ENGLISH HINDI Friday, July 10, 2020
Follow us on
 
पंजाब

कानून व्यवस्था को लेकर डीजीपी को मिला ‘आप’ का प्रतिनिधिमंडल

December 10, 2019 07:01 PM

चंडीगड़, फेस2न्यूज:

पंजाब में दिन प्रति दिन दयनीय होती जा रही कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रतिपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता को मिला। 
प्रतिनिधिमंडल में कोर समिति के चेयरमैन और विधायक प्रिंसीपल बुद्ध राम, विपक्ष की उप नेता बीबी सरबजीत कौर माणूंके, विधायक कुलतार सिंह संधवां, प्रो. बलजिन्दर कौर, गुरमीत सिंह मीत हेयर, रुपिन्दर कौर रूबी, जै किशन सिंह रोड़ी, मनजीत सिंह बिलासपुर, बलदेव सिंह जैतो, कुलवंत सिंह पंडोरी, कोर समिति मैंबर कुलदीप सिंह धालीवाल, राज्य महा सचिव नरिन्दर सिंह शेरगिल, व्यापार विंग की प्रधान नीना मित्तल, नौजवान नेता एडवोकेट हरदीप सिंह, वरिन्दर शर्मा और स्टेट मीडिया हैड मनजीत सिंह सिद्धू शामिल थे।     

गैंगस्टरों को लेकर कैप्टन और बादल परिवार पर मामला दर्ज करने की मांग की 


डीजीपी को मांग पत्र सौंपने के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए चीमा ने कहा कि उन्होंने डीजीपी के पास पंजाब पुलिस के कांग्रेसीकरण हो जाने का मुद्दा उठाया और पुलिस तंत्र को राजनीतिज्ञों के चंगुल से आजाद करवाने की मांग रखी। चीमा अनुसार राज्य में सत्ताधारियों और पुलिस के सरंक्षण के बिना कोई भी माफिया, गैंगस्टर, नशा तस्कर और समाज विरोधी तत्व सिर नहीं उठा सकता। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर की पुश्त पनाही को लेकर कैप्टन अमरिन्दर सिंह और सुखबीर सिंह बादल के दरमियान जो ब्यानबाजी चल रही है, उससे साफ है कि दोनों गुट (अकाली-कांग्रेसी) गैंगस्टरों और समाज विरोधी तत्वों को पूरी तरह से सरंक्षण देती हैं। चीमा ने मांग की है कि गैंगस्टरों को पनाह और पार्टी स्तर पर ताकत देने के आरोपों में भारतीय दंड सहिंता अनुसार मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और बादल परिवार के सदस्यों और इस गिरोह का हिस्सा अन्य नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
चीमा के अनुसार उन्होंने डीजीपी के पास पुलिस के कार्य में सीधी राजनैतिक दखल-अन्दाजी होवे के कारण पुलिस फोर्स का मनोबल पूरी तरह से टूट चुका है। लुधियाना के डीएसपी बलविन्दर सिंह सेखों की मंत्री भारत भूषण आशु के दबाव तले निलंबिक और इसी मंत्री के रोअब के चलते लुधियाना के एसीपी जतिन्दर अरोड़ा से कांग्रेसी नेता के समक्ष ‘माफी’ जैसे मामलों ने पुलिस के अच्छे अफसरों और मुलाजिमों का मनोबल ओर तोड़ दिया है।
इस मौके सरबजीत कौर माणूंके ने रसूलपुर (जगरावां) से सम्बन्धित लडक़ी कुलवंत कौर जीती का मामला उठाया, जो अपने भाई की गुहार लेकर पुलिस थानो में गई थी, जिस को बुरी तरह टोरचर (अत्याचार) किया गया और वह 2006 से बिस्तर पर जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ रही है, का मामला भी उठाया। जबकि कुलतार सिंह संधवां ने सादिक की चर्चित चोरी में स्थानीय पुलिस की कार्यवाही पर उगंली उठाई।
विधायक मीत हेयर और कुलवंत सिंह पंडोरी ने महल कलां ट्रक यूनियन के 12 ट्रक आपरेटरों पर किए झूठे पुलिस मामलों का मुद्दा उठाया। इसी तरह मनजीत सिंह बिलासपुर ने बिलासपुर पुलिस चौंकी में स्टाफ की कमी और कुलदीप सिंह धालीवाल ने घूमण (गुरदासपुर) के आढ़ती की ओर से आत्महत्या किए जाने वाले केस में शामिल आरोपियों के अभी तक न पकड़े जाने का मुद्दा उठाया।
प्रिंसीपल बुद्ध राम और मास्टर बलदेव सिंह ने निचले स्तर पर विधायक के बनते प्रोटोकोल का ख्याल न रखे जाने की ओर डीजीपी पंजाब का ध्यान दिलाया।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और पंजाब ख़बरें
बरगाड़ी-बहबल कलां कांड में लोगों की कचहरी के मुख्य आरोपी हैं बादल: मान इंतकाल फीस 300 रुपए से बढ़ाकर 600 रुपए की, महामारी झेल रहे लोगों पर अतिरिक्त भार राज्य में खेल ढांचे की मज़बूती के लिए कड़े निर्देश शिरोमणि कमेटी के फ़ैसले से पंजाब के 3.5 लाख दूध उत्पादकों के पेट पर पड़ी लात: रंधावा पहलकदमी : बरनाला में घुटनों की तकलीफ के मरीजों का दूरबीन से इलाज डेराबस्सी में कोरोना का कहर: बेहड़ा में 33 पॉजिटिव, जवाहरपुर पुन: सुर्खियों में सिविल डिफेंस द्वारा रक्तदान शिविर 9 जुलाई को सिविल अस्पताल में पंजाब के 22 में से 18 जिले नशे की चपेट में : सांपला वेरका ने पशु खुराक के दाम 80-100 रुपए प्रति क्विंटल घटाये गांव खेड़ी गुजरां में दूषित पानी पीने से चार भैंसों की मौत का मामला, एसडीएम ने किया मौके का दौरा