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पंजाब

पी.एस.पी.सी.एल. के नुक्सान रोकने के लिए कठोर कार्यवाही के लिए निर्देश

July 11, 2019 09:48 AM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटड (पी.एस.पी.सी.एल.) को हो रहे भारी नुक्सान को रोकने के लिए बिजली चोरी के विरुद्ध कठोर मुहिम आरंभ करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में पाकिस्तान और हरियाणा के साथ लगते सरहदी इलाकों पर विशेष ज़ोर दिया है।
मौजूदा सीजन में बिजली की बहुत ज़्यादा माँग के सम्बन्ध में राज्य की बिजली स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली चोरी को रोकने के लिए पी.एस.पी.सी.एल. के साथ काम करने के लिए सम्बन्धित जिलों की जि़ला पुलिस और सिविल प्रशासन को विस्तृत हिदायतें जारी करने के लिए भी मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कुंडी कुनैकशनों के द्वारा बिजली चोरी करने में शामिल भ्रष्ट तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही करने में लगे पी.एस.पी.सी.एल. के स्टाफ को उपयुक्त सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए डी.जी.पी. के साथ तालमेल करने के लिए भी मुख्य सचिव को कहा है।
मीटिंग के दौरान पी.एस.पी.सी.एल. के सी.एम.डी. ने बताया कि शहरी बिजली सप्लाई (यू.पी.एस.) फीडरों में बिजली का अधिक से अधिक नुक्सान सरहदी इलाकों में हो रहा है। भीखीविंड में यह नुक्सान 80 प्रतिशत, पट्टी में 71 प्रतिशत, ज़ीरा में 61 प्रतिशत, पातड़ां में 57 प्रतिशत, बाघापुराना 55 प्रतिशत, तरन तारन में 53 प्रतिशत और अजनाला में 50 प्रतिशत है।
पी.एस.पी.सी.एल. के सब्सिडी बकाए देने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने यह भुगतान समय पर यकीनी बनाने के लिए वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं जिससे बिना किसी विघ्न और कुशलता से बिजली सप्लाई के कार्य को यकीनी बनाने में मदद मिल सके। उन्होंने नियमित समय पर सब्सिडी का भुगतान जारी करने को यकीनी बनाने के लिए भी वित्त विभाग को कहा है।
राज्य के थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की ढीली सप्लाई के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने पी.एस.पी.सी.एल. के सी.एम.डी. को बताया कि उन्होंने पहले ही यह मामला भारत सरकार के पास उठाया है और राज्य में बिजली की निर्विघ्न पैदावार को यकीनी बनाने के लिए कोयले की नियमित और बिना अड़चन सप्लाई के लिए कोल इंडिया लिमिटड को निर्देश देने की विनती की है। उन्होंने पर्यावरण समर्थकी हाईड्रो पावर पैदावार के वैकल्पिक स्रोत के तौर पर शाहपुर कंडी पावर प्रोजैक्ट में तेज़ी लाने के लिए सी.एम.डी को कहा है जिसके नतीजे के तौर पर पी.एस.पी.सी.एल. को हर साल 250 से 300 करोड़ रुपए का वित्तीय लाभ होगा।
सी.एम.डी. ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में बिजली की कुल माँग इस साल जून में 17.78 प्रतिशत बढ़ गई है और पिछले साल के इसी समय के मुकाबले यह आगे और 33.31 प्रतिशत बढ़ गई है। लम्बा समय बारिश न पडऩे और मानसून में देरी के नतीजे के तौर पर ऐसा हुआ है।
पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले इस साल जून में कृषि क्षेत्र में बिजली की उपभोग की माँग 37 प्रतिशत बढ़ी है। यह वृद्धि धान की बिजाई10 दिन पहले होने के कारण हुआ है। यह माँग साल 2019-20 के दौरान अधिक से अधिक 13,633 मेगावॉट है जो कि पिछले साल 12,638 मेगावॉट थी।
मीटिंग में आगे बताया गया कि साल 2018 -19 के दौरान तबादले और टैंडरों के द्वारा राज्य से बाहर 2268 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली बेची गई जो कि आज तक का रिकॉर्ड है। सी.एम.डी. ने आगे बताया कि बिजली के बैंकिंग के प्रबंधन के तहत जम्मू और कश्मीर, आंध्रा प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों को स्टेट पावर यूटिलिटी बिजली बेचती रही है।

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