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हिमाचल प्रदेश

पंचायतों का पुनर्गठन करेगी सरकार

December 12, 2019 06:05 AM

धर्मशाला,(विजयेन्दर शर्मा) हिमाचल सरकार पंचायत चुनाव से पहले पंचायतों का पुनर्गठन करेगी। इसका मकसद प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करना है। वहीं, पीडब्ल्यूडी मंडलों का भी सरकार पुनर्गठन करेगी। हालांकि इस निर्णय को स्थानीय लोगों की राय के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। यह बात सीएम जयराम ठाकुर ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कही। वे आज विधानसभा में बीजेपी सदस्य कर्नल इंद्र सिंह द्वारा परिसीमन के बाद पंचायतों में आ रही दिक्कतों के सवाल का जवाब दे रहे थे।
सीएम जयराम ठाकुर ने साफ किया कि पंचायतों का परिसीमन प्रदेश स्तर पर किया जाता है, जबकि विधानसभा हलकों का परिसीमन केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा 2007 में कानूनगो और पटवार वृत्तों के आधार पर किया गया था।
सीएम जयराम ठाकुर ने माना कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में परिसीमन के बाद बहुत दिक्कतें आ गई हैं। इनमें सड़कों के रखरखाव के मामले में ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। इसे देखते हुए सरकार ने निकट भविष्य में पीडब्ल्यूडी के मंडलों का नए सिरे से पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है। स्थानीय लोगों की राय के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इस संबंध में सुखराम चौधरी ने भी प्रतिपूरक सवाल पूछे।
आवंटित कृषि भूमि के इंतकाल के संबंध में विधायक राकेश सिंघा के एक सवाल में सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कुमारसेन और ठियोग तहसील में ऐसी जमीन के इंतकाल के लिए किसी भी किसान ने आवेदन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को यह जमीन 1980 में वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) लागू होने से पहले आवंटित की गई थी, लेकिन इनका इंतकाल नहीं हुआ है। इंतकाल क्यों नहीं हुआ, इस बारे मे डीसी शिमला से जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार मामले की जांच कर इंतकाल करवाने का प्रयास करेगी, ताकि लोगों को आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी के लिए बनाई कमेटी:
ग्रामीण विकास व पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विधायक नरेंद्र ठाकुर के एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। यदि कोई गड़बड़ी रह जाए, तो उसके लिए तीन सदस्सीय कमेटी भी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों का चयन सामाजिक व आर्थिक जातिगत गणना 2011 के आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिले में इस योजना के तहत 839 परिवारों का चयन किया गया था, जिनमें से 720 परिवारों को इस योजना के तहत बनने वाली प्रतीक्षा सूची से बाहर कर दिया गया था। इस प्रकार इस योजना के तहत जिले में केवल 119 परिवार ही पात्र थे। इनमें से 111 परिवारों को वर्ष 2016 से 2018 के बीच लाभांवित किया गया, जबकि शेष आठ परिवारों को अक्टूबर 2019 में ग्राम सभाओं द्वारा बाहर कर दिया गया था।

 
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