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पंजाब

जीरकपुर में लोग पटाखे फोड़ने को तैयार, कहीं आग लगी तो बुझाएगा कौन?

October 21, 2019 10:46 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर 

बीते करीब पंद्रह साल से ज़ीरकपुर में अलग से फायर ब्रिगेड स्टेशन स्थापित करने की माँग करते आ रहे ज़ीरकपुर वासियों को चार महीने पहले फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मिलने के बावजूद शहर इस दीवाली भी डेराबस्सी दमकल विभाग के ही आसरे होगा। गाड़ियां पार्क करने के लिए उपयुक्त स्थान न मिलने, कोई फोन नंबर न जारी होने और चार महीने पहले मिली गाड़ियों को पक्का रजिस्ट्रेशन नंबर न मिलने कारण चार महीने पहले मिलीं गाड़ियां नगर कौंसिल के दफ़्तर में शो पीस बनकर रह गई हैं जबकि ज़ीरकपुर में शहर को दीवाली के त्योहारों मौके आग लगने की सूरत में एक बार फिर डेराबस्सी, चंडीगढ़ या पंचकुला की फायर ब्रिगेड गाड़ियों पर ही निर्भर रहना पड़ सकता है।

फायर टैंडरों की आरसी नहीं बनी सड़क पर चली तो कटेगा चालान, टैंपरेरी स्टाफ को न बैठने के लिए दफ्तर, नेता शोपीस बनी दो गाड़ियों का उद्घाटन करने के बाद चलते बने


ज़ीरकपुर निवासियों की लंबे समय से चली आ रही माँग को पूरा करते पंजाब सरकार ने जुलाई महीने के पहले हफ़्ते में ज़ीरकपुर नगर कौंसिल को फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां दीं थी हालाँकि इन गाड़ियां के ज़ीरकपुर में आने में पूर्व नगर निकाय  मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का बहुत बड़ा हाथ रहा है परंतु हलका विधायक एनके शर्मा और ज़िला कांग्रेस प्रधान दपिन्दर सिंह ढिल्लों इन गाड़ियाों को शहर में लाने का सेहरा गाड़ियों का उद्घाटन कर अपने सिर बाँधते नज़र आए थे। कांग्रेसी नेता दीपइन्दर सिंह ढिल्लों की तरफ से 5 जुलाई को यह दो गाड़ियां ज़ीरकपुर निवासियों को समर्पित की गई थीं परंतु गाड़ीयाँ ज़ीरकपुर निवासियों को समर्पित करने के बावजूद किसी भी नेता ने इन गाड़ियों को ऑपरेशनल करने के लिए स्टाफ को ज़रूरी सहूलतें पुरी करने की ओर कदम नहीं उठाया। जिस कारण यह दोनों गाड़ीयाँ नगर कौंसिल की पार्किंग का शोपीस बन कर रह गई हैं जबकि डेराबसी फायर विभाग की तरफ से यहाँ तैनात किये गए कर्मचारी भी फोन नंबर, कमरा न मिलने और गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर न आने कारण सारा दिन पेड़ के नीचे सुस्ताते को मजबूर हैं। ज़ीरकपुर निवासियों का कहना है कि इस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार और नगर कौंसिल पर अकाली दल काबिज होने का नुकसान शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे पर काम में रोड़े अटकाने की आरोप लगाने के सिवाए कुछ नहीं कर रहे। जिस कारण शहर का भट्ठा बैठता जा रहा है।                                                                              अव्यवस्थित शहर : रिहायशी क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण
ज़ीरकपुर शहर एक अव्यवस्थित शहर बसा होने के कारण यहाँ रिहायशी क्षेत्रों में ही औद्योगिक यूनिट व गोडाउन बनाए गए हैं जहाँ खुलमखुल्ला ज्वलनशील पदार्थ भी स्टोर किए जाते हैं। इसके इलावा क्षेत्र की फर्नीचर मारकीटों में सैंकड़े लीटर तेल, स्पिरिट और रंग पड़ा है। जिस कारण ज़ीरकपुर और बलटाना के लोग बारूद के ढेर पर बैठे हैं क्योंकि यदि दीवाली के त्योहारों दौरान किसी जगह पर आग लग जाती है तो ज़ीरकपुर नगर कौंसिल में पार्क गाड़ीयाँ नगर कौंसिल के बाहर लगते भारी ट्रैफिक जाम कारण किसी भी सूरत में आग लगने वाली जगह पर समय पर नहीं पहुंच सकतीं और एक बार फिर ज़ीरकपुर निवासियों को आग बुझाने के लिए डेराबस्सी, पंचकुला या चंडीगढ़ प्रशासन के ही सहारे रहना पड़ सकता है। शहर वासियों ने माँग की कि इन गाड़ीयाँ को नगर कौंसिल की पार्किंग के में खड़ा करने की बजाय इन्हें शहर में उचित स्थान पर खड़ा किया जाये जिससे किसी अप्रिय घटना के घटने पर इन गाड़ियों का मकसद साकार हो सके।

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