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हिमाचल प्रदेश

प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा पर दिया जा रहा बलः सुरेश भारद्वाज

July 27, 2019 08:38 PM

धर्मशाला (विजयेन्दर शर्मा)।

शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा प्रदेश में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं। वे आज शनिवार को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2019 पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा आयोग के गठन को गुणात्मक शिक्षा के लिए जरूरी बताया गया। उन्होंने बताया कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हर प्रयास कर रही हैै। उन्होंने बताया कि स्कूल-कॉलेजों में रोजगारन्मुखी और तकनीक आधारित शिक्षा देने पर भी बल दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में शिक्षा को रोजगार से जोड़ना अनिवार्य है और शिक्षा को रोजगारपरक बनाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को प्रारम्भिक स्तर से ही गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं तथा इस दिशा में कई योजनाएं शुरू की गई हैं।

शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2019 पर एक दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा नीति को लेकर सुझाव आया है कि भारत की हिमालयन राज्यों के लिए अलग से नीति बने। इसके लिए जल्द ही एक सेमिनार आयोजित करने की योजना है जिसमें उतराखंड, जम्मू व हिमाचल प्रदेश आदि हिमालयन राज्यों के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव तथा शिक्षाविदों से चर्चा की जाएगी।

 
 
उन्होंने कहा कि उच्चतर शिक्षा में गुणवत्ता तथा उसके रोजगारपरक बनाने के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है। प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर स्वावलम्बी बनाया जा सके। उन्होंने शिक्षा में सुधार लाने के लिए सरकार की वचनबद्धता को दोहराया।शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा नीति को लेकर सुझाव आया है कि भारत की हिमालयन राज्यों के लिए अलग से नीति बने। इसके लिए जल्द ही एक सेमिनार आयोजित करने की योजना है जिसमें उतराखंड, जम्मू व हिमाचल प्रदेश आदि हिमालयन राज्यों के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव तथा शिक्षाविदों से चर्चा की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी एव निजी विद्यालयों के परिसरों के आस-पास उपलब्ध भूमि पर पौधे लगाने के लिए विद्यार्थियों को शामिल करने की योजना बनाई गई है। विद्यार्थी वन मित्र योजना के तहत स्कूलों के सभी विद्यार्थी पांच-पांच पौधे लगाएंगे और विद्यार्थी ही इन पौधों की देखभाल करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को पौधरोपण में भागीदार बनाना और प्रदेश में हरित क्षेत्र को बढ़ाना है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को वनों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 3391 स्कूलों मेें नर्सरी व केजी की कक्षाएं शुरू की गई हैं तथा 350 स्कूलों में इस बार शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जगह की उपलब्धता होगी तो प्री-प्राइमरी व आंगनबाड़ी कक्षाएं एक साथ भी चलाई जा सकती हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार किया जा रहा है। सरकार स्कूलों में शिक्षा पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा को सम्मिलित करने की दिशा में प्र्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि युवा पीढ़ी संस्कारवान बने। उन्हें बड़े-बजुर्गों के प्रति आदर का भाव हो ओर उनके प्रति अपने कर्तव्य का भान रहे। यह सब अच्छी शिक्षा से ही संभव है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड पूरे देश में अपना विशेष स्थान रखता है तथा इसकी रैंकिंग को बनाये रखने के लिए तथा इस स्तर को और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। देश में नकल की बीमारी को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से समस्त परीक्षा केन्द्रों में सीसीटीवी कैमरा लगाए गये हैं एवं उनके संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होेंने कहा कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड पूरे देश में पहला बोर्ड है जहां शत-प्रतिशत परीक्षा केन्द्रों में नकल रोकने के लिए सीसीटी कैमरे लगाए गये हैं।

उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड ने नकल की प्रवृति को रोकने के लिए बोर्ड द्वारा 4 करोड़ रूप्ये का डिजिटल प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ.सुरेश कुमार सोनी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विस्तृत जानकारी दी। बोर्ड के सचिव धर्मेश रामोत्रा ने शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों बारे अवगत करवाया।

अध्यक्ष उच्च शिक्षा परिष्द सुनील गुप्ता, हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम से प्रो0 राम कुमार, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा रोहित जम्बाल, सदस्य शिक्षा बोर्ड जुगवीर चन्देल, पूजन सांख्यान, उप सचिव शिक्षा बोर्ड अंजलि सैणी, शिक्षक महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन कुमार ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने सुझाव दिये। इस दौरान कार्यशाला में उपस्थित शिक्षाविदों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा की। इस अवसर पर विभिन्न सकूलों के प्रधानाचार्य तथा स्कूल शिक्षा के अधिकारी तथा प्रतिनिधि शामिल थे।

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