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चंडीगढ़

इंजीनियरों की कला कौशल दिखाने का आयोजन , आटोमोटिव इंजीनियरिंग टेलेंट में होगा महा-मुकाबला

July 12, 2019 01:40 PM

चंडीगढ़, सुनीता शास्त्री

महिंद्रा वर्चुअल बाहा एस.ए.ई इंडिया प्रतिस्पर्धा उभरते हुए इंजीनियरों के लिए अपनी कला कौशल को दिखाने के लिए बेहतरीन मंच प्रदान करता है जिसमें उन्हें परियोजना-आधारित दृष्टिकोण के साथ वास्तविक वातावरण में सीखने का एक मौका मिलता है।

ह विचार चितकारा यूनिवर्सिटी के एसोसिएट डायरेक्टर, यूनिवर्सिटी अफेयर्स, कर्नल राकेश शर्मा ने व्यक्त किये। वह यहॉ आटोमोटिव इंजीनियर्स की प्रोफेशनल सोसाइटी एस.ए.ई इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड द्वारा आज संयुक्त प्रेस सम्मेलन में बहुप्रतीक्षित बाहा की 13वीं सीरिज के शुरु होने की घोषणा के अवसर पर आये हुए थे। बाहा एस.ए.ई इंडिया सीरिज के रिडिजाइंड वर्चुअल राउंडस का आयोजन 12 और 13 जुलाई 2019 को चितकारा यूनिवर्सिटी के राजपुरा स्थित पंजाब कैंपस में होगा।

 इस वर्ष होने वाले मुकाबलों में ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सीनियर डायरेक्टर डॉ के.सी. वोरा, आयोजन समिति के अध्यक्ष, एस बलराज पीथमपुर के लिए संयोजक और शोएब सादिक को चंडीगढ़ के लिए संयोजक नियुक्त किया गया है।बाहा एस.ए.ई इंडिया श्रृंखला इंजीनियरिंग छात्रों के बीच एक प्रसिद्ध प्रतियोगिता है, जहाँ छात्र बड़े उत्साह और जुनून के साथ इस कार्यक्रम में भाग लेते हैं। देश भर के 24 राज्यों के विभिन्न इंजीनियरिंग कालेजों की 280 टीमें, प्रत्येक कॉलेज से 25 छात्र, कुल मिला के करीब 6000 छात्र इस प्रतियोगिता मे हिस्सा लेने और अपने नए विचारों के साथ मैदान में उतरेंगे। पंजाब राज्य से भी इस वर्ष 4 टीमें इस प्रतियोगिता में शामिल होंगी।

इस वर्ष, कुल 225 टीमों ने इवेंट के पारंपरिक प्रारूप यानी एम्-बाहा के लिए पंजीकरण किया है और 55 टीमों ने बाहा एस.ए.ई इंडिया के इलेक्ट्रिक संस्करण यानी ई-बाहा को चुना है।प्रतियोगिता में रजिस्टर्ड टीमों को उनके तकनीकी ज्ञान व क्षमताओं को लेकर जांच परख की जाएगी ताकि वे मुख्य प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकें। पिछले सालों की तरह वर्चुअल बाहा 2020 में सभी टीमे अपनी डिजाइन का प्रेसेंटेशन देगी जिसके बाद उनका ऑनलाइन टेस्ट होगा जिसके उनके चयन में बराबरी के नंबर होंगे। इस एवेल्युशन प्रक्रिया में प्रतिभागियों का प्रोजेक्ट प्लान, कांसेप्ट, डिजाइन, सी.ए.ई. विश्लेषण, डिजाइन फेलीयर और उसके प्रभाव, टीम का गठन और रूल बुक व सामान्य मैकेनिकल व आटोमोटिव इंजीनियरिंग के बारे में जानकारियों का परीक्षण होगा, उनके परफारमेंस के आधार पर सलेक्शन के बाद चुनी हुई टीमों को नेशनल आटोमोटिव टेस्टिंग एंड आर एंड डी इनफस्ट्रास्ट्रक्चर्स प्रोजेक्ट नैट्रक्स फैसिलिटी नैट्रिप पीथमपुर, इंदौर और चितकारा यूनिवर्सिटी में होने वाली मुख्य प्रतियोगिता के लिए चुना जायेगा।प्रतियोगिता में प्रत्येक टीम को एक बग्गी नुमा वाहन -ऑल-टेरेन व्हीकल बनाने का कार्य सौंपा जाता है, जिसे मुख्य प्रतिस्पर्धा में उतरने से पहले कई तकनीकी मापदंडों का पालन और निरीक्षणों से गुज़रना पड़ता है । छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वे ऐसे वाहन का डिजाइन करें जिसमें गुणवत्ता और सुरक्षा पहलुओं के साथ साथ मजबूत रोल केज, बेस्ट स्सपेंशन, स्टीयरिंग और ब्रेक हो। कई टीमें बग्गी का वजन 125 किलोग्राम से कम होने का लक्ष्य रखती हैं।

बाहा एस.ए.ई इंडिया श्रृंखला की एक उल्लेखनीय विशेषता हर साल एक नई थीम को अपनाना है। इस वर्ष बाहा 2020 के लिए थीम ब्रेकिंग कन्वेंशनहै। इस मौके पर इस मौके पर बोलते हुए सुबोध मोर्य, हेड मार्केटिंग और पी.आर. बाहा एस.ए.ई इंडिया ने कहा की सन 2007 में अपनी शुरुआत के बाद साल दर साल बाहा इंडिया की लोकप्रियता लगातार बरकरार रखीढ़है। संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ पवन गोयनका (एम.डी, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड) का हमें महत्वपूर्ण समर्थन मिला और उनकी बुद्धिमानी और दूरदर्शिता के माध्यम से यह अभियान एक आशाजनक भविष्य की ओर अग्रसर है। चितकारा यूनिवर्सिटी ने इसमें अपना सहयोग बढानें का एलान किया और इस वर्ष से बाहा एस.ए.ई इंडिया 2020 के दुसरे चरण का आयोजन चितकारा यूनिवर्सिटी पंजाब के विशाल कैंम्पस में होगा।बाहा एस.ए.ई इंडिया 2020 के फाइनल मुकाबले नैट्रक्स फैसिलिटी नैट्रिप पीथमपुर, इंदौर में 23 से 26 जनवरी 2020 में आयोजित होंगे, इसके बाद 27 और 28 जनवरी 2020 को एचआर की बैठक होगी। बाहा एस.ए.ई इंडिया 2020 के 13वें संस्करण का दूसरा भाग, चितकारा यूनिवर्सिटी में 5 मार्च से 8 मार्च, 2020 तक निर्धारित किया गया है, इसके बाद 9 मार्च 2020 को की बैठक होगी।जहा तक ई-बाहा का सवाल है, देश में बहुत तेजी से आगे बढऩे वाली ई-मोबिलिटी तकनीक सीखने के लिए अधिक से अधिक टीमें भाग लेने के लिए तैयार हो रही हैं। विद्युत गतिशीलता को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में काम करने के लिए मानव संसाधन विकसित करने के लिए, एस.ए.ई इंडिया ने सभी नई ई-बाहा टीमों को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। एस.ए.ई इंडिया अधिक महिला इंजीनियरों की टीम, गैर-यांत्रिक पृष्ठभूमि से छात्रों की टीम, सभी राज्यों के छात्रों की एक टीम आदि ऐसी कई तरह की विविधताओ का भी समर्थन करती हैं एस.ए.ई इंडिया 2020 में अपनी रजत जयंती मनाएगा और सन 2021 से तीन स्थानों पर बाहा का संचालन करने की योजना बना रहा है।

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