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राष्ट्रीय

सरकार ने रोजगार नहीं घर-घर बेरोजगारी बढ़ाई: भगवंत मान

July 16, 2019 12:57 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रधान और सांसद भगवंत मान ने राज्य में बेकाबू हुई बेरोजगारी की समस्या के लिए पंजाब और केंद्र की सरकार की लारेबाजी और नौजवान विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
पार्टी द्वारा जारी बयान में भगवंत मान ने कहा कि चुनाव से पहले मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी ने नौजवान पीढ़ी को रोजग़ार देने के बड़े-बड़े वायदे किए परंतु दोनों ही नेताओं ने सत्ता संभालने के उपरांत नौजवान पीढ़ी की पीठ में छुरा मारा और अपने वायदों से पलट गए।
मान ने मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को घेरते कहा कि घर-घर नौकरी देने का लिखित वायदा करने वाले कैप्टन अमरिन्दर सिंह अपने वायदे से पलट गए हैं। उल्टा बठिंडा थर्मल प्लांट और सेवा केंद्र बंद करके हजारों लोगों का कच्चा-पक्का रोजगार भी खा गए।
यही कुछ केंद्र की मोदी सरकार ने किया है। जनतक क्षेत्र के विभागों को ताला लगा कर निजीकरण की नीतियों को थोपा जा रहा है। हर साल 2 करोड़ का वायदा करके 2014 से 2019 तक मोदी सरकार ने बेरोजगारी को गंभीरता के साथ ही नहीं लिया। नतीजे के तौर पर देश में बेरोजगारी की दर ने सभी रिकार्ड तोड़ दिए। बावजूद इसके मोदी सरकार ने अपने हालिया बजट में बेरोजगारी को एजंडे पर ही नहीं रखा।
मान ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की ऐसी नौजवान विरोधी नीतियों का भुगतान सबसे अधिक ग्रामीण और दलित वर्ग के साथ सम्बन्धित नौजवानों को भुगतना पड़ रहा है। भगवंत मान ने मोगा और संगरूर जिले के नौजवान लडक़े लड़कियों का हवाला देते कहा कि बी.ए., बीएससी, कंप्यूटर कोर्स और एम.एस.सी के पास पढ़े लिखे नौजवान संगरूर के गांवों में दिहाड़ी पर धान की फसल लगा रहे हैं। जबकि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी मोगा जिले में अपनी डायट (खाना) के खातिर धान की फसल लगाने के लिए मजबूर हैं। यह हाल पंजाब के हर गांव व शहर का है। भगवंत मान ने कहा कि उनकी पार्टी सैद्धांतिक तौर पर कच्चे, ठेका पर आधारित और आउट सोर्सिंग भर्ती के सख्त खिलाफ है और कैप्टन सरकार से मांग करती है कि सभी सरकारी विभागों में खाली पड़े सैंकशन्ड पोस्टें न केवल बढ़ाईं जाएं बल्कि आबादी और काम का बोझ बढऩे के हिसाब से अन्य पद विकसित किए जाएं। मान ने कहा कि 58 साल के बाद 2 साल का सेवा विस्तार को तुरंत बंद करके नौजवानों को मौका दिया जाए।
इसके इलावा पंजाब को पहाड़ी राज्यों की तरह विशेष इंडस्ट्री पैकेज दे कर औद्योगिक बहाली की जाए और ब्लाक स्तर तक प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किए जाए।

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