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स्वस्थ समाज की परिकल्पना हमारा उद्देश्य होना चाहिए: उपायुक्त

September 18, 2019 07:05 PM

सिरसा, सतीश बंसल:
एक स्वस्थ समाज की परिकल्पना हमारा उद्देश्य होना चाहिए और युवा पीढी को जागृत एवं शिक्षित करके समाज हित के विभिन्न कार्यों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करके राष्ट्र का सही मायनों में विकास किया जा सकता है। ये विचार चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के सीवी रमन सेमिनार भवन में एकेडमिक-एडमिनिस्ट्रेशन इंटरफेस कार्यक्रम के दौरान उभर कर सामने आए।
कार्यक्रम में उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ रुबरु होते हुए कहा कि राष्ट्र के उत्थान में शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है और यदि शिक्षक विद्यार्थियों की रुचि अनुसार उनका करियर चुनने में मार्गदर्शन करते हैं तो विद्यार्थी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में तो कामयाब होते हैं ही साथ ही साथ रुचि अनुसार करियर का चयन होने पर वे तन्मयता के साथ कार्य करते हैं और उनके अंदर पसंदिदा काम मिलने की वजह से नित नई ऊर्जा का संचार होता है और सृजनात्मक कार्य करते हुए वे जीवन में आगे बढते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार कायत ने अपने अध्यक्षीय भाषण में भारतीय शिक्षा पद्दति के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि 80 के दशक के उपरांत उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में अनेक बदलाव आए और सूचना प्रौद्योगिकी व विज्ञान पर आधारित शिक्षा के क्षेत्र में शोध कार्यों का आगाज हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार मुहैया करवाना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्य विकसित करके एक आदर्श समाज की स्थापना करना है। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायधीश डा. आरएन भारती ने अपने वक्तव्य में कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को पढाई के साथ-साथ एक्सटेंशन एक्टिविटीज में भी बढचढकर भाग लेना चाहिए और समाज हित पर आधारित शोध गतिविधियां करने की सलाह प्राध्यापकों को दी।
प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी, प्रो. अन्नु शुक्ला, प्रो. पंकज शर्मा व डा. सत्यवान दलाल ने प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद स्थापित करते हुए विभिन्न समाज हित व शिक्षा जगत के क्षेत्र में सुधारों पर चर्चा की। उपायुक्त व जिला एवं सत्र न्यायधीश का स्वागत शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. राज कुमार सिवाच द्वारा किया गया।

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