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राष्ट्रीय

ईपीएफओ पेंशन न्यूनतम 7500 रूपये करने की मांग तेज

November 07, 2019 11:29 AM

चंडीगढ, संजय मिश्रा:
ईपीएफओ (EPFO) के राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) ने ईपीएफओ के दायरे में आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपए मासिक किए जाने की मांग को लेकर पूरे देश में आंदोलन करने का निर्णय लिया है। समिति ने बुधवार को कहा कि संगठन में शामिल पेंशनभोगी अगले माह दिल्ली में रास्ता रोको अभियान चलाएंगे।

राउत ने बताया कि वो लंबे समय से ईपीएस 95 के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाकर न्यूनतम 7,500 रुपए मासिक किए जाने तथा उस पर महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। अगर उनकी मांगो पर विचार नहीं किया गया तो दिल्ली में 7 दिसंबर से रास्ता रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा पेंशनभोगी 1 नवंबर से 10 नवंबर तक गांव से लेकर राज्य स्तर पर भी आंदोलन कर रहे हैं और 4 से 6 दिसंबर तक वे दिल्ली में आंदोलन करेंगे। मांगें नहीं मांगने पर वे 7 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रास्ता रोको आंदोलन शुरू करेंगे।

 समिति के राष्ट्रीय संयोजक और अध्यक्ष अशोक राउत ने कहा कि 25-30 साल काम करने एवं ईपीएस आधारित पेंशन मद में निरंतर अपना योगदान देने के बावजूद भी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के रूप में मात्र 2,500 रुपए ही मिल रहे हैं जिसमे कर्मचारियों एवं उनके परिजनों का गुजर-बसर मुश्किल है।

समिति कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 95 के दायरे में आने वाले सभी कामगारों के लिए मासिक मूल पेंशन के रूप में न्यूनतम 7,500 रुपए के साथ इस पर महंगाई भत्ता देने, कर्मचारियों के पति/ पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने समेत अन्य मांग कर रहे हैं। समिति ने ईपीएस पेंशन के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी लागु करने की मांग की है एवं ईपीएस 95 के दायरे में नहीं आने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी न्यूनतम 5,000 रुपए मासिक पेंशन देने की मांग की है।

राउत ने बताया कि वो लंबे समय से ईपीएस 95 के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाकर न्यूनतम 7,500 रुपए मासिक किए जाने तथा उस पर महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। अगर उनकी मांगो पर विचार नहीं किया गया तो दिल्ली में 7 दिसंबर से रास्ता रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा पेंशनभोगी 1 नवंबर से 10 नवंबर तक गांव से लेकर राज्य स्तर पर भी आंदोलन कर रहे हैं और 4 से 6 दिसंबर तक वे दिल्ली में आंदोलन करेंगे। मांगें नहीं मांगने पर वे 7 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रास्ता रोको आंदोलन शुरू करेंगे।

ज्ञात हो कि ईपीएस, 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है, वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है। इसके अलावा पेंशन कोष में सरकार भी 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है। राउत ने दावा किया कि कर्मचारियों का पेंशन बढ़ाने से सरकार पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और उन्होंने इस बारे में श्रम मंत्री को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है।

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