ENGLISH HINDI Tuesday, November 19, 2019
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
दादागिरी पर उतरे ओकेशन मैरिज पैलेस के संचालक,पुलिसकर्मियों व शिकायतकर्ता से मारपीट, 35 पर कटा पर्चाअवैध माइनिंग: गुंडा टैक्स को लेकर प्रशासन हरकत में, माइनिंग में लगी मशीनरी की जब्तप्रधानमंत्री को हिमाचली टोपी पहनाना दस लाख रुपये में पड़ा : कुलदीप राठौरप्रिंस बंदुला के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की शुरुआत, संजय टंडन ने किया उद्घाटनपंडित यशोदा नंदन ज्योतिष अनुसंधान केंद्र एवं चेरिटेबल ट्रस्ट (कोटकपूरा ) ने वार्षिक माता का लंगर लगायाछतबीड़ जू में व्हाइट टाइगर 'दिया' ने दिया 4 शावकों को जन्मसरकार विदेशों में, यहां दरिन्दे इंसानियत का कर रहे है 'शिकार' : भगवंत मानगुणवत्तायुक्त शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश जरूरी : राजेंद्र राणा
राष्ट्रीय

हिमालयी क्षेत्रों में बड़े उद्योगों के बजाय लघु उद्योगों को महत्व दिया जाये

October 12, 2019 11:07 AM

ऋषिकेश, (ॐ रतूड़ी) परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा, भविष्य में पर्यावरण की शुद्धता एवं हिमालय की संस्कृति व शुद्धता की रक्षा के लिये हमें स्वच्छ, हरित, सतत एवं सामंजस्यपूर्ण ढ़ंग से कदम उठाने होंगे और सतत विकास को बढ़ावा देना होगा।
शुक्रवार को परमार्थ निकेतन में हिमालयी राज्यों ’’सामाजिक और आर्थिक रूपांतरण’’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर उन्होंने कहा, हमें विकास की ऐसी मिसाल स्थापित करना होगा जो विशिष्ट हो और मैदानी क्षेत्र की तुलना में हिमालय के लिये भिन्न हो। हिमालयी क्षेत्रों में बड़े उद्योगों के बजाय लघु उद्योगों को महत्व दिया जाये; हिमालय के प्राकृतिक सौन्दर्य एवं सांस्कृतिक विरासत जैसे स्वास्थ्य, अध्यात्म, पर्यटन, जैविक व आयुर्वेदिक, कृषि आदि को बढ़ावा दिया जाये तभी हम हिमालय की दिव्यता को संजो कर रख सकते है।
कार्यशाला के पश्चात सभी प्रतिभागियों और अधिकारियों ने विश्व विख्यात परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा देकर सभी का अभिनन्दन किया और हिमालय की दिव्यता बनाये रखने का संकल्प कराया। सभी प्रतिभागियों और उच्चाधिकारियों ने परमार्थ निकेतन गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने निदेशक पंचायती राज उत्तराखण्ड एच सी सेमवाल और अन्य अधिकारियों को रूद्राक्ष का पौधा भेंट सभी का अभिनन्दन किया।
दो दिवसीय कार्यशाला में दूसरे दिन चार सत्र आयोजित किये गये। प्रथम तकनीकी सत्र में संयुक्त सचिव पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार आलोक प्रेम नागर, द्वारा प्लान अभियान का निरिक्षण, मिशन अंत्योदय सर्वेक्षण रिपोर्ट का उपयोग करते हुये साक्ष्य आधारित योजना तैयार करना, ग्राम पंचायत विकास प्लान के तहत आर्थिक विकास और सामाजिक परिवर्तन, जीपीडीपी, हिमालयी राज्यों में व्यापक जीपीडीपी की तैयारी के विषय पर समूह चर्चा और रोड़ मैप तैयार करना आदि पर विस्तृत चर्चा हुई।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
सड़क दुर्घटना में पौड़ी गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत समेत तीन घायल सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ साधु संतों ने की बैठक अमेज़न फ्लिपकार्ट के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के लिए 10 नवम्बर को दिल्ली में व्यापारियों की राष्ट्रीय बैठक आरसीईपी को अपनाने के केंद्र के निर्णय का सीआईआई ने किया समर्थन इस्‍पात मंत्री ने निवेशकों को भारत के विकास क्रम में भागीदार बनने का न्‍यौता दिया नराकास पंचकूला द्वारा स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित ईपीएफओ पेंशन न्यूनतम 7500 रूपये करने की मांग तेज झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के कार्यक्रम की घोषणा वॉट्सऐप में जल्द शुरू होगा पेमेंट की खास सर्विस: सीईओ ज़करबर्ग राष्ट्रपति करेंगे 2 से 4 नवम्बर तक सिक्किम और मेघालय का दौरा