ENGLISH HINDI Friday, December 06, 2019
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
फरएवर फ्रेंड्स संस्था ने उठाया नयागांव पशु क्रूरता का मुद्दापॉस्को एक्ट के तहत होने वाली घटनाओं के दोषियों को दया याचिका के अधिकार से वंचित किया जाए: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंदसीएमओ दफ़्तर का इंस्पेक्टर और वाहन चालक रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू, मिलीभगत में शामिल डीएचओ फरार।मोहाली को विश्व का पहला स्टार्टअप केंद्र बनाने की वकालत कीयुवक को अज्ञात लोगों ने अगवा कर अधमरा कर रेलवे लाइनों के फैंकापुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थीजीएम के आगमन के चलते दुल्हन की तरह सजा रेलवे स्टेशन पेश कर रहा मेट्रो स्टेशन का नजारासूखे दरख्तों की कटाई या हरे वृक्षों पर कुल्हाड़ी
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री द्वारा हिम प्रगति पोटर्ल के तहत परियोजनाओं की समीक्षा, सभी संबंधित विभागों को समय पर आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान करने के निर्देश

July 27, 2019 09:04 PM

शिमला  (विजयेन्दर शर्मा)।

राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को व्यापक बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिछले कुछ महीनों में 27,515 करोड़ के निवेश की 228 परियोजनाओं के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में निवेशक राज्य में निवेश करने के लिए आगे आए हैं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां हिम प्रगति पोटर्ल की द्धितीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध आधार पर पूरा करने तथा उनकी गुणवत्ता पर नजर रखना बड़ा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अक्तूबर माह से राज्य सरकार द्वारा आरम्भ हिम प्रगति पोटर्ल इस दिशा में वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह पोटर्ल निवेशकों की समस्याओं को हल करने तथा परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृतियां प्रदान करने में भी मदद्गार सिद्ध हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध आधार पर पूरा करने तथा उनकी गुणवत्ता पर नजर रखना बड़ा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अक्तूबर माह से राज्य सरकार द्वारा आरम्भ हिम प्रगति पोटर्ल इस दिशा में वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह पोटर्ल निवेशकों की समस्याओं को हल करने तथा परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृतियां प्रदान करने में भी मदद्गार सिद्ध हो रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह एक ऐसा नवाचार पोटर्ल है, जहां निवेशक अपनी परियोजनओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को निवेशकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उन्हें तीव्र स्वीकृतियां प्रदान करने का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को इस पोटर्ल के तहत यूजर नेम व पासवर्ड दिए जाएंगे ताकि वे अपनी समस्याओं को बेहतर ढंग से उठा सकें तथा उनके प्रस्तावों पर संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई भी जान सकें।

जय राम ठाकुर ने कहा कि उद्यमियों को सुविधा प्रदान करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी तथा ऐसा करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अभी हाल ही में राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रोड़ शो आयोजित किए हैं, जिनके बड़े सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व भर के अग्रणी औद्योगिक घरानों ने प्रदेश में निवेश की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयास फलीभूत होंगे तथा 7 व 8 नवम्बर को आयोजित की जा रही ग्लोबल इन्वेसटर मीट के लिए निर्धारित  85 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। 

जय राम ठाकुर ने पर्यटन विभाग को विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए ‘लैंड बैंक’ बनाने के निर्देश दिए क्योंकि पर्यटन परियोजनाओं के लिए भूमि की आवश्यकता मुख्य मापदण्ड है। उन्होंने राजस्व विभाग को प्रॉपर्टी डिलरों के साथ उपलब्ध भूमि को चिन्हित करने के लिए बैठक आयोजित करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा समझौता ज्ञापनों की प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग विभाग को भूमि विकास के लिए सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के मामले सरकार को प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीसीपी विभाग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र का ज्यादा औचित्य नहीं है, क्योंकि इससे विकासात्मक परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए अनावश्यक विलम्ब हो रहा है।

जय राम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग को मनाली के समीप सासे हैलीपैड के निर्माण कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए तथा कहा कि इसके लिए सरकार ने रक्षा मंत्रालय से पहले ही स्वीकृति प्राप्त कर ली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस हैलीपैड से रोहतांग पास के लिए जॉय राईड आरम्भ करने की योजना बनाई है, जिसके लिए हैलीकॉप्टर खरीद लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से पर्यटकों को अतिरिक्त आकर्षण उपलब्ध हो सकेंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रथा को बन्द करने पर भी विचार करेगी, क्योंकि इससे विकास परियोजनाओं को आरम्भ करने में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने अपने बहुमूल्य सुझाव देते हुए कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए प्रभावी कदमों से निवेशकों को प्रदेश में परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने में सुविधा होगी।

मुख्य सचिव बी.के. अग्रवाल ने जानकारी दी कि उद्योग विभाग द्वारा 122 परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें से 57 परियोजनाओं पर कार्य भी आरम्भ हो चुका है। उन्होंने निवेशकों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन्हें परियोजनाएं लागू करने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी और उनकी आपत्तियों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकान्त बाल्दी ने बैठक की कार्रवाई संचालित की। उन्होंने कहा कि यह बैठक ‘ईज-ऑफ-डूईंग बिजनेस’ सुनिश्चित करने की दृष्टि से बड़ी महत्वपूर्ण है। 

अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुडु, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, विभागाध्यक्ष व राज्य में निवेश करने वाले उद्योग घरानों के प्रतिनिधि भी इस बैठक में उपस्थित थे।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हिमाचल प्रदेश ख़बरें
सालाना समारोह कुलजा माता मंदिर के प्रांगण में श्रद्धा एंव उल्लास के साथ संपन्न मोंडेलेज इंडिया के राष्ट्रीय सीएसआर कार्यक्रम प्रधानमंत्री को हिमाचली टोपी पहनाना दस लाख रुपये में पड़ा : कुलदीप राठौर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन मेंबर रचना गुप्ता की गलोबल इन्वैस्टर मीट में मौजूदगी से मचा बवाल आरसीईपी में शामिल ना होना किसानों, नौजवानों और एमएसएमई के हक़ में: ठाकुर कांग्रेस सरकार के समय पुनर्नियुक्तियों पर आलोचना करने वाली भाजपा आज उसी रास्ते पर चली-दीपक शर्मा पालमपुर को शीघ्र दिया जाएगा नगर निगम का दर्जा: सरवीन चौधरी हिमाचल में क्या राजनीतिक नेतृत्व ख़त्म हो चुका जो पीएम और केंद्रीय मंत्रियों से अफ़सर बैठकें कर रहे: महेश्वर चौहान ई कॉमर्स के अनैतिक व्यापार ने तोड़ी व्यापारियों की कमर पर्यावरण को बचाने के लिए निकाली रैली