ENGLISH HINDI Thursday, November 21, 2019
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
इंस्पेक्टर गुरवंत सिंह ने जीरकपुर में एसएचओ का कार्यभार संभालाज़मीन पर कब्ज़ा करने और चौकीदार की मारपीट करने के आरोप में बिल्डर और कांग्रेसी नेता के ख़िलाफ़ केस दर्ज महिला आईटीआई स्टूडेंट्स को बांटे प्रमाण-पत्रफेरे से पहले दूल्हे की सड़क हादसे में मौत, शादी की तैयारी के सिलसिले में गया था नजदीकी गांवचण्डीगढ़ भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्षपुलिस फोर्स तथा मोबाइल फौरेसिंग युनिट को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा: अनिल विज पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी की 102वी जयन्ती पर श्रद्धासुमन अर्पितदादागिरी पर उतरे ओकेशन मैरिज पैलेस के संचालक,पुलिसकर्मियों व शिकायतकर्ता से मारपीट, 35 पर कटा पर्चा
राष्ट्रीय

उत्तराखंड: पर्यावरण मंत्रालय बनाने का फैसला

August 14, 2019 11:04 AM

देहरादून (ओम रतूड़ी) उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने पर्यावरण मंत्रालय बनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में पर्यावरण निदेशालय गठित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। वन विभाग से अलग यह मंत्रालय पर्यावरण से संबंधित मामलों का निपटारा करेगा वहीं, पर्यावरण मंत्रालय के अस्तित्व में आने से विकास योजनाओं में पर्यावरण क्लियरेंस के मामले जल्द निपटाया जा सकेंगे। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया की कैबिनेट मीटिंग में आए 21 प्रस्तावों में 19 को मंजूरी दे दी गई। नए पर्यावरण मंत्रालय में 4 संस्थान होंगे। जिसमें नया निदेशालय का गठन होगा। इसका निदेशक अखिल भारतीय सेवा का अधिकारी होगा। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन आने वाला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बायोडायवर्सिटी बोर्ड, स्टेट इनवायरमेंट इम्पेक्ट असेसमेंट अथारिटी और स्टेट इनवायरमेंट असेसमेंट कमेटी भी नए विभाग का हिस्सा होंगे। जिनमें पर्यावरण संरक्षण, एक्शन प्लान का क्रियान्वयन, संवेदनशील इको सिस्टम की पहचान जैसे कार्य जल्द हो सकेंगे।
कौशिक ने बताया कैबिनेट की बैठक में कई फैसले लिए गए, प्रदेश में शुगर मिल के गन्ना पेराई में किसानों को समय पर भुगतान नहीं करने से राज्य की शुगर मिलों की ओर 403 करोड़ का भुगतान लंबित है। सरकार ने निर्णय लिया है कि अब खांडसारी व पावर क्रशर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया है। वहीं वर्ष 2019-20 के गन्ना पेराई सत्र में खांडसारी इकाइयों व पावर कृषि सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे अब चीनी मिल के 6 किलोमीटर की परिधि के बाद खांडसारी इकाई को लाइसेंस दिया जा सकेगा। चीनी मिल के सुरक्षित क्षेत्र से क्षेत्र में नया खांडसारी लाइसेंस दिए जाने पर प्रतिबंध हटा दिया गया है, पुराने लाइसेंस का भी नवीनीकरण किया जा सकता है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
सड़क दुर्घटना में पौड़ी गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत समेत तीन घायल सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ साधु संतों ने की बैठक अमेज़न फ्लिपकार्ट के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के लिए 10 नवम्बर को दिल्ली में व्यापारियों की राष्ट्रीय बैठक आरसीईपी को अपनाने के केंद्र के निर्णय का सीआईआई ने किया समर्थन इस्‍पात मंत्री ने निवेशकों को भारत के विकास क्रम में भागीदार बनने का न्‍यौता दिया नराकास पंचकूला द्वारा स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित ईपीएफओ पेंशन न्यूनतम 7500 रूपये करने की मांग तेज झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के कार्यक्रम की घोषणा वॉट्सऐप में जल्द शुरू होगा पेमेंट की खास सर्विस: सीईओ ज़करबर्ग राष्ट्रपति करेंगे 2 से 4 नवम्बर तक सिक्किम और मेघालय का दौरा