ENGLISH HINDI Friday, January 17, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
द लास्ट बेंचर्स ने गरीब बच्चों के साथ धूमधाम से मनाया लोहड़ी का त्यौहार: बच्चों को बांटे गर्म वस्त्र, कम्बल और गिफ्ट्सविश्व हिंदू परिषद पंजाब की तरफ से पंजाब के माननीय राज्यपाल को दिया ज्ञापन1652 होमगार्ड जवानों की होगी भर्ती26 को राज्यपाल अंबाला में, मुख्यमंत्री जींद में फहराऐंगे राष्ट्रीय ध्वजसूद बने चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष, टंडन बने राष्ट्रीय परिषद् के सदस्यदो तहसीलदारों के विरुद्ध रिश्वत का मामला दर्ज, एक गिरफ़्तारक्या मुस्लिम महिलाएँ और बच्चे अब विपक्ष का नया हथियार हैं?बीएमटीसी की प्रबंध निदेशक ने चलाई वाल्वो बस, कहीं प्रशंसा तो कहीं आलोचना
राष्ट्रीय

उत्तराखंड: पर्यावरण मंत्रालय बनाने का फैसला

August 14, 2019 11:04 AM

देहरादून (ओम रतूड़ी) उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने पर्यावरण मंत्रालय बनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में पर्यावरण निदेशालय गठित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। वन विभाग से अलग यह मंत्रालय पर्यावरण से संबंधित मामलों का निपटारा करेगा वहीं, पर्यावरण मंत्रालय के अस्तित्व में आने से विकास योजनाओं में पर्यावरण क्लियरेंस के मामले जल्द निपटाया जा सकेंगे। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया की कैबिनेट मीटिंग में आए 21 प्रस्तावों में 19 को मंजूरी दे दी गई। नए पर्यावरण मंत्रालय में 4 संस्थान होंगे। जिसमें नया निदेशालय का गठन होगा। इसका निदेशक अखिल भारतीय सेवा का अधिकारी होगा। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन आने वाला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बायोडायवर्सिटी बोर्ड, स्टेट इनवायरमेंट इम्पेक्ट असेसमेंट अथारिटी और स्टेट इनवायरमेंट असेसमेंट कमेटी भी नए विभाग का हिस्सा होंगे। जिनमें पर्यावरण संरक्षण, एक्शन प्लान का क्रियान्वयन, संवेदनशील इको सिस्टम की पहचान जैसे कार्य जल्द हो सकेंगे।
कौशिक ने बताया कैबिनेट की बैठक में कई फैसले लिए गए, प्रदेश में शुगर मिल के गन्ना पेराई में किसानों को समय पर भुगतान नहीं करने से राज्य की शुगर मिलों की ओर 403 करोड़ का भुगतान लंबित है। सरकार ने निर्णय लिया है कि अब खांडसारी व पावर क्रशर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया है। वहीं वर्ष 2019-20 के गन्ना पेराई सत्र में खांडसारी इकाइयों व पावर कृषि सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे अब चीनी मिल के 6 किलोमीटर की परिधि के बाद खांडसारी इकाई को लाइसेंस दिया जा सकेगा। चीनी मिल के सुरक्षित क्षेत्र से क्षेत्र में नया खांडसारी लाइसेंस दिए जाने पर प्रतिबंध हटा दिया गया है, पुराने लाइसेंस का भी नवीनीकरण किया जा सकता है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
क्या मुस्लिम महिलाएँ और बच्चे अब विपक्ष का नया हथियार हैं? बीएमटीसी की प्रबंध निदेशक ने चलाई वाल्वो बस, कहीं प्रशंसा तो कहीं आलोचना जांच के दायरे में करीब 20 हजार लोग, दिल्ली पुलिस कर रही है पड़ताल भारत लहराएगा दुनिया में 5जी इंटरनेट का परचम, इसरो ने ताकतवर संचार उपग्रह किया लॉन्च जनगणना कार्य के लिए प्रारंभिक तैयारियां आरम्भः मुख्य सचिव जल होगा तो सब होगा: स्वामी चिदानन्द सरस्वती चिकित्सक को चिकित्सा ज्ञान के साथ व्यवहार कुशल होना भी जरुरी: प्रो. कांत फरवरी से अयोध्या में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ 100008 कुंडीय श्री सीताराम महायज्ञ नागरिकता संशोधन विधेयक किसी के भी विरोध में नहीं: स्वामी चिदानन्द सरस्वती गंगा नदी पर अवैध प्लेटफ़ार्म बनाने के विरोध में नगर आयुक्त को ज्ञापन