ENGLISH HINDI Sunday, August 16, 2020
Follow us on
 
राष्ट्रीय

मन की शांति व शक्ति हेतु शिविर, श्रेष्ठ कर्म और संस्कार हमारी पहचान

December 13, 2019 07:22 AM

भिलाई, फेस2न्यूज:
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा बोरसी के प्रगति मैदान में चल रहे मन की शांति व शक्ति शिविर के पाँचवे दिन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी प्राची दीदी ने कहा कि हमारे द्वारा बार-बार किए कर्मों से हमारे संस्कार बनते हैं और यही संस्कार मृत्यु के पश्चात हमारे साथ जाते हैं और हम इन्हीं संस्कारों को लेकर पुनरजन्म लेते हैं इसीलिए श्रेष्ठ संस्कार ही हमारी मूल्यवान संपत्ति इसे खोना नहीं है हमारी पहचान हमारे श्रेष्ठ कर्मों और संस्कारों से ही है।
परमात्मा के परिचय के बारे में बताते हुए कहा कि परमात्मा वह है जो सर्वमान्य हो और सर्व शक्तियों का भंडार है तथा वह सर्वोच्च है। जन्म मरण से न्यारे हैं। ऐसे भगवान से हमें मांगना नहीं है लेकिन हम उनके अधिकारी बच्चे हैं यदि हम स्वच्छ निर्मल मन से हर कार्य करेंगे तो हमारी सफलता निश्चित है और परमात्मा का सदा साथ और हाथ हमारे साथ रहेगा।
जब हम राजयोग मेडिटेशन द्वारा परमात्मा के संग में आते है तो पुराने संस्कार भस्म हो नये दैवीय संस्कार बनते है जिससे मन शान्त और शक्तिशाली होता है।
कोई भौतिक वस्तु हमारे साथ नहीं जाती पर आज जीवन की सारी भागदौड़ भौतिक सुख सुविधाओं का संचय करने में हमारी मन की शांति व् शक्ति नष्ट हो रही है। हमारे साथ श्रेष्ठ कर्म और संस्कारों की पूंजी ही जाती है।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
वाराणसी में वर्चुअल माध्यम से धनवंतरी चलंत अस्पताल का शुभारंभ पूंजीगत खर्च पर सीपीएसई की तीसरी समीक्षा बैठक विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक और सराहनीय सेवाओं के लिए आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों को पुलिस पदक से सम्मानित राष्ट्रपति ने सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों के लिए 84 वीरता पुरस्कारों और अन्य सम्मानों की मंजूरी दी भारतीय रेल की दूसरी किसान स्पेशल ट्रेन का परिचालन बरौनी से टाटानगर के बीच नीति निर्माण हेतु जमीनी स्तर के मुद्दों का क्षेत्र और उद्योगवार अध्ययन समय की जरूरत: गडकरी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 926 पुलिसकर्मी पदक से सम्मानित स्‍वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर कोविड-19 के मद्देनजर लाल किले पर कल विशेष सुरक्षा व्यवस्था सैन्य कर्मियों के लिए मानद आयोग 15 अगस्त सिर्फ जश्न का नहीं आत्ममंथन का भी दिन