सुभाष चंदर कात्याल ने इस अवसर पर किसानों की समस्याओं का समाधान करने के व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए सीआईआई की सराहना की। कत्याल ने कहा कि हरियाणा राज्य में जल संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जैविक खेती को कृषि से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए और ऐसे में जैविक खेती को प्रोत्साहित करना जरूरी है। खेतों में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से हृदय रोग, कैंसर और हार्ट अटैक जैसी कई घातक बीमारियां हो रही हैं। युवा और छोटे बच्चों को कृषि पद्धतियों को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। डा. गुरबचन सिंह फाउंडेशन के संस्थापक डा. गुरबचन सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कि खेती में सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में अपने ज्ञान और अनुभव को मौजूद प्रतिभागियों से सांझा किया। उन्होंने कहा कि अपेक्षित परिवर्तनों को अपनाकर जल संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है।

मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण, फलियों की शुरूआत, एकीकृत खेती, खेतों में पारिस्थितिक क्षेत्र का निर्माण आदि उपाय किसानों के लिए बेहद उत्तम परिणाम वाले साबित हो सकते हैं। उपज की बिक्री, अवशेष जलाना, मौसम परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसे मुद्दों को भी सावधानी के साथ संबोधित किया जाना चाहिए। सीआईआई पंजाब स्टेट काउंसिल के चेयरमैन और महिंद्रा एंड महिंद्रा (स्वराज डिवीजन) के सीईओ हरीश चव्हाण ने सरकार, उद्योग सहित अन्य क्षेत्र से आए गणमान्य प्रतिनिधियों का सीआईआई की ओर से स्वागत किया।

इस अवसर पर उन्होंने दोहराया कि ऐसी बातचीत करने के पीछे प्राथमिक लक्ष्य किसानों का कल्याण, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और राष्ट्र की जीडीपी को बढ़ावा देना है। चव्हाण ने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही अब ध्यान स्थिरता पर रखना जरूरी हो गया है और जल संकट से निपटना समय की आवश्यकता बन गया है।

सीआईआई के निदेशक डा. राजेश कपूर ने सी बताया कि दूसरे संस्करण में 9 सत्र और अंतिम परिणति समारोह आयोजित किए गए हैं जिसमें 5000 से अधिक किसानों ने भाग लिया और 20 से अधिक कॉर्पोरेट संगठनों ने इसका समर्थन किया। 20 से अधिक एफपीओ के लिए नि: शुल्क स्टॉल प्रदान किए गए और इसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सहित 50 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।कल्मीनेशन सेरेमनी अपने अभिनव विचारों के साथ दूसरे किसानों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने वाले प्रगतिशील किसानों को पुरस्कृत किया गया।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और चंडीगढ़ ख़बरें
आनलाइन तीज सेलीब्रेशन मेें काम्या शर्मा ने जीता खिताब तथास्तु चैरिटेबल सोसायटी की बच्चों की चार दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न दड़वा में लागू हुआ प्रधानमन्त्री का "घर-घर जल" मिशन, धर्मेंद्र सिंह सैनी ने आभार जताया सावन के आखिरी सोमवार सेक्टर 46 सनातन धर्म मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ भाई बहन के प्यार का सर्वश्रेष्ठ बंधन रक्षा बंधन महिलाओं ने ओल्ड ऐज होम में बजुर्गों और पुलिस चौकी में पुलिस कर्मियों को बाँधी राखी राखी के मौके घर में रह कर बनाईं सुंदर राखियां सभी ने मनाई एक साथ ईद तो बन गई मिसाल युगदृष्टा लेखक थे प्रेमचंद, अपनी चेतनता एवं चिंतनशीलता से किया सत्य साबित खस्ता हाल सड़कों को लेकर रोष, शीघ्र मुरम्मत की उठी मांग