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राष्ट्रीय

जन भावनाओं को समझने के लिए मन का शुद्धिकरण जरूरी

July 11, 2019 08:21 PM

माउंट आबू, फेस2न्यूज ब्यूरो:
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में प्रशासक सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित सम्मेलन का अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर उदघाटन किया।
उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय सरकार आयुष मंत्रालय के संयुक्त सचिव रोशन जग्गी ने कहा कि जन भावनाओं को समझने के लिए स्वयं के मन का शुद्धिकरण जरूरी है। जनता की समस्याओं के स्थाईसमाधान के लिए प्रशासकों को स्वयं के जीवन को आध्यात्मिक शक्ति से संपन्न करना होगा।सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण प्रशासक आमजन की मनोदशा को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।जनता की उचित अपेक्षाओं को पूर्णकरना व उनके मन की संवदेनाओं को समझना होता है।जनहित के कार्यों को मूर्तरूप देना प्रशासकों का अहम दायित्व होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रशासकों का बेेहतर प्रेरणा स्रोत बताते हुए जग्गी ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान व राजयोग का नियमित अभ्यास करने से वैचारिक धरातल को सकारात्मक शक्ति मिलती है।जिससे कोई भी कार्य को समय पर व सही तरीके से पूर्णकरने का सामथ्र्यपैदा होता है।
ब्रह्माकुमारी संगठन के महासचिव बीके निर्वैर ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि समय और परिस्थितियों को देखते हुए हर व्यक्ति को एक पौधा लगाकर परिवार की तरह उसकी सार-संभाल करनी चाहिए।
उड़ीसा लोकायुक्त डॉ. देबब्रता स्वाईन ने कहा कि विज्ञान और आध्यात्म का संतुलन जरूरी है। बिना अध्यात्म के विज्ञान का उपयोग घातक साबित हो सकता है।उन्होंने चार दशकों से ब्रह्माकुमारी संगठन के नियमों व मर्यादाओं को अमल में लाने का अनुभव सांझा करते हुए कहा कि सही मायने में प्रशासनिक सेवाओं को मूर्तरूप देने के लिए ईमानदारी व निष्ठापूर्वक मानसिकता का होना जरूरी है। इन मूल्यों की बदौलत ही संगठन आज विश्व के पांचों महाद्धीपों में निस्वार्थरूप से सेवा कर सफलता की बुलन्दियों को छू रहा है।
आगरा श्रम न्यायालय पूर्वपीठासीन अधिकारी सीतााम मीना ने कहा कि मन में भाई-भाई की भावना का उदय होने से ही सच्चाई-सफाईसे समाज कल्याण किया जा सकता है। खुद को जानने से ही खुदा से संबंध जोडक़र जीवन में सुख, शान्ति व शक्ति प्राप्त की जा सकती है।

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