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हरियाणा

नशा तस्कर ही कर रहे हैं नशा खात्मे की अपील का ड्रामा: कांडा

September 12, 2019 07:03 PM

सिरसा, सतीश बांसल: जो लोग नशा बेचते हैं और नशा बेचने वालों को संरक्षण प्रदान करते हैं वही लोग नशे का विरोध करने और नशा खत्म करने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं जबकि सिरसा की जनता इन सबकी असलियत अच्छी तरह से जानती है। ये शब्द हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा ने खारियां में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहे।
कांडा ने कहा कि युवाओं के पास रोजगार नहीं है और पढ़ा-लिखा बेरोजगार युवक गलत प्रवृत्ति रखने वाले लोगों के बहकावे में आकर नशे की लत में पड़ रहे हैं और बाद में ये लोग अपने कारिंदे के रूप में इस्तेमाल करते हैं और इनके माध्यम से नशे की तस्करी करवाते हैं। गोपाल कांडा ने कहा कि यदि नीयत व नीति सही हो तो सिरसा क्षेत्र से नशा मात्र 24 घंटे में खत्म किया जा सकता है क्योंकि जो उच्च पदों पर ही नहीं आम व्यक्ति को भी पता है कि सिरसा में नशा तस्कर कौन-कौन हैं। गोपाल कांडा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने अपनी जेबें भरने के लिए सरकार को गुमराह कर ऐसा मोटर व्हीकल एक्ट लागू करवाया है जिसमें जुर्माने के ऐसे अमानवीय प्रावधान किए गए हैं कि वाहन की कीमत से ज्यादा का जुर्माना किया जा रहा है। जबकि सडक़ों और गलियों की हालत दयनीय है। उनकी ओर इन अधिकारियों का ध्यान नहीं जाता। कांडा ने कहा कि मुझे गुरुओं ने इसलिए सक्षम बनाया है कि मैं किसी के काम आ सकूं। कांडा ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या आज युवाओं में बेरोजगारी की है और डेरा प्रकरण के बाद सिरसा क्षेत्र में बेरोजगारों की संख्या बेतहाशा बढ़ी है। क्योंकि डेरा सच्चा सौदा में सिरसा के हजारों व्यक्ति नौकरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। परंतु पिछले दो सालों से इनके परिवार के आगे रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। डेरे के बैंक खाते सील करते हुए और इनकी फैक्ट्रियों के ताले लगाते हुए इन लोगों ने यह नहीं सोचा कि यह केवल फैक्ट्रियों की तालाबंदी नहीं कर रहे बल्कि हजारों परिवार के चुल्हों की तालाबंदी कर रहे है। प्रशासन ने तालाबंदी करते हुए यह नहीं सोचा कि इससे कितने लोगों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। कितने बच्चे स्कूल जाने से वंचित रह जाएंगे। गोपाल कांडा ने कहा कि डेरा के अस्पताल में सस्ते व अच्छे इलाज के लिए सिरसा के अनेक लोग जाया करते थे, परंतु प्रशासनिक अधिकारियों की सूझ-बुझ की कमी के कारण इन लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और अनगणित कितने ही वृद्ध इलाज के अभाव में दर्द से कहराते रहे। गोपाल कांडा ने डेरा के शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में स्थित स्किन बैंक के चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई को भी अनुचित ठहराया। क्योंकि उसके पश्चात अनेक चिकित्सक डर-भय से वहां से नौकरियां छोडक़र चले गए। जिसके कारण आज वहां सस्ता इलाज करवाने वाले के लिए जाने वाले हजारों मरीजों को रोजाना मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। गोपाल कांडा ने कहा कि पंचकूला न्यायालय की कानूनी प्रक्रिया पर कोई भी व्यक्ति प्रश्न चिन्ह नहीं लगा सकता। परंतु प्रशासन की कार्रवाई गलत ही नहीं बल्कि अमानवीय भी रही है। कांडा ने कहा कि डेरा प्रेमी भी भारतीय नागरिक हैं, उनके सभी मौलिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार, प्रशासन और सभी अन्य संस्थानों का दायित्व है। गोपाल कांडा ने कहा कि डेरे के पास स्थित फैक्ट्रियों में दर्जनों व्यापारियों की आपसी पार्टनरशिप थी। उन पर बैंक का लोन भी था। तालाबंदी होने के कारण लोन पर ब्याज चढ़ता गया और फैक्ट्रियों के जो बेकसूर संचालक थे। वे कंगाली की दहलीज पर आ गए। डेरे के विभिन्न संस्थानों में नौकरी करने वाले ज्यादातर लोग सिरसा के थे। पिछले दो वर्षों से वे शहर में कई दुकानों और संस्थानों में अपनी योग्यता से कम वेतन पर नौकरी करने को मजबूर हैं। जिससे उनके घरों का गुजारा करना दूभर हो गया है। गोपाल कांडा ने कहा कि वे हमेशा ही कहते रहे हैं कि हमारे राजनीति जनसेवा का माध्यम है। यदि इससे किसी को तकलीफ है तो परमात्मा उनको सद्बुद्धि दे। इस अवसर पर गोबिंद कांडा ने कहा कि सभी कार्यकर्ता निडर होकर कार्य करें ताकि इस क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकें। इस अवसर पर अनेक लोगों ने विभिन्न पार्टियां छोडक़र हलोपा की सदस्य ग्रहण की। इस मौके पर लीलाधर सैनी, जयसिंह कुसुंबी, तेजप्रकाश बांसल, सुरेंद्र सोनी, आरसी झोरड़, राजेंद्र मकानी, चिंरजीव गोदारा, शिव कुमार सैनी, दिनेश मित्तल, मलकीत सिंह जोशन, बेगराज नानुआना, अटवीर नैन, राजीव ज्याणी, का. कालू राम, रामकुमार पूनिया, कृष्ण सहारण, देवीलाल जाखड़, सुभाष नीमिवाल, लूणा राम, सुधीर नैन, विपिन नैन, प्रमोद पेंसिया, महेंद्र पेंसिया, सैन बाना, भाला राम, विजय ढाका, सतपाल कटारिया, मलकीत सिंह, नरेंद्र नैन, रामकुमार निमिवाल, राजेंद्र शर्मा, सुरेंद्र नीमिवाल, बलवीर भादू, नरेंद्र कटारिया, पार्षद राजेश कुमार, राजेंद्र पप्पू, अशोक नरूला, मनोज, इंद्रोश मौजूद रहे।

युवाओं के मोटरसाइकिल काफिले से की गोबिंद गोपाल की अगुवाई
खारिया गांव की सीमा पर पहुंचने पर सैकड़ों युवाओं ने मोटरसाइकिल के काफिलों के साथ गोबिंद व गोपाल कांडा का स्वागत किया और उनके वाहन के आगे मोटरसाइकिल पर सवार होकर हलोपा कार्यालय तक पहुंचे। सडक़ के दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में खड़े ग्रामीणों ने कांडा बंधुओं का स्वागत किया और सारा गांव जन-जन का सम्मान और लोकहित के काम की हरियाणवीं गीतों की धुन से गूंजता रहा।

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