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हरियाणा

बटवारा, कारण व दर्द विचार गोष्ठी में झलका भारत-पाक विभाजन का दर्द

November 05, 2019 07:51 PM

सिरसा, बांसल:
पाठक मंच सिरसा की ओर से कामगर भवन के प्रांगण में 'बटवारा, कारण व दर्द विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। डीएन कॉलेज हिसार के अक्सिटैंट प्रोफेसर डॉ. निर्मल बंजारन ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। विचार गोष्ठी के अध्यक्ष मंडल में प्रिंसिपल हरभजन चावला, विनोद कक्कड़ व टोनी सागू ने विशेष रूप से शिरकत की। डॉ. निर्मल बंजारन ने विचार गोष्ठी में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पाकिस्तान विभाजन के बाद यहां के लोगों के दुख दर्द और तकलीफ को समझने के लिए साहित्यिक व सांस्कृतिक तौर पर पंजाब में काम तो हुआ, परंतु हरियाणा के अस्तित्व में आने के बाद नाम मात्र ही शोध कार्य हुए। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के बंटवारे का संताप झेल रहे लोग कभी नहीं चाहते कि दोनो मुल्कों की सदियों पुरानी सांझी संस्कृति व प्यार में कोई फर्क आये। उन्होंने कहा कि दोनो मुल्कों के आम लोग चाहते है कि आम लोगों में आपसी भाईचारा, प्यार-महोब्बत व शांति बनी रहे। डॉ. निर्मल ने कहा कि उन्होंने पूरे हरियाणा का भ्रमण करके विभाजन का शिकार हुए लोगों को इंटरव्यू किया और उनके अनुभवों को रिकार्ड किया है। उन्होंने कहा कि इस शोध के दौरान एक महिला होने के नाते उन्हें बहुत सी शारीरिक व मानसिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अपने शोध कार्य के दौरान मैंने हरियाणा के अलग-अलग जिलों के सैंकड़ों बुजुर्गों से मुलाकात की। इसमें भारत पाक बंटवारे के समय की मानसिक-आर्थिक स्थिति व विशेष तौर पर धार्मिक स्थिति पर लोगों से बात की गई। डॉ. निर्मल ने कहा कि बंटवारे के समय पंजाब व बंगाल के लोग बुरी तरह प्रभावित हुए जिसमें संयुक्त पंजाब के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। सेवानिवृत्त प्रिंसिपल हरभगवान चावला ने कहा कि साम्राज्यवादी ताकतों के पिठू बने हमारे नेताओं की सांप्रदायिक चालों को समझने की जरूरत है। बुद्धिजीवी विनोद कक्कड़ ने कहा कि मानव एकता व सद्भाव ही विकास का सही रास्ता है। मंच का संचालन हमजिंद्र सिंह ने किया। विचार गोष्ठी में काफी संख्या में बुद्धिजीवी, लेखक, पुस्तक प्रेमी, राजनेताओं सहित विभिन्न संगठनों के सदस्य मौजूद थे।

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