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पंजाब

छत्तबीड़ चिड़ियाघर से 7 डेली वेज कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के विरोध में लगाया धरना, झुका जु प्रबन्धन

July 12, 2019 08:16 PM
ज़ीरकपुर, जे एस कलेर:
छत्तबीड़ चिड़ियाघर में से 7 डेली वेज कर्मचारियों को नौकरी से अचानक निकल कर देने पर वन वर्कर यूनियन कर्मचारियों ने चिड़ियाघर के डायरैक्टर के दफ़्तर आगे रोश प्रदर्शन कर चिड़ियाघर प्रशासन के आधिकारियों और डायरैक्टर ख़िलाफ़ ज़ोरदार नारेबाजी की और माँग की कि डेली वेज कर्मचारियों को जिस वजह कारण नौकरी से निकाला गया है, के बारे जानकारी दी जाये और इन कर्मचारियों को फिर से नोकरी पर बहाल किया जाये।

धरने का नेतृत्व कर रहे अमरीक सिंह वन वर्कर यूनियन के राज्य स्तरीय प्रधान ने बताया कि कुछ दिन पहले चिड़ियों घर में काम करते डेली वेज के वर्कर्स को बिना वजह निकाल दिया गया था जिस पर उन्होंने आज यह धरना लगाया था। उन्होंने बताया कि छत चिड़ियों घर के डेली वेज वरकरें ने कुछ दिन पहले ही हमारी यूनियन को अपना समर्थन दिया था जिस कारण प्रशासन उनके साथ वैर विरोध रखने लग पड़ा और छत इकाई के प्रधान सहित  7 वर्कर्स को नोकरी से निकाल दिया गया था। 

धरने का नेतृत्व कर रहे अमरीक सिंह वन वर्कर यूनियन के राज्य स्तरीय प्रधान ने बताया कि कुछ दिन पहले चिड़ियों घर में काम करते डेली वेज के वर्कर्स को बिना वजह निकाल दिया गया था जिस पर उन्होंने आज यह धरना लगाया था। उन्होंने बताया कि छत चिड़ियों घर के डेली वेज वरकरें ने कुछ दिन पहले ही हमारी यूनियन को अपना समर्थन दिया था जिस कारण प्रशासन उनके साथ वैर विरोध रखने लग पड़ा और छत इकाई के प्रधान सहित  7 वर्कर्स को नोकरी से निकाल दिया गया था। जब इस संबंधित उन्होंने प्रशासन से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई भी ठोस जवाब नहीं दिया जिसके बाद में उनकी यूनियन द्वारा धरने का दिन निर्धारित कर उन को एक चिट्ठी के द्वारा सूचित भी किया था। परन्तु उन्होंने माँग पत्र लेने से इन्कार कर दिया गया और यूनियन के वर्कर्स ने वह माँग पत्र डी.एफ.एस.ओ के दफ़्तर सामने चिपका कर धरनें की जानकारी दे दी थी।
इस मौके वन वर्कर यूनियन के मोहाली प्रधान ने डायरैक्टर व अधिकारियों पर भ्रष्टाचारी होने तक के आरोप भी लगाए । उन्होंने आरोप लगाया कि 7 कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस /कारण से निकाला गया है, और प्रबंधकों की ओर से जानवरों के रख रखाव और किये जा रहे विकास कार्यों में बड़े स्तर पर भ्र्ष्टाचार किया जा रहा है, जिस कारण वह परेशान हैं। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि चिड़ियाघर के आधिकारियों की ओर से कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार भी किया जा रहा है।
कर्मचारियों की ओर से दिए जा रहे धरने संबंधित आधिकारियों की ओर से पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसके बाद भारी  पुलिस फोर्स भी धरनाकारियें के पास पहुँची और धरना उठाने के लिए दबाव बनाया परन्तु प्रदर्शनकारियों नें कहा जब तक निकाले गए कर्मचारियों को फिर से  बहाली नहीं की जाती वह धरना समाप्त नहीं करेंगे।
आख़िरकार शाम को चिड़ियाघर के आधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के धरने को उग्र होता देख डायरैक्टर एम सुधाकर ने अपना फ़ैसला बदल कर निकाले गए कर्मचारियों को फिर बहाल करने के आदेश के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। इस मौके छिन्दरपाल पाल, सुरिन्दर कुमार पंजाब लघु उद्योग डेराबस्सी, वर्कर के स्टेट नेता मंगत राम, सुरेश कुमार मोहाली प्रधान, प्रकाश सिंह, अजमेर सिंह लोंगिया, शिव कुमार नूरपुर बेदी, जगसीर, बलबीर सिंह मंडोली, दरसन सिंह बेलु वाइस प्रधान पंजाब, जसवीर सिंह और चरनजीत सिंह के इलावा वन वर्कर यूनियन छतबीड़ यूनियन के बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।
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