ENGLISH HINDI Sunday, January 26, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
द लास्ट बेंचर्स "और अमृत कैंसर फाउंडेशन ने महिलाओं के लिए लगाया मैमोग्राफी, डेकसा और डेंटल जांच शिविर26 को वाईस ऑफ़ इंडिया नागरिकता संशोधन एक्ट के समर्थन पर विशाल पद यात्रा कैंसर की चपेट में गांव बडबर, 6 से अधिक लोगों की हो चुकी मौतवाल्मीकि समाज ने नगर निगम कमिश्नर और पूर्व मेयर राजेश कालिया का पुतला फूंकाअवैध माइनिंग के खिलाफ हरकत में आया प्रशासन, मुबारिकपुर घग्गर नदी पर बनाए अवैध पुल को तोड़ागणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयकर विभाग ने लगाया रक्तदान शिविर, 108 रक्त यूनिट एकत्रितजुडो चैंपियनशिप में आर्यन ने जीता गोल्ड, प्रिंस ने रजत व अंजू ने कांस्य हासिल कियापंजाब की सर्वदलीय बैठक के बयान का कोई औचित्य नहीं: मुख्यमंत्री
राष्ट्रीय

'धारा 370 को हटाना देशहित में': स्वामी चिदानन्द

August 06, 2019 07:23 PM

ऋषिकेश(ओम रतूड़ी) परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि धारा 370 को हटाना देशहित में है।' इदम् राष्ट्रीय इदम न मम राष्ट्रीय इदम न मम'। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह स्वर्ण अक्षरों में लिखी गयी इबारत है, जिसे स्वर्ण अक्षरों में पढ़ा जायेगा और स्वर्ण अक्षरों में गढ़ा जायेगा। इसके साथ ही मंगलवार को परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य आरती राष्ट्र को समर्पित की गयी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को कोटि-कोटि साधुवाद देने के साथ ही उनकी सुरक्षा एवं स्वस्थ्य के लिये भी प्रार्थना की गई। इस मौके पर स्वामी चिदानन्द ने कहा कि हमारे राष्ट्र में ऐसा ही तो चाहिये जिसमें सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास हो। आने वाले समय में कश्मीरियों को लगेगा कि यह उनकी कितनी बड़ी भूल थी। यह कार्य पहले ही हो जाना चाहिये था। उन्हें भी लगेगा की अकेले-अकेले जीना किसी के भी हित में नहीं है। अब इस एतिहासिक और अभूतपूर्व निर्णय से प्यार बढ़ेगा, सहकार बढ़ेगा, व्यापार बढ़ेगा, रोजगार बढ़ेगा और सबसे बड़ी बात है देश का आधार बढ़ेगा। इससे पूरे विश्व में हमारे राष्ट्र को एक पहचान मिलेगी। यह पहचान लड़ाई के लिये नहीं बल्कि अच्छाई और सच्चाई की होगी।
स्वामी चिदानंद ने कहा कि यह कोई पद या कद पाने की बात नहीं है बल्कि बात है निष्ठा की है। हम सभी के भीतर अपने राष्ट्र के प्रति निष्ठा बढ़नी ही चाहिये। हमें यह सदैव याद रखना है कि हम सब एक है, एक परिवार है और साथ-साथ रहकर यहां सब मिलकर वतन के लिये देश के लिये कार्य करें ताकि देश ऊँचाईयों की बुलंदियों को सदैव छूता रहे। काश, यह ऐतिहासिक कार्य पहले ही हो जाता। धारा 370 को हटाना देशहित और जन हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है क्योकि इस फैसले ने कश्मीर को नया जीवन प्रदान किया है। आजादी के 72 वर्षो बाद कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को सम्पूर्ण भारत का दर्जा देना निर्णायक फैसला है। वास्तव में आज भारत को अखण्ड भारत का दर्जा प्राप्त हुआ है क्योकि सही मायने में 72 वर्षो बाद ही सही पूरे भारत में एक ही संविधान लागू होगा। अब एक राष्ट्र, एक जैसी नागरिकता और एक संविधान का ही अनुपालन होगा। आज से हर भारतवासी कहेेगा कश्मीर भारत का हृदय स्थल है और हमेशा रहेगा।
कश्मीर से धारा 370 के समाप्त होने सेे दोहरी नागरिकता खत्म हुई। अब न अलग निशान होगा और न अलग झण्डा होगा। पूरे भारत में तिरंगे का अपमान अब अपराध माना जायेगा तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेश अब पूरे भारत में लागू होगा, विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होगा, अल्पसंख्यकों को आरक्षण मिलेगा, कश्मीर में बाहरी निवेश बढ़ेगा, महिलाओं को समानता का अधिकार प्राप्त होगा, बच्चों को शिक्षा का अधिकार प्राप्त होगा जैसे अनेक फैसले जो 72 वर्षो से इंतजार कर रहे थे वे अब लागू होंगे और देश में समानता, समरसता और सद्भाव का वातावरण निर्मित होगा।
आरती राष्ट्र को समर्पित:
मंगलवार को परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य आरती राष्ट्र को समर्पित की गयी। विशेष आहुतियां समर्पित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को कोटि-कोटि साधुवाद देने के साथ ही उनकी सुरक्षा एवं स्वस्थ्य के लिये भी प्रार्थना की गई।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
पासपोर्ट धारकों को पासपोर्ट की समाप्ति तिथि से पहले भेजा जाएगा संदेश क्या मुस्लिम महिलाएँ और बच्चे अब विपक्ष का नया हथियार हैं? बीएमटीसी की प्रबंध निदेशक ने चलाई वाल्वो बस, कहीं प्रशंसा तो कहीं आलोचना जांच के दायरे में करीब 20 हजार लोग, दिल्ली पुलिस कर रही है पड़ताल भारत लहराएगा दुनिया में 5जी इंटरनेट का परचम, इसरो ने ताकतवर संचार उपग्रह किया लॉन्च जनगणना कार्य के लिए प्रारंभिक तैयारियां आरम्भः मुख्य सचिव जल होगा तो सब होगा: स्वामी चिदानन्द सरस्वती चिकित्सक को चिकित्सा ज्ञान के साथ व्यवहार कुशल होना भी जरुरी: प्रो. कांत फरवरी से अयोध्या में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ 100008 कुंडीय श्री सीताराम महायज्ञ नागरिकता संशोधन विधेयक किसी के भी विरोध में नहीं: स्वामी चिदानन्द सरस्वती