ENGLISH HINDI Friday, December 06, 2019
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
पॉस्को एक्ट के तहत होने वाली घटनाओं के दोषियों को दया याचिका के अधिकार से वंचित किया जाए: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंदसीएमओ दफ़्तर का इंस्पेक्टर और वाहन चालक रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू, मिलीभगत में शामिल डीएचओ फरार।मोहाली को विश्व का पहला स्टार्टअप केंद्र बनाने की वकालत कीयुवक को अज्ञात लोगों ने अगवा कर अधमरा कर रेलवे लाइनों के फैंकापुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थीजीएम के आगमन के चलते दुल्हन की तरह सजा रेलवे स्टेशन पेश कर रहा मेट्रो स्टेशन का नजारासूखे दरख्तों की कटाई या हरे वृक्षों पर कुल्हाड़ीसुखबीर बादल को भी राजोआना के साथ जेल में बिठाने पर ही होगा पंजाब का माहौल शांत: सिंगला
चंडीगढ़

28 सप्ताह के नवजात बच्चे का इलाज कर पूरी तरह से स्वास्थ किया

August 01, 2019 11:12 AM

चंडीगढ़, सुनीता शास्त्री: भारत व खासकर हरियाणा में जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी पारस बलिस अस्पताल पंचकूल के डॉक्टरो की टीम ने चंडीगढ़ में पत्रकारों को बताया कि अस्पताल के बाल रोग विभाग डायरेक्टर डा. ओ.एन. भाकू, बाल सर्जरी विभाग के डायरेक्टर के.एल.एन.राओ, सीनियर कंस्लटेंट डा. रजिंदर शैट्टी व कंसलटेंट डा. सौरभ गोयल मौजूद थे। डा. ओ.एन. भाकू ने इस अवसर पर संबोधन करते हुए कहा कि दुनिया भर में हर वर्ष 5 साल से कम उम्र के 66 लाख बच्चों की मौत हो जाती है, जिनमें से 44 प्रतिशत बच्चे जन्म से पहले 28 दिनों (न्यूनेटल के समय) मर जाते है। उन्होंने बताया कि भारत में यह दर 54 प्रतिशत है। दुनिया भर में जन्म लेने वाले बच्चों का पांचवा हिस्सा भारत में पैदा होता है, जबकि प्रेगनैंसी के बाद एक चौथाई मौतें भी भारत में होती हैं।उन्होंने कहा कि भारत में हर साल 7 लाख 60 हजार नवजात बच्चों की मौत हो जाती है, जिनमें से 70 प्रतिशत बच्चों की मौत जन्म के पहले 4 सप्ताह दौरान हो जाती है। डा. सौरभ गोयल ने पत्रकारों को बताया कि हाल ही में पीजीआई चंडीगढ़ में तीन बच्चों ने समय से पहले जन्म लिया, जिनमें से एक बच्चे का वजन एक किलो से भी कम था तथा उसको पारस बलिस अस्पताल भेजा गया, जहां बाल चिकित्सा का विशेष प्रबंध है। उन्होंने बताया कि इस बच्चे के कामयाब इलाज के बाद जब उसका वजन डेढ़ किलोग्राम से बढ़ गया अस्पताल से छुट्टी दी गई। उन्होंने कहा कि बदकिस्मती से उसके साथ पैदा हुए दूसरे दो बच्चों की किसी अन्य अस्पताल में मौत हो गई। डा. के.एल.एन राओ ने इस अवसर पर संबोधन करते हुए बताया कि नवजात बच्चों में भोजन की नली तथा स्वास नली के संगम, आतंड़ी, हर्निया जैसी समस्याएं अकसर आ रही हैं, जिनको एमरजैंसी सर्जरी की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि पारस बलिस अस्पताल में नवजात बच्चों के आप्रेशन किए जाते हैं तथा बच्चे तंदरूस्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पारस बलिस अस्पताल के पास अंबाला, यमुनानगर, पटियाला, करनाल, सोलन तथा नालागढ़ इलाकों में वेंटीलेटड एंबूलैंस का भी प्रबंध है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और चंडीगढ़ ख़बरें
बढ़ती हुई रेप एवं हत्याओं की वारदातों के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया युवाओं ने स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट के खिलाफ एकजुट हुए वेंडर्स: नगर निगम के खिलाफ मुंह पर काला कपड़ा बांध किया साइलेंट प्रोटेस्ट संघर्ष विकास सभा ने डॉ. प्रियंका रेड्डी को श्रद्धांजलि दी : आरोपियों को जल्द फांसी देने की मांग भी की गांव दडुआ में हाईटेंशन तारों को हटाने का काम शुरू, सांसद किरण खेर का धन्यवाद किया धर्मेंद्र सैनी ने हैदराबाद काण्ड : चण्डीगढ़ शिव सेना द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन रैन बसेरों का जल्द प्रबंध करने के लिए प्रशासक को पत्र लिखा युवा कांग्रेस ने 42660 रूपये के डिजिटल भुगतान पर 535 रुपया का बैंक चार्ज, पेयूमनी एवं खालसा कॉलेज चंडीगढ़ को 10 हजार रूपये का जुर्माना राज्यपाल ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की राजभाषा पत्रिका ‘‘हिन्दी गौरव‘‘ के तृतीय अंक का किया विमोचन वायु प्रदूषण को किया जा सकता है नियंत्रित: स्टार्टअप इंडिया प्रोजेक्ट के तहत दो युवा दोस्तों ने किया इसे इज़ाद पुनर्वास कॉलोनी में मकानों क़े आगे पानी भरने से बना तालाब