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पंजाब

पराली को आग लगाने वाले मुलाजिमों के विरुद्ध करेगी अनुशासनात्मक कार्यवाही

October 10, 2019 04:26 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
राज्य में पराली जलाने के विरुद्ध उठाये जा रहे कदमों को जमीनी स्तर पर और प्रभावी ढंग के साथ अमल में लाने के मकसद से पंजाब सरकार ने विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, सहकारी सभाओंं और स्वै-स्वामित्त्व अदारों के मुलाजिमों को इसमें शामिल करते हुये उनकी स्वामित्तव वाले या स्वयं की काश्त वाले खेतों में धान की पराली को आग लगाने के विरुद्ध उनकी जवाबदेही तय करने का फ़ैसला किया है।
विस्तार में हिदायतें जारी करते हुये सरकार ने समूह कर्मचारियों को उनकी तरफ से धान की काश्त अधीन अपनी ज़मीन में पराली को आग न लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव काहन सिंह पन्नू ने बताया कि यदि कोई मुलाज़ीम इन हिदायतों की पालना नहीं करता तो ऐसे मुलाजिमों के विरुद्ध सेवा नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मुलाजिमों को यह भी हिदायत की गई है कि पराली जलाने के ख़तरनाक रुझान को रोकने के लिए बाकी लोगों को भी जागरूक किया जाये क्योंकि यह अमल वातावरण और स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक साबित होता है। इसी तरह मुलाजिमों को यह भी पाबंद किया गया है कि यदि कहीं पराली जलाने का कोई मामला सामने आता है तो वह तुरंत सम्बन्धित अथॉरिटी के नोटिस में लाऐंगे। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी जहाँ स्वयं पराली जलाने के अमल से एक तरफ़ रहेंगे, वहीं पराली जलाने के साथ वातावरण और मानवीय स्वास्थ्य पर पड़ते दुष्प्रभावों संबंधी जागरूकता पैदा करेंगे।
कृषि सचिव ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने जि़ला पुलिस मुखियों और अन्य पुलिस अफसरों को भी हिदायत की है कि किसानों को पराली न जलाने के लिए ज़ोर देकर कहें। इसी तरह सभी राजस्व पटवारियों को भी यह आदेश दिए गए हैं कि जिस खेत में भी पराली जलाई जाती है, उस ज़मीन की गिरदावरी में ‘रैड्ड ऐंट्री’ दर्ज की जाये। उन्होंने कहा कि धान की पराली को आग लगाने वाले खेत सम्बन्धित भी कर्मचारी अपनी अथॉरिटी को तुरंत सूचित करें।
कृषि सचिव ने बताया कि डिप्टी कमिशनरों को यह निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई नंबरदार पराली जलाने की गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए सम्बन्धित अथॉरिटी द्वारा नोटिस जारी किया जाये। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिशनर और जि़ला पुलिस प्रमुख सम्बन्धित पक्षों के साथ साझी मीटिंग करके पराली को आग लगाने पर पाबंदी के आदेशों को सख्ती के साथ अमल में लाएंगे। इसी तरह पंजाब में कृषि उत्पादन मार्केट कमेटियों के साथ रजिस्टर्ड आढ़तियों को भी अपने खेतों में धान की पराली को आग न लगाने के आदेश दिए गए हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा भी इस ग़ैर-सेहतमंद अमल के विरुद्ध चुने हुए पंचायती नुमायंदों को प्रेरित किया जायेगा।
श्री पन्नू ने आगे बताया कि सरकारी और प्राईवेट स्कूलों के अध्यापकों और अन्य स्टाफ को भी अपने-अपने खेतों में धान की पराली न जलाने की हिदायत की गई है। इसी तरह नहरी पटवारियों को भी आदेश दिए गए हैं कि यदि उनके सम्बन्धित इलाकों में पराली जलाने की कोई घटना घटती है तो इस सम्बन्धी अपेक्षित कार्यवाही करने के लिए सम्बन्धित जिले के डिप्टी कमिशनर के ध्यान में यह मामला लाया जाये।

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