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पंजाब

रहस्यमय हिरासती मौतों की सीबीआई जांच हो: सांसद मान

August 14, 2019 08:23 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रधान और सांसद भगवंत मान ने राज्य में रहस्यमय तरीके से हो रही हिरासती मौतें/आत्म-हत्याओं की समयबद्ध सीबीआई जांच की मांग की है
पार्टी द्वारा जारी बयान में मान ने कहा कि कैप्टन के कार्यकाल के दौरान जेलों और पुलिस हिरासतों में डेढ़ दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी हैं, मरने वालों में बहुत से हिरासती नशा तस्करी जैसे संगीन दोषों का सामना कर रहे हैं। अमृतसर में ए.एस.आई अवतार सिंह की ओर से हिरासत दौरान खुद को गोली मार लेना, इस कड़ी की ताजा मिसाल है, जो अपने एक ओर एएसआई साथी जोरावर सिंह के साथ नशा तस्करी के संगीन दोषों के अंतर्गत 11 अगस्त की रात को गिरफ्तार किया था।
मान ने कहा कि पंजाब पुलिस और सरकार की तरफ से हिरासती मौतें /आत्म हत्याओं के बारे में दिए जाते करीब-करीब एक ही जैसे विवरण हैरान और परेशान करने वाले हैं। मान अनुसार, ''यह साधारण व्यवहार नहीं है, इस पर यकीन करना मुश्किल है। यह नशा तस्करी के बड़े रसूखवान व्यापारियों के अगले भेद खुलने के डर से करवाए गए सोचे समझे कत्ल हो सकते हैं। एक के बाद एक हुई इन हिरासती मौतें/आत्म-हत्याओं की कड़ी हमारे सबके संदेह को ओर गहरा करती है। इस लिए इन हिरासती मौतें की संयुक्त कडिय़ों के मद्देनजर सीबीआई जांच जरूरी है, क्योंकि राज्य की पुलिस की भूमिका खुद संदेहजनक है।''
मान ने कहा कि इस कड़ी में अमृतसर के गुरपिन्दर सिंह की हिरासती मौत का मामला बेहद गंभीर है, जो नमक का व्यापारी था और उस पर पाकिस्तान में नमक के बोरों में अरबों रुपए की हेरोइन तस्करी का दोष था।
मान के अनुसार फरीदकोट के जसपाल सिंह की हिरासती मौत के उपरांत पुलिस इंस्पैक्टर नरिन्दर सिंह की ओर से रहस्यमय ढंग के साथ की आत्म-हत्या के बारे में सवाल आज भी वैसा का वैसा ही हैं। जबकि पिछले ढाई सालों में लुधियाना पुलिस की हिरासत में मौतें/आत्म-हत्याओं के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।

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