ENGLISH HINDI Sunday, May 31, 2020
Follow us on
 
राष्ट्रीय

पहाड़ों पर चढ़ने, नियमित सफर करने वाले हो सकते हैं किन बीमारियों के शिकार

September 17, 2019 10:39 PM

ऋषिकेश (ओम रतूड़ी) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञों ने ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ट्रेकिंग व माउंटनेरिंग करने वाले लोगों को आने वाली स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों व उक्त बीमारियों के उपचार से संबंधित जानकारी दी। संस्थान में इस कोर्स के प्रारंभ होने से उत्तराखंड की यात्रा पर आने वाले तीर्थाटकों व पर्यटकों को निकट भविष्य में विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। कार्यशाला में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान में एक नए कोर्स की शुरुआत की जा रही है, जिसके उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कोर्स के तहत चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व पैरामेडिकल स्टाफ को हाई एलटीट्यूड विषय में छह माह व एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाएगा। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया कि इसके अलावा संस्थान में तीन वर्षीय डीएम हाई एलटीट्यूट मेडिसिन कोर्स भी शुरू किया गया है।
निदेशक प्रो. कांत ने बताया कि उक्त पाठ्यक्रम में पहाड़ों में ट्रेकिंग या माउंटनेरिंग करने वाले लोगों और पहाड़ में ऊंचे स्थानों पर निवास करने वाले लोगों में पाई जाने वाली बीमारियों के उपचार संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्थान में इस कोर्स के शुरु होने से यहां आने वाले सैलानियों विशेष प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। कोर्स को तैयार करने वाली टीम के सदस्य एयर कोमोडोर वीके शशिधरन ने पहाड़ी इलाकों में जो विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियां पाई जाती हैं, हमें उनके बारे में विस्तृत अध्ययन की जरुरत है, साथ ही उन्होंने ऐसी जड़ृृी बूटियों को आधुनिक विज्ञन के माध्यम से प्रचलन में लाने पर जोर दिया।
टीम के सदस्य सेना के कर्नल एसपी सिंह ने पहाड़ों पर चढ़ने और नियमित सफर करने वाले लोग किन बीमारियों के शिकार हो सकते हैं इस बाबत विस्तृत जानकारी दी। राज्य स्वास्थ्य विभाग से जुड़े डा. मयंक बडोला ने चारधाम यात्रा पर आने वाले लोगों को होने वाली स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की जानकारी दी एम्स के फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. लतिका मोहन व मेडिसिन विभागाध्यक्ष मीनाक्षी धर ने संस्थान में शुरु किए गए हाई एलटीट्यूड कोर्स से जुड़ी विस्तृत जानकारियां उपलब्ध कराई।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
कितनी गहरी हैं सनातन संस्कृति की जड़ें कोरोना से युद्ध में रणनीति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अभाव सीआईपीईटी केंद्रों ने कोरोना से निपटने के लिए सुरक्षात्मक उपकरण के रूप में फेस शील्ड विकसित किया एन.एस.यू.आई. ने छात्रों को एक-बार छूट देकर उत्तीर्ण करने का किया आग्रह एम्स ऋषिकेश में कोविड पॉजिटिव चार अन्य मामले सामने आए एम्स ऋषिकेश में कोविड पॉजिटिव के पांच नए मामले सामने आए उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित लोगों का आंकड़ा 317 पहुंचा, सभी 13 जिले ऑरेंज जोन में चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ के बाद बंगाल में एनडीआरएफ की 10 अतिरिक्त टीमें तैनात की गई "जैव विविधता भारतीय संस्कृति का अनिवार्य हिस्सा है": शेखावत कोविड—19 परीक्षण में 9 पॉजिटिव