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हिमाचल प्रदेश

श्रावण अष्टमी मेला की शुरूआत

August 02, 2019 01:15 PM

ज्वालामुखी, (बिजेन्दर शर्मा) सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में श्रावण अष्टमी मेला का धार्मिक श्रद्धा एवं उल्लास के साथ शुभारंभ हो गया। मंदिर न्यास के चैयरमेन एसडीएम अंकुश शर्मा ने पूजा अर्चना कर कन्या पूजन किया। श्रावण मेलों के पहले दिन ही दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर में पहुंचना शुरू हो गए हैं। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो पाया है।
श्रावण अष्टमी मेला के चलते गुरूवार बड़े सवेरे से ही श्रद्धालु ज्वालामुखी मंदिर में जुटने शुरू हो गये थे। दर्शनों के लिये जुटे श्रद्धालु कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते देखे गये। श्रावण माह में लगने वाले इस मेला में ज्यादातर पंजाब से श्रद्धालु दर्शनों के लिये आते हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये विशेष इंतजाम किये हैं। ताकि दर्शनों के लिये किसी को भी कोई परेशानी न हो। मंदिर में मैटल डिटेक्टर लगाये गये हैं। व पूरे परिसर पर कलोज सर्किट कैमरों से नजर रखी जा रही है। आने व जाने वालों के लिये अलग अलग रास्ते तय किये गये हैं।
श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान धारा 144 लागू रहेगी और नारियल समेत ढोल नगाड़ों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। एसडीएम ज्वालामुखी अंकुश शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं को पीने के पानी की व्यवस्था, सफाई की व्यवस्था, पार्किग की व्यवस्था और उनकी सुरक्षा की व्यवस्था शौचालय की व्यवस्था और बिजली की व्यवस्था सभी प्रकार के प्रबंध किये गए है। भिक्षावृति रोकने के लिए सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है। श्रद्घालुअंो के लिये मेला के दौरान बेहतर माहौल मन्दिर प्रशासन देगा ।
इन दिनों मेला के चलते मंदिर नगरी ज्वालामुखी की आभा में चार चांद लग गये हैं। देश के विभिन्न भागों से आने वाले मां के भक्त आजकल ज्वालाजी में अपने विश्वास श्रद्घा और भक्ति का प्रर्दशन कर रहे हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्वालामुखी भी शक्तिपीठ है। यहां सती की महाजिव्हा गिरी थी। इसकी पुष्टि तंत्र चूड़ामणि से होती है। ज्वालामुख्यां महाजिहा देव उन्मत भैरव:। अर्थात ज्वालामुखी में सती की महााजिहा्र है और वहां पर भगवान शिव उन्मत भैरव रूप में स्थित हैं। ज्वालामुखी धूम्रा देवी धूमावती का स्थान है । व इसे 52 शक्तिपीठों में सर्वोच्च शक्ति सम्पन्न स्थान माना गया है । इस पवित्र स्थल में देवी ज्योति रूप में विराजमान है।

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