ENGLISH HINDI Wednesday, August 12, 2020
Follow us on
 
हिमाचल प्रदेश

कांग्रेस के दबाव से ही भाजपा ने धर्मशाला में अपना प्रत्याशी बदला: दीपक शर्मा

September 29, 2019 09:02 PM

ज्वालामुखी,(विजयेन्दर शर्मा)

  हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता दीपक शर्मा ने आज यहां दावा किया कि धर्मशाला में इस बार उपचुनावों में कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी ही चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के दवाब की वजह से ही भाजपा को अंतिम समय में अपना प्रत्याशी बदलना पड़ा। हालांकि पार्टी इससे पहले स्थानीय नेता को टिकट नहीं दे रही थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी विजय इन्दर कर्ण मजबूत प्रत्याशी हैं,उनका इलाके में खासा जनाधार है। लिहाजा भाजपा चुनावों से पहले ही उनकी लोकप्रियता से घबरा गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ही झूठे वायदों पर राजनीति करती आई है, लेकिन अब यह झूठ बेनकाब हो चुका है।

भाजपा ने विधान सभा चुनावों के दौरान किए सभी वायदों से अब किनारा कर लिया है जिसका जवाब अब उपचुनावों में जनता देगी। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की जनता को सबसे बड़ा धोखा 65 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले 70 नैशनल हाइवे के नाम पर दिया है, जिससे एक फूटी- कौड़ी भी आज तक प्रदेश को नहीं मिली।

भाजपा ने विधान सभा चुनावों के दौरान किए सभी वायदों से अब किनारा कर लिया है जिसका जवाब अब उपचुनावों में जनता देगी। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की जनता को सबसे बड़ा धोखा 65 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले 70 नैशनल हाइवे के नाम पर दिया है, जिससे एक फूटी- कौड़ी भी आज तक प्रदेश को नहीं मिली।  डबल ईंजन की दुहाई देने वाली सरकार प्रदेश को आद्योगिक पैकेज दिलाने में भी फेल हुई और स्मार्ट सिटी प्रोजैक्टों पर भी हिमाचल के साथ वायदा खिलाफी हुई। 90:10 फंडिंग पैटर्न को 50:50 किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि डबल ईंजन की दुहाई देने वाली सरकार प्रदेश को आद्योगिक पैकेज दिलाने में भी फेल हुई और स्मार्ट सिटी प्रोजैक्टों पर भी हिमाचल के साथ वायदा खिलाफी हुई। 90:10 फंडिंग पैटर्न को 50:50 किया जा रहा है। बाहरी देशों से सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने के मामले में भी बागवानों को राहत देने में सरकार नाकाम रही। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का हर वर्ग अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ भी सरकार ने बड़ा कुठाराघात किया है। इनके लिए कोई भी नीति निर्धारण करने में सरकार ने अब असमर्थता जता दी है।

दीपक शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग कर सरकार ने कर्मचारियों के हितों पर प्रहार कर उन्हें शीघ्र न्याय से वंचित कर दिया। जबकि सरकार का सारा वक्त हिमाचल की ज़मीनों को लूटाने में बाहरी हाथों में सौंपने के लिए लगातार धारा-118 का उल्लंघन करने में लगा रहा। टी-आर्चर्ड की आड़ में लैंड सीलिंग एक्ट में संसोधन की बातें हो रही है। हिमाचल के पर्यटन निगम के होटलों को बेचने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा के इस दोहरे चरित्र से अब प्रदेश की जनता तंग आ चुकी है और इसका माकूल जवाब उपचुनावों में देगी।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हिमाचल प्रदेश ख़बरें