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धैर्य के बढ़ते अभाव से युवा आत्महत्या ग्राफ में लगातार इजाफा: प्रो. शर्मा

September 10, 2019 11:06 PM

ऋषिकेश, ओम रातुड़ी: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में आत्महत्या रोकथाम जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें संस्थान के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन नर्सिंग एजुकेशन एंड रिसर्च कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने आत्महत्या की लगातार बढ़ती घटनाओं के कारणों के साथ ही इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के उपाय बताए। एम्स के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन नर्सिंग एजुकेशन एंड रिसर्च कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपने संदेश में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि हमें किस तरह से अपने जीवन में आने वाली समस्याओं को अपने करीबी लोगों से साझा करना चाहिए। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि जीवन में निहायत निजी व दुविधापूर्ण स्थितियों में हमें अपने नजदीकी लोगों की सहायता लेनी चाहिए,जिससे अनहोनी की स्थितियों को टाला जा सके। प्राचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग प्रो. सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि किस तरह से आज की पीढ़ी अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है, उनका कहना है कि व्यक्ति में धैर्य के बढ़ते अभाव से युवाओं के आत्महत्या के ग्राफ में लगातार इजाफा हो रहा है। आचार्य नर्सिंग प्रो. शर्मा ने बताया कि आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, ऐसी स्थिति में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि यदि हम स्वयं या कोई अन्य व्यक्ति ऐसी नाजुक स्थितियों से गुजर रहा है तो उसे मानसिक चिकित्सकीय परामर्श जरुर दिलाया जाए, इससे हम आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं में कमी लाने में सफल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि नर्सिंग छात्राएं तनावग्रस्त होने की स्थिति में कॉलेज में मौजूद स्टूडेंट काउंसलर की मदद ले सकती हैं। संस्थान के मनोरोग विभागाध्यक्ष डा. रवि गुप्ता ने इस अवसर पर अपने व्याख्यान में सुसाइड की घटनाओं के महत्वपूर्ण कारणों एवं इसकी रोकथाम के लिए जरुरी उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर नर्सिंग तृतीय वर्ष की छात्राओं ने माइम के माध्यम से आत्महत्या के कारण व उससे बचाव के उपाय बताए। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया,जिसमें बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष की छात्रा सुखप्रीत प्रथम, तरन्नुम ने द्वितीय व बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा स्नेहा ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। इस दौरान सभी ने दीप जलाकर आत्महत्या से अपने साथ ही दूसरों को भी बचाने का संकल्प लिया।

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