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पंजाब

यहां लोगों की जान पर बन रही, पर सुनने वाला कोई नहीं

October 22, 2019 10:29 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

मैट्रो मॉल के नजदीक वीआईपी रोड पर रहने वाले लोगों की फुटओवर ब्रिज की भारी मांग दो विभागों के बीच की खींचतान के बीच पिस कर रह गई है।

मैट्रो मॉल के नजदीक वीआईपी रोड पर रहने वाले लोगों की फुटओवर ब्रिज की भारी मांग दो विभागों के बीच की खींचतान के बीच पिस कर रह गई और चंडीगढ़ अंबाला सड़क पर फुट ओवर ब्रिज की मांग मुखर होने लगी

जीरकपुर में चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर लगातार ट्रैफिक बढ़ रहा है। इस ट्रैफिक में पैदल हाईवे पार करने वालों को लंबा इंतजार कर दूसरी ओर जाने का मौका मिलता है। यहां इस साल भी जीरकपुर एमसी फुट ओवर ब्रिज के लिए जगह देने के लिए कोई काम नहीं कर रही। जब तक फुटओवर ब्रिज नहीं बन जाते तब तक यहां हादसों में लोगों की जान पर बनी रहेगी। एनएचएआई और नगर कौंसिल कुछ सकारात्मक कदम उठाने के बजाय आपसी उलझन में व्यस्त है।

 इसका खामियाजा यहां आवागमन करने वाले पैदल राहगीरों को उठाना पड़ रहा है। स्थानीय आरडब्ल्यूए संबंधित विभागों से कई बार पत्राचार कर फुटओवर ब्रिज बनाने की मांग करती आ रही है, लेकिन विभागों की ओर से परस्पर विरोधी रवैये के कारण यह मामला अधर में लटकता दिख रहा है।

मैट्रो के नजदीक चंडीगढ़ अंबाला सड़क पार करने की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। हाल ही में सड़क को चौड़ा कर दिया गया, लेकिन उसे पार करने के लिए कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी गई है। इससे सड़क पार करते हुए लोगों की मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। हाल ही में स्थानीय आरडब्ल्यूए संगठन की ओर से एनएचएआई को पत्र लिखा गया। इसके एनएचएआई की तरफ से आए पत्र के जवाब से पदाधिकारियों को निराशा हाथ लगी।

एनएचएआई की ओर से कहा गया कि फुटओवर ब्रिज का निर्माण कहां किया जाना है, यह स्पष्ट नहीं है। एनएचएआई ने नगर कौंसिल जीरकपुर से फुटओवर ब्रिज बनाने को लेकर प्रस्तावित प्रारूप की मांग भी की थी, लेकिन जो प्रारूप दिया गया उसे एनएचएआई की ओर से अस्पष्ट बताया गया है। इससे फुटओवर ब्रिज निर्माण की आशा ठंडे बस्ते में जाते दिख रही है। इस जगह पर विभिन्न कालोनियों से निकलने वाली मार्गो का मिलन होता है। इससे इस मार्ग पर पैदल चलने वाले लोगों की संख्या अच्छी तादाद में है। आरडब्ल्यूए ने बुजुर्गो, महिलाओं और विकलांगों सहित स्कूली बच्चों का हवाला देते हए कहा कि सड़क पार करने के दौरान इन्हें विशेष दिक्कतों का समाना करना पड़ता है। उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह से मार्ग पर वाहनों का दबाव रहता है, उससे हादसों की आशंका बनी रहती है।

  
  
 इस सड़क पर रोजाना लाखों वाहनों का आवागमन होता है। जबकि पैदल यात्रियों को ऐसे में सड़क पार करने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पैदल यात्रियों के लिए यहां पर डिवाइडर कट भी नहीं है। वहीं फ्लाई ओवर के बाद सिंघपुरा चोंक पर ही लालबत्ती होने से वाहन तीव्र गति से चलते हैं। -कमलजीत सिंह लोहगढ़

यहाँ फ्लाईओवर नजदीक होने कारण वाहन तीव्र गति से चलते हैं इससे पैदल चल रहे यात्रियों को दुर्घटनाग्रस्त होने का डर लगा रहता है। इस स्थान से डिवाइडर कट भी नहीं हैं वह काफी दूरी पर हैं जिससे पैदल यात्रियों में खासकर वृद्धों और स्कूली बच्चों को सड़क पार करने में काफी परेशानी होती है यह पर फुट ओवर ब्रिज की बहुत आवश्यकता है। -अनु चौधरी

इस संबंध में कई बार मांग की जा चुकी है, इसके बावजूद एनएचएआई इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि पथ बनने से प्रतिदिन हजारों लोगों को सड़क पार करने में आसानी होगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। -कमलजीत सिंह


पटियाला से सांसद महारानी परनीत कौर से अपील है कि लोगों की समस्याओं के मद्देनजर एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए अतिशीघ्र ठोस कदम उठाएं ताकि लोगों को जान खतरे में डालकर सड़क पार नहीं करनी पड़ी। -भूपिंदर सिंह मांटू

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