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एम्स में वेक्यूम एसिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी मशीन की स्थापना

September 28, 2019 08:16 PM

ऋषिकेश (ओम रतूड़ी) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में एकीकृत स्तन चिकित्सा केंद्र आईबीसीसी विभाग में वेक्यूम एसिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी वीएबीबी मशीन की स्थापना की गई। संस्थान के आईबीसीसी विभाग में स्तन रोग निदान एवं उपचार संबंधित अत्याधुनिक मशीन वेक्यूम एसिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी मशीन की निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने विधिवत स्थापना की। इस अवसर पर उन्होंने इस तकनीक के इस्तेमाल एवं रोगी महिलाओं को इससे होने वाले फायदों के बारे में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व कार्मिकों को अवगत कराया। प्रो. कांत ने बताया कि यह उपकरण देश के गिने चुने संस्थानों में ही उपलब्ध है। ऋषिकेश एम्स, दिल्ली एम्स के बाद दूसरा संस्थान है जिसमें महिला रोगियों की जांच के लिए इस मशीन को स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक मरीज को बिना बेहोश किए व बिना किसी चीरे के तकरीबन ढाई सेंटीमीटर तक की गांठ को बेहतर सुविधाजनक तरीके से निकालने में कारगर है, जिसके लिए संस्थान में मामूली शुल्क रखा गया है।
आईबीसीसी की प्रमुख प्रोफेसर बीना रवि की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में स्तन रोगियों के लिए विशेषीकृत भर्ती पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। उक्त पुस्तिका सिर्फ स्तन कैंसर ग्रस्त रोगियों के लिए तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि संस्थान के निदेशक कांत की पहल पर एम्स में स्थापित स्पेशल ब्रेस्ट कैंसर क्लिनिक से महिला रोगियों को लाभ मिल रहा है। क्लिनिक में एक साल में करीब पांच हजार मरीजों का पंजीकरण कया गया, जिनमें पांच सौ से अधिक महिलाओं का कैंसर रोग का परीक्षण व सर्जरी के बाद पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि क्लिनिक में मरीजों को बायोप्सी, अल्ट्रासाउंड जांच, चिकित्सकीय परामर्श व सर्जरी आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही संस्थान की ओर से नियमिततौर पर विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित कर महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरुक किया जा रहा है।
आईबीसीसी की प्रमुख प्रो. बीना रवि ने बताया कि अक्टूबर माह ब्रेस्ट कैंसर माह के तौर पर मनाया जाता है, लिहाजा इसके तहत एम्स संस्थान द्वारा जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरुक किया जाएगा।

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