ENGLISH HINDI Wednesday, August 21, 2019
Follow us on
हिमाचल प्रदेश

धवाला के तेवर पड़े नरम लेकिन विरोधियों का हैशटैग के साथ अभियान

July 31, 2019 07:47 PM

ज्वालामुखी, (विजयेन्दर शर्मा)

    भाजपा संगठन मंत्री पवन राणा व विधायक रमेश धवाला के बीच पनपे विवाद के बाद सीएम के दखल देने से अब धवाला के तेवर कुछ नरम पड़े हैं। धवाला ने अब दिल्ली जाकर शिकायत करने के बजाये सीएम जय राम ठाकुर से ही मामले को हल करवाने का फैसला लिया है। लिहाजा धवाला अब वेट एंड वाच की राजनिति पर चल पड़े हैं।

इससे पहले धवाला ने दिल्ली जाकर पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलकर अपनी बात रखने का फैसला लिया था। लेकिन धवाला ने अपने तेवरों में नरमी लाते हुये सीएम की ओर से दिये आशवासन के पूरा होने का इंतजार करने का फैसला लिया है। रमेश धवाला ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ पीटरहॉफ शिमला में बंद कमरे में हुई बैठक में अपने मन की बात कह दी थी। धवाला ने उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा के भ्रष्टाचार में सलिप्त होने का आरोप लगाते हुये उन्हें हटाने व उनके ज्वालामुखी कालेज में प्रिंसिपल के तौर पर तैनाती के दौरान किये गये निर्माण कार्यों की विजिलेंस जांच के साथ साथ ज्वालामुखी कालेज के एक शिक्षक को नौकरी दिये जाने की जांच की मांग है। धवाला चाहते हैं कि ज्वालामुखी का अस्पताल भी शिफ्ट होकर बस अड्डे के पास आये। और कांग्रेस राज में ज्वालामुखी कालेज में बनाये गये साईंस ब्लाक के निर्माण की भी विजिलेंस जांच हो। वहीं ज्वालामुखी मंडल भाजपा की शिफारिश पर पार्टी से निकाले गये तीन लोगों पर प्रदेश भाजपा भी कार्रवाई करे।

उधर, धवाला के तेवरों में आई नरमी के बावजूद संगठन मंत्री पवन राणा के समर्थकों ने धवाला के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। जिससे लगता है कि मामला आसानी से खत्म होने वाला नहीं है। पवन राणा के समर्थन में संगठन के अंदर से आवाज उठने लगी है।

हाल यह है कि पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर ‘मैं पवन राणा के साथ’ हैशटैग के साथ अभियान तेज कर दिया है। वैसे तो यह अभियान राणा के समर्थन में है लेकिन ऐसे समय पर यह शुरू हुआ है, जब धवाला और राणा के बीच का विवाद सर्वविदित है। चूंकि संगठन का काम गुटबाजी रोकना होता है लेकिन यहां गुटबाजी संगठन के ही पदाधिकारी के पक्ष में हो रही है। ऐसे में धवाला गुट ने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष से अपनी नाराजगी जता दी है।

वहीं, विवादों का केंद्र बने कांगड़ा के संसदीय पालक व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें विभिन्न मुद्दों को लेकर तलब किया था। बैठक के दौरान कांगड़ा में चल रहे सियासी बवाल और स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार व अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने परमार के रवैये को लेकर असंतोष जताया था। संगठन की ओर से पालक बनाए जाने के चलते उन्हें हर हाल में विवाद को खत्म करने के लिए प्रयास करने के लिए कहा गया। साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए निर्देश दिए गए।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और हिमाचल प्रदेश ख़बरें