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पंजाब

अवैध माइनिंग: गुंडा टैक्स को लेकर प्रशासन हरकत में, माइनिंग में लगी मशीनरी की जब्त

November 18, 2019 09:15 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

पंजाब में अवैध रूप में हो रही माइनिंग को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट और नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल आफ इंडिया ने पाबंदी लगा रखी है, पर राज्य में सत्ताधारी नेताओं की कथित शह पर क्षेत्र में रेत माफिया की ओर से बड़े स्तर पर नदी नालों में से सरेआम रेत की खुदाई की जा रही है।

अवैध माइनिंग जिसको पिछली सरकार के समय सारी पार्टियों ने चुनावों में मुद्दा बनाया था, जिसको मौजूदा कैप्टन सरकार ने 2017 में मुद्दा बना कैश भी किया था और पंजाब में अपनी सरकार बनाई थी। क्षेत्र के घग्गर नदी के इलावा अलग -अलग गाँवों की खोखली हो खड्डों सहित वन विभाग की ज़मीन और डैम के नज़दीक ड्रेनेज विभाग की ज़मीन जिसको माइनिंग विभाग नें खोद कर खोखला कर दिया है अपने आप ही नाजायज माइनिंग की गवाही देता हैं।

अवैध माइनिंग जिसको पिछली सरकार के समय सारी पार्टियों ने चुनावों में मुद्दा बनाया था, जिसको मौजूदा कैप्टन सरकार ने 2017 में मुद्दा बना कैश भी किया था और पंजाब में अपनी सरकार बनाई थी। क्षेत्र के घग्गर नदी के इलावा अलग -अलग गाँवों की खोखली हो खड्डों सहित वन विभाग की ज़मीन और डैम के नज़दीक ड्रेनेज विभाग की ज़मीन जिसको माइनिंग विभाग नें खोद कर खोखला कर दिया है अपने आप ही नाजायज माइनिंग की गवाही देता हैं।

सरकारी आधिकारियों की तरफ से लगातार आँखों से अनदेखा किया गया है। यदि इसपर राज्य सरकार ने जल्द ही काबू में न किया तो आने वाले दिनों में इसका बड़ा खामियाजा उठाना पड़ेगा। परन्तु अब सरकार की तरफ से मायनिंग पालिसी को लेकर किये गए वायदे खोखले नज़र आ रहे हैं और हलका डेराबस्सी सहित अन्य क्षेत्रों में से माइनिंग के नाम पर लगातार वसूले जा रहे गुंडा टैकस के चलते मुबारकपुर क्रेशर यूनियन ने विरोध स्वरूप अपने क्रेशर बंद रख विरोध प्रदर्शन किया था।

मौजूदा पंजाब सरकार ने कहा था कि नयी माइनिंग पॉलिसी बनाई जायेगी, परन्तु अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिसके चलते ज़ीरकपुर क्षेत्र में जायज अलाट रामपुरा घाट की आड़ में घग्गर नदी के किनारे छत्तबीड जु के पीछे सैकड़ों एकड़ वन विभाग और ड्रेनेज विभाग की ज़मीन से माइनिंग माफिया नें करोड़ों का रेत और मिट्टी खोद कर सरकार को चूना लगा दिया है जो बीती रात तक जारी था जिसकी गवाही इस क्षेत्र में पोकलेन मशीनों के चेन के निशान और टिप्परों के टायरों के निशान भर रहे हैं। जिसका एक नज़ारा आज उस समय देखने को मिला जब क्षेत्र में पड़ती घग्गर नदी में धड़ल्ले से अवैध माइनिंग की सूचना प्राप्त हुई।

हालाँकि प्रशासनिक आधिकारियों के पहुँचने की ख़बर माइनिंग माफिया के पास पहले ही पहुँच चुकी थी और माइनिंग माफिया ने माइनिंग वाली जगह से अपनी मशीनरी और टिप्पर हटा लिए थे और छत गाँव में रामपुरा घाट के नाम पर खोले अपने दफ़्तर को भी ताले जड़ दिए थे।

सोमवार को एस.डी.एम खरड़ हिमांशु जैन जिनके पास डेराबस्सी की एस.डी.एम पूजा सियाल के बीमार होने के चलते अतिरिक्त प्रभार है के नेतृत्व और डीएसपी डेराबस्सी गुरबख्शीस सिंह, डीएफओ गुरअमन प्रीत सिंह, एक्सईएन माइनिंग गुरप्रितपाल सिंह की मौजूदगी में मायनिंग विभाग और वन विभाग के अन्य आधिकारियों ने घग्गर नदी में छापा मार कर की जा रही अवैध मायनिंग वाली जगह से एक पोकलेन को कब्ज़े में लिया गया और पुलिस को इसपर कार्रवाई करने की लिखित शिकायत दी गई। बताया जा रहा है कि पोकलेन इस क्षेत्र के ठेकेदार की है, जो कि राजनैतिक सरपरस्ती में धड़ल्ले से अवैध माइनिंग कर रहे हैं।

इस बारे एसडीएम हिमांशु जैन ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि घग्गर दरिया में नाजायज माइनिंग हो रही है। जिसके चलते छापा मारा तो यहाँ एक पोकलेन खड़ी पाई गई। जिसको पुलिस ने अपने कब्ज़े में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फ़रार हो गए। पोकलेन को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

ठेकेदार को रामपुर गाँव में स्थित घाट की 12 एकड़ ज़मीन माइनिंग के लिए दी

माइनिंग पॉलिसी के अंतर्गत ठेकेदार को रामपुर गाँव में स्थित घाट की 12 एकड़ ज़मीन माइनिंग के लिए दी गई थी। परन्तु सत्ताधारी नेताओं की कथित शह पर माइनिंग ठेकेदार ने इस क्षेत्र में वन विभाग की सैकडों एकड़ ज़मीन और डैम के नज़दीक ड्रेनेज विभाग की ज़मीन को भी सेंध लगा कर डैम के अस्तित्व को भी ख़तरा पैदा कर दिया है। अवैध माइनिंग करते माइनिंग माफिया ने रेत और मिट्टी साथ-साथ करोड़ों रुपए के पेड़ भी तबाह कर दिए हैं। इस क्षेत्र के कुछ ही दूरी पर छत्तबीड़ चिड़ियाघर स्थित है और नाजायज माइनिंग कारण हो रहे प्राकृतिक नुक्सान का प्रभाव चिड़ियाघर के जानवरों की सेहत पर भी पड़ने का ख़तरा है।

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