ENGLISH HINDI Friday, October 18, 2019
Follow us on
 
राष्ट्रीय

आपदा प्रबंधन समिति ने की बिहार में बाढ स्थिति की समीक्षा

October 01, 2019 10:20 PM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने कैबिनेट सचिव श्री राजीव गाबा की अध्‍यक्षता में आज बिहार में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। बिहार सरकार ने बैठक में जानकारी दी कि भारी वर्षा और नदियों का जलस्‍तर बढ़ने के कारण राज्‍य के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं।
राज्य में सरकारी तंत्र द्वारा व्यापक स्‍तर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है। राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा इसमें पूरी मदद दी जा रही है। एनडीआरएफ की 20 टीमें राज्य में तैनात की गई हैं, जिनमें से अकेले पटना में छह टीमें मौजूद हैं जहां पिछले तीन दिनों में बहुत ज्‍यादा बारिश के कारण जलभराव की स्थिति है।
राहत और बचाव कार्य में वायुसेना के दो हेलिकॉप्‍टरों को लगाया गया है। कोयला मंत्रालय की ओर से चार हेवी ड्यूटी पंप उपलब्ध कराए गए हैं जो आज पटना पहुंच जाएंगे। इन पंपों के जरिए जलभराव वाले इलाकों से प्रति मिनट तीन हजार गैलन पानी निकाला जा सकेगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं और साथ ही खाने और पीने के पानी जैसी जरुरी वस्‍तुओं की आपूर्ति भी की जा रही है।
एक ओर जहां केन्‍द्रीय मंत्रालयों की टीमों द्वारा राज्‍य में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया जा चुका है वहीं ये टीमें एक बार फिर बाढ़ की ताजा स्थिति की समीक्षा के लिए राज्‍य का दौरा कर सकती हैं।
भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि राज्‍य में पिछले पांच दिनों से जारी भारी वर्षा के बाद अब स्थिति में सुधार हो रहा है।
कैबिनेट सचिव ने बैठक में बाढ़ की ताजा स्थिति के साथ ही इससे निपटने की तैयारियों तथा राहत और बचाव कार्यों की भी समीक्षा की। उन्‍होंने इन कार्यों में राज्‍य सरकार की ओर से मांगी गई मदद के अनुरूप संबंधित अधिकारियों को आवश्‍यक निर्देश भी दिए।
बैठक में गृह, रक्षा, कोयला तथा जलशक्ति मंत्रालय, एनडीएमए, एनडीआरएफ, आईएमडी और केन्‍द्रीय जल आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा राज्‍य सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने वीडियो कान्‍फ्रेंसिंग के जरिए इसमें हिस्‍सा लिया।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
डीआरडीओ ने प्रौद्योगिकी हस्‍तातंरण से जुड़े 30 समझौते किये सुरक्षित और किफायती प्रौद्योगिकियों की दिशा में नवाचार उन्मूलन के लिए टीबी दर गिरना काफ़ी नहीं, गिरावट में तेज़ी अनिवार्य: नयी WHO रिपोर्ट बिना मानवाधिकार उल्लंघन के, व्यापार करे उद्योग: वैश्विक संधि की ओर प्रगति प्रकृति ही देगी प्लास्टिक का हल चिकित्सकों व नर्सिंग कर्मचारियों का ट्रॉमा केयर में दक्ष होना नितांत आवश्यक कूड़ा मुक्त, कुरीति मुक्त भारत बने अनुभव व नवीनतम तकनीकि ज्ञान का लाभ मरीजों को मिले: प्रो. कांत जल संरक्षण पर कार्य करने की जरूरत हिमालयी क्षेत्रों में बड़े उद्योगों के बजाय लघु उद्योगों को महत्व दिया जाये