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राष्ट्रीय

सही दवाएं ही लिखें डॉक्टर: पद्मश्री प्रो. कांत

September 16, 2019 09:01 PM

ऋषिकेश (ओम रतूड़ी) एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि चिकित्सकों को दवाओं के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए ठोस व कारगर कदम उठाने होंगे।
रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से दवाइयों के दुष्प्रभाव की रोकथाम की रिपोर्टिंग, विश्लेषण व बचाव विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला मेंं मुख्य अतिथि प्रो कांत ने तर्कसंगत दवाएं लिखने को प्रेरित करते हुए डॉक्टरों को दवाओं से होने वाले दुष्प्रभावों के बाबत ज्यादा से ज्यादा रिपोर्ट करने को कहा गया। निदेशक एम्स ने कहा कि चिकित्सकों को इस मामले में जिम्मेदारी निभाते हुए संवेदनशील होना होगा। कार्ययशाला की अध्यक्षता संस्थान के औषधि विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू ने की।
फार्माको विजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के एम्स ऋषिकेश स्थित रीजनल रिसोर्स सेंटर में दो दिवसीय कार्यशाला के समापन के मौके पर प्रो रवि कांत ने बेहतरीन फार्माको विजिलेंस सिस्टम के बाबत विस्तृत जानकारी भी दी। फार्माको विजिलेंस के नेशनल सेंटर से आए डा. जयप्रकाश ने देशभर से सेंटर में परीक्षण के लिए आने वाली दवाओं के दुष्प्रभावों की रिपोर्ट व उसके विश्लेषण के तौर तरीके बताए।
आयुष विभाग की ओर से डा. मीनाक्षी पाटिल ने आयुर्वेद व घरेलू नुस्खों से मरीज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और दवाइयों की गुणवत्ता के बारे में व्याख्यान दिया। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के डा. मयंक बडोला ने उत्तराखंड में टीकाकरण से मरीजों को होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी व राज्य से आने वाली इससे जुड़ी रिपोट्स से अवगत कराया। एम्स के फार्माकोलॉजी विभाग के डा. पुनीत धमीजा ने टेलीमेडिसिन एवं तकनीकि विकास के तरीकों से दवाइयों के दुष्प्रभावों की रिपोर्टिंग व इससे मरीज पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव को कम करने की जानकारी दी गई। कार्यशाला में देशभर से जुटे मेडिकल व पैरामेडिकल कॉलेजों के स्नातक व परास्नातक के छात्र-छात्राओं ने डा. मनीषा बिष्ट,डा. अनुभा अग्रवाल,दून मेडिकल कॉलेज के डा. रंगील सिंह, डा. पल्लवी श्रीवास्तव, डा. पुनीत धमीजा आदि विशेषज्ञों ने दवाइयों के दुष्प्रभावों की रिपोर्टिंग के तौर तरीके, विश्लेषण एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण लिया।

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