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धर्म

चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर में जन्माष्टमी पर्व की धूम: लंका दहन की झांकी होगी आकर्षण का केंद्र

August 21, 2019 06:40 PM

हर्षोल्लास और श्रद्धाभाव से मनाया जा रहा है मठ मंदिर में पर्व:,. जन्माष्टमी अवसर पर लगाई गयी है विशेष झांकियां,विदेशों से मंगवाए गए फूलों से मंदिर को गया है सजाया:

 

चंडीगढ़:चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर सेक्टर 20 इस वर्ष भी प्रति वर्ष की भांति जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर में जन्माष्टमी की रौनक लोगों को हर साल की तरह इस बार भी मठ मंदिर की ओर खींच लाएगी। इस वर्ष 49वीं जन्माष्टमी के अवसर पर लगाई विशेष झांकियां लोगों को काफी आकर्षित करेंगी ।यह कहना है चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर के पी आर ओ जय प्रकाश गुप्ता का।

  चैतन्य गौड़ीय मठ के भक्ति विचार विष्णु जी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़ सेक्टर 20 के मठ मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं को पिछले 48 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है । इस वार लाइट एंड साउंड वाली झांकियों का शुभारम्भ चंडीगढ भारतीय जनता पार्टी के सताते प्रेजिडेंट संजय टंडन के कर कमलो द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि पर्व के मद्देनजर मंदिर में पिछले तीन महीनो से तैयारियां जोर शोर से चल रही थी। मंदिर को बेहद ही खूबसूरत तरीके से सजाया गया है। जिसकी छटा देखते ही बनती है । मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर मंदिर को अंदर तक बड़ी ही तन्मयता और श्रद्धाभाव से सजाय गया है। मठ की सुंदरता और सजावट को बनाए रखने के लिए भगवान श्री कृष्ण का फूलों का महल को थाईलैंड से विशेष रूप से मंगवाए गए फूलों से सजाया गया है। इन फूलों की कीमत लगभग 4:50 लाख रुपए के करीब है। जिसकी सुंदरता और महक पूरे मठ को आकर्षित और महका देती है । सजावट की खूबसूरत छटा को आप जन्माष्टमी के दिन देख पाएंगे। उन्होंने बताया कि ये फूल लगभग 15 दिनों तक खराब भी नहीं होते।

मठ मंदिर के प्रवक्ता जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि जन्माष्टमी उत्सव की रौनक व कारीगरी को बंगाल और बिहार राज्यों से आए विशेष कारीगर लोगों के सहयोग से पूरा किया गया है । प्रत्येक वर्ष फूलों से सजे और खूबसूरत मूर्तियों से सुसज्जित भगवान श्री कृष्ण की जन्म लीला जन्माष्टमी को देखने का उत्साह यहां आए भक्तों में देखा जाता है। जन्माष्टमी की रोज भगवान श्रीकृष्ण को रात 12:00 बजे 108 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया जाता है। नए वस्त्रों को पहनाया जाता है, व लोगों में चरणामृत बाटा जाता है अगले दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई की इस बार भी पिछले वर्षों की भांति ज्यादा से ज्यादा भक्त भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं की झांकियो को देखने पहुंचेंगे। उन्होंने कहा की इस वर्ष 2.50 लाख लोगों के आने की उम्मीद है।

जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि इस बार कि जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर बनाई गयी सभी झांकियां भी विज़िटर्स को आकर्षित करेंगी। इन सबमे से विशेष लंका दहन कि झांकी होगी। इसके अलावा बाली-सुग्रीव वध और भगवान कृष्ण के मुख में ब्रह्माण्ड दर्शन भी आकर्षण का केंद्र होंगी।

विज़िटर्स की सुरक्षा और सुविधा के लिए ख़ास इंतज़ाम:-

प्रवक्ता जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि मठ मंदिर में जन्माष्टमी पर मंदिर में भगवान की झांकियां के साथ साथ इसकी सजावट और खूबसूरती को देखने वाले लोगों की सुविधा के लिए पीने के पानी की जगह-जगह व्यवस्था की गयी है। जब की सुरक्षा कि दृष्टि से चंडीगढ पुलिस की ओर से उचित पुलिस बल व मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं व मठ की और से लोगों को दिशा निर्देश देने के लिए 70 से 80 वालंटियर भी तैनाती गए हैं, जिससे लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए। उन्होंने बताया कि आगजनी जैसी घटना से बचाव के लिए अग्निशमन की गाड़ियों कि भी व्यवस्था की गयी है।

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