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अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल या मौत, सोलेटियम स्कीम के तहत पायें मुआवजा

September 17, 2019 06:31 PM

चंडीगढ, संजय मिश्रा:
अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल या मौत होने पर संबंधित व्यक्ति या परिवार को सोलेटियम स्कीम 1989 के तहत आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकांश लोगों को इस स्कीम के बारे में पता ही नहीं है।
सोलेटियम फंड स्कीम जुलाई 1989 से देश भर में लागू है, जिसके तहत हिट एंड रन केस में घायल को 12 हजार 500 और मृत व्यक्ति के परिजनों को 25 हजार की सहायता देने का प्रावधान है।
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने एक मामले का निपटारा करते हुए साफ़ किया है कि अगर सड़क दुर्घटना में वाहन पकड़ा जाता है तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 140 के तहत मौत एवं अपंग के लिए क्रमशः 50 हजार एवं 25 हजार दिए जाएंगे, लेकिन अगर वाहन नहीं पकड़ा गया है तो सेक्शन 161 के तहत मौत के लिए 25 हजार एवं अपंगता के लिए 12500 दिए जाएंगे।
लेकिन 22 मई 2018 को केंद्र सरकार ने एक गजट नोटिफिकेशन के द्वारा इस सहायता राशि को बढ़ा दिया है। अब सोलेटियम फंड स्कीम के अज्ञात वाहन से टक्कर में हुई मौत पर उसके परिजनों को 5 लाख रूपये मुआवजा दिया जाएगा। अगर दुर्घटनाग्रस्त ब्यक्ति अपंग हो जाता है तो 5 लाख रूपये को अपंगता की प्रतिशत के मुताबिक़ दिया जाएगा।
इस स्कीम के तहत तहसील स्तर पर दावा (सामान्य तौर पर एसडीएम स्तर का) किया जाता है। दावे की जांच सम्बंधित अधिकारी को एक महीने के अंदर करनी होती है और इसे दावा निष्पादन आयुक्त (जिला अधिकारी) के पास प्रस्तुत करना होता है। दावा निष्पादन अधिकारी प्रकरण का परीक्षण कर जिले की लीड बीमा कंपनी को सहायता राशि देने का निर्देश देता है। और फिर सम्बंधित बीमा कंपनी दावाकर्ता को उसके दावे का भुगतान चेक जारी करता है।

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