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हरियाणा

कवि सम्मेलन, पुस्तक लोकार्पण व हिन्दी दिवस पखवाड़ा आयोजित

September 16, 2019 06:13 PM

सिरसा, सतीश बंसल: विख्यात साहित्यकार उदयकरण सुमन की स्मृतियों को समर्पित हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकूला तथा साहित्य, योग एवं आयुर्वेद को समर्पित संस्था समग्र सेवा संस्थान सिरसा के संयुक्त तत्त्वावधान में हिन्दी दिवस पर कवि सम्मेलन व पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन श्री युवक साहित्य सदन में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिक्रमजीत सिंह एडवोकेट व विद्यासागर ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूटस के चेयरमैन डॉ० सुरेन्द्र गोयल ने शिरकत की जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठित साहित्यकार प्रो० रूप देवगुण तथा हिसार से पधारे प्रमुख साहित्यकार महेन्द्र जैन ने संयुक्त रूप से की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रमुख समाजसेवी श्रीनिवास सर्राफ उपस्थित थे।
हिन्दी दिवस पखवाड़े का श्रीगणेश भिवानी से पधारे विद्वान साहित्यकार डॉ० मनोज भारत ने ‘भारतीय जनमानस और हिन्दी’ विषय पर अपने शोधपत्र के साथ किया जो विषयानुकूल व सारगर्भित था। दूसरा प्रपत्र प्रतिष्ठित लेखिका डॉ० शील कौशिक द्वारा ‘सम्पर्क भाषा के रूप में हिन्दी’ विषय पर प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में डॉ० राजकुमार निजात के आठवें लघुकथा-संग्रह ‘आसपास की लघुकथाएं’ का विमोचन किया गया जिसकी समीक्षा हिन्दी प्रोफेसर डॉ० आरती बंसल द्वारा की गई। इसी चरण में उदयकरण सुमन के दोहा संग्रह ‘सुख की धूप’ व हाइकु-संग्रह ‘मन के मोती’ पुस्तकों का लोकार्पण हुआ जिनकी समीक्षाएं डॉ० मनोज भारत व आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट द्वारा की गई।
इस अवसर पर पंजाबी के वरिष्ठ व प्रतिष्ठित साहित्यकार करनैल सिंह असपाल को साहित्य में की गई उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में योग सेवी खरैत लाल सोनी को उनकी विशिष्ट व नि:स्वार्थ योग सेवा के लिए सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के इसी क्रम में के.एल. थियेटर के युवा निदेशक व कुशल रंगकर्मी करन लड्ढा ने बेटियों को समर्पित एक सुरीला गीत प्रस्तुत किया। वाद्ययंत्रों के साथ प्रस्तुत इस संगीत पर सभी ने भरपूर तालियां बजाईं। इसी क्रम में कवि मानकचन्द जैन ने अपने सुरीले कंठ से डॉ० राजकुमार निजात की एक $ग$जल सुनाई जिसे सुनकर पूरी सभा भाव-विभोर हो उठी। कार्यक्रम के इन दो चरणों का संचालन हिन्दी प्रवक्ता व युवा साहित्यकार डॉ० जनकराज शर्मा ने बड़ी कुशलता से किया। कार्यक्रम का तीसरा व अंतिम चरण एक कवि सम्मेलन के रूप में आयोजित था जिसमें बिजेन्द्र गा$िफल, पुष्पलता आर्य, डॉ० मनोज भारत, अनिता जैन, महेन्द्र जैन, आनन्द प्रकाश, प्रवीण पारीक ‘अंशु’, बलबीर सिंह वर्मा, राकेश कुमार जैन बन्धु, प्रो० रूप देवगुण, मास्टर अमरीक सिंह, डॉ० राजकुमार निजात, हरीश सेठी ‘झिलमिल’, ज्ञानप्रकाश ‘पीयूष’, सतीश कुमार, रोबिन कुमार, मदन वर्मा, जयप्रकाश, महेन्द्र सिंह नागी, शक्तिराज कौशिक ने अपनी-अपनी काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। मंच संचालन डॉ० आरती बंसल ने बड़ी कुशलता के साथ किया। इस अवसर पर प्रो० सुदेश कम्बोज, उर्मिला शर्मा, गंगाधर वर्मा, सुभाष शर्मा, प्रेम शर्मा, चन्द्रपाल योगी, प्रवीण बागला, आजाद गुप्ता, कुलदीप सिंह, अजायब सिंह गिल, सुरेन्द्र कुमार, डॉ० गौतम कुमार सुथार, प्रिं. कृष्ण वोहरा, गुरप्रीत सिंह गिल, एडवोकेट बंसीलाल दहिया, बालकृष्ण सांवरिया, बलबीर प्रसाद, सुरेन्द्र शर्मा, मुन्ना गुप्ता, हरबंस लाल भाटिया, ओमप्रकाश लाडवाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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