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राष्ट्रीय

अनुभव व नवीनतम तकनीकि ज्ञान का लाभ मरीजों को मिले: प्रो. कांत

October 14, 2019 02:04 PM

ऋषिकेश, (ॐ रतूड़ी) अनुभव व नवीनतम तकनीकि ज्ञान का लाभ मरीजों को मिले। यह कहना है अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान के निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत का। रविवार को तीन दिवसीय उत्तराखंड स्टेट ऑप्थेलमिक सोसाइटी कांफ्रेंस उत्तरा आईकॉन के समापन अवसर पर एम्स निदेशक ने राज्यस्तरीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए संस्थान के नेत्र रोग विभाग व सोसाइटी के पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिंए, जिससे अलग-अलग मेडिकल संस्थानों के चिकित्सकों को एक-दूसरे के ज्ञान व अनुभव का पता चल सके और इसका लाभ विभिन्न क्षेत्रों के मरीजों को मिल सके।
सम्मेलन में विशेषज्ञ चिकित्सकों के व्याख्यान हुए और शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। सोसाइटी की ओर से आंखों से जुड़ी बीमारियों पर आधारित शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागी चिकित्सकों को विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा गया।
प्रो. कांत ने कहा कि अनुभव व नवीनतम तकनीकि के ज्ञान का लाभ चिकित्सकों के माध्यम से मरीजों को मिलना चाहिए,जिससे उनकी पीड़ा का शमन हो और वह रोग मुक्त हो सकें। निदेशक ने बताया कि संस्थान इसी उद्देश्य से मरीजों को वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सतत प्रयासरत है। सम्मेलन में नेत्र परीक्षण एवं उपचार संबंधी विषयों पर डा. अतुल कुमार, डा. प्रदीप शर्मा, डा. पीके पाण्डे, डा. एसएस पांडव, डा. महिपाल सचदेवा इत्यादि ने व्याख्यान दिया। सम्मेलन के अंतिम दिन देशभर से आए प्रतिभागी चिकित्सकों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले चिकित्सकों को सोसाइटी की ओर से अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डा. जीएस धामी को डा. विनोद अरोड़ा ओरेशन अवार्ड से नवाजा गया, जबकि एम्स ऋषिकेश नेत्र विभाग की डा.गीतांजली सूद को बेस्ट शोधपत्र प्रस्तुतिकरण के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा डा. मोहित डोगरा को बेस्ट सर्जिकल वीडियो अवार्ड, डा. गौरव गुप्ता को यंग एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। सम्मेलन में कुल 80 चिकित्सक सम्मानित किए गए।

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