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हरियाणा

10 साल से ज्यादा पुराने प्रदूषण फैलाने वाले ऑटोरिक्शा नहीं चल सकेंगे

July 14, 2019 02:00 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
गुरुग्राम में अब 10 साल से ज्यादा पुराने प्रदूषण फैलाने वाले ऑटोरिक्शा नहीं चल सकेंगे। यदि चलते पाए गए तो इन ऑटोरिक्शा को जब्त किया जाएगा। इसके अलावा, गुरुग्राम शहर में अनधिकृत रूप से चलाए जा रहे ऑटोरिक्शा के लिए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस तथा क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण को मिलकर 10 दिन में योजना बनाकर मुख्यमंत्री के पास भिजवाने के निर्देश दिए गए। यह योजना तैयार करने की जिम्मेदारी पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल को दी गई है।
ये आदेश हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा गुरुग्राम में जिला लोक परिवाद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए गए। इस बैठक में कुल 11 मामले रखे गए, जिनमें से अधिकांश का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया।
बैठक में गुरुग्राम के क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार ऑटोरिक्शा पर फेयर मीटर लगाने के लिए 30 मई 2019 को परिवहन विभाग द्वारा नए मीटर लगाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी की गई है और जिसके लिए विभाग द्वारा जल्द ही नए मीटर लगाने को लेकर टैंडर किए जाएंगे। श्री रजा ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा जिला में 145 ऑटों के चालान किए गए हैं और 10 साल पुराने ऑटो जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना पाए गए 5166 ऑटो के और निर्धारित क्षमता से ज्यादा सवारी बिठाने पर 2,46,489 चालान किए गए।
एक अन्य शिकायत का निपटारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ते का लाभ लेने के लिए आयु के प्रमाण के तौर पर यदि आवेदक 10वीं कक्षा पास नहीं है तो हरियाणा प्रदेश के स्कूल द्वारा दिया गया स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट मान्य होगा। अगर सर्टिफिकेट गलत पाया गया तो जारीकर्ता के खिलाफ कार्यवाही होगी। मुख्यमंत्री के इस फैसले से प्रदेश के उन सभी व्यक्तियों को लाभ होगा जिनके पास वृद्धावस्था सम्मान भत्ता लेने के लिए आयु का कोई प्रमाण नहीं था। मुख्यमंत्री ने इस बारे में राज्य स्तर पर पॉलिसी बनाने के भी आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। यह मामला गांव दरापुर के एक निवासी ने उठाया था जिसका कहना था कि उसके पास 9वीं कक्षा का स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट है जिसमें उसकी जन्मतिथि 4 अप्रैल 1958 दर्शाई गई है। मौके पर ही जिला समाज कल्याण अधिकारी को उसके सर्टिफिकेट के आधार पर उसे वृद्धावस्था सम्मान भत्ते का लाभ देने के आदेश दिए गए।
नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लगाई गई एक शिकायत का निपटारा करते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम क्षेत्र में नागरिकों की स्वच्छता कमेटी बनाकर सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। यह कमेटी रेजिडेंट वैलफेयर एसोसिएशन के साथ तालमेल करके सफाई के लिए नियमावली बनाएगी और सफाई कार्य पर नजर रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए उनके कार्य स्थल पर ही आने के समय तथा वापसी के समय बायोमीट्रिक हाजिरी लगाई जाएगी, जिस पर आरडब्ल्यूए निगरानी रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सफाई ठेकेदार ने जितने सफाई कर्मचारी लगाने है उतने वहां लगे हैं या नहीं। यह मामला सैक्टर-15 पार्ट 1 के एक निवासी द्वारा उठाया गया था, जिसका जवाब देते हुए नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि वहां पर 20 सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं तथा उस क्षेत्र में बंद के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है जिसका मलबा लगातार उठवाया जा रहा है।
जिला के गांव खोड़ में ग्रामीण डाक सेवा योजना के तहत उप-डाकघर खोलकर उसमें पैसा जमा करवाने वाले कुछ लोगों के पैसों का गबन करने के आरोपी गोबिंद के खिलाफ आज मुख्यमंत्री ने एफआईआर दर्ज करके कार्यवाही करने के आदेश दिए। इस मामले में गांव खोड़ निवासी एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके गांव में शाखा डाकघर खुला हुआ है जोकि उप डाकघर नानूकलां से जुड़ा हुआ है। इस डाकघर में गांव के करीब 300 लोगों ने खाते खुलवाए और आरडी करवाई जिसके लिए वहां तैनात कर्मचारी गोबिंद ने उन्हें पासबुक भी दी लेकिन डाकघर के रिकॉर्ड में उनका एक भी पैसा जमा नहीं हुआ। मुख्य डाकघर की अधिकारी ने बताया कि शाखा डाकघर खोड़ के खातों के बारे में कई शिकायतें मिलने पर जांच की गई जिसमें पाया गया कि वहां खोले गए 314 खातों में से 197 खातों में गबन हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक डाकघर द्वारा 154 मामलों को सैटल भी कर दिया गया है।
एक अन्य मामले का निपटारा करते हुए मुख्यमंत्री ने फरूखनगर के कलावती अस्पताल द्वारा वहां पर जन्मे बच्चों की सूचना जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सही समय पर नहीं भेजने के मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। यह मामला गांव पातली हाजिपुर निवासी द्वारा उठाया गया था। उसके यहां 26 जून 2018 को 2 बच्चों का जन्म कलावती अस्पताल में हुआ था लेकिन उसे अलग अलग स्तर पर शिकायतें करने के बाद बहुत समय बाद जन्म प्रमाण पत्र तैयार होकर मिला है। मामले की जांच के उपरांत फरूखनगर नगरपालिका सचिव ने बताया कि अस्पताल ने बच्चों के जन्म की सूचना भेजने में अनावश्यक देरी की है, जिसकी वजह से शिकायतकर्ता को परेशानी हुई है।

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