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राष्ट्रीय

अमेरिकी एक्युपंचर और नेचुरोपैथी विशेषज्ञों ने की रोगियों की जांच

September 29, 2019 06:40 PM

ऋषिकेश, (ओम रतूड़ी)

परमार्थ निकेतन धर्मार्थ चिकित्सालय में पांच दिवसीय निःशुल्क एक्युपैंचर एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर में विशेषज्ञों ने 500 से अधिक रोगियों की जांच की।

  नवरात्रि के अवसर पर परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने राजाजी नेशनल पार्क मार्ग पर स्वच्छता अभियान चलाया। परमार्थ निकेतन के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ रवि कौशल ने बताया कि शिविर में प्रतिदिन 50 से 60 रोगियों का प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से इलाज किया गया।
इस मौके पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्राकृतिक चिकित्सा और योग पर गहरी आस्था थी। नैचरोपैथी अर्थात नेचर से, प्रकृति से सम्बधित। हम जितना प्रकृति से जुड़े रहेगे उतने ही स्वस्थ और जीवंत बने रहेंगे। अपने लिये व आने वाली संतानों के लिये पौधों का रोपण अवश्य करें। योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को जीवन में स्थान दें। तनाव से मुक्त होने के लिये ’मेडिसिन नहीं मेडिटेशन’ का सहारा लें।’
डाॅ सामी रैंक ने कहा कि अभी तक मैंने जिन रोगियों का इलाज किया उसमें सबसे अधिक रोगी एसिडिटी, आर्थराइटिस और स्पांडिलाइटिस के थे।
कैथरीन शुलमैन ने कहा कि लोग अक्सर अपने आहार-विहार में संयम नहीं रखते इसलिये आर्थराइटिस जैसे रोगों का सामना करना पड़ता है। उन्होने कहा कि स्वस्थ रहने के लिये आहार और प्रातःकाल की सैर नितांत आवश्यक है इससे हमारे मस्तिष्क में आॅक्सीजन की मात्रा संयमित बनी रही है।
अमेरिका से आये प्रसिद्ध एक्युपंचर और नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डाॅ सामी रैंक, डाॅ कैथरीन शुलमैन, माइकल फिलिप्स, किम्बर्ली फिलिप्स, एड्रिएन विल्सन, एडेन डानावी, राहेल फील्ड, डायने ओल्मस्टेड,, रेबेका जाॅनसन, अमांडा फ्रीड, एम्बर ब्लेयर, बहमन शाहलोरी, डेबरा पाॅडजेड, केटी पेंस, किम्बर्ली डयूपाॅन्ट, क्रिस्टिन बिएनवेस्ट, लिंडा डेविस, वेंडी लूमिस अपनी सेवा प्रदान की।

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