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पंजाब

पेडा ने बायोमास आधारित ऊर्जा प्लांटों पर बातचीत सैशन करवाया

December 15, 2019 08:49 AM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी ने इंडियन कौंसिल फॉर एग्रीकल्चर रिर्सच, भोपाल के सहयोग से बायोमास ऊर्जा आधारित ऊर्जा प्लांटों /को -जनरेशन प्रोजेक्टों /बायो -सी.एन.जी. /बायो -इथेनोल / बायो -कोयला प्रोजेक्टों संबंधी एक दिवसीय बातचीत सैशन करवाया गया।  

वातवारण प्रदूषण रोकने के लिए धान की पराली के प्रयोग पर केन्द्रित रहा बातचीत सैशन


सैशन के शुरू में वातावरण प्रदूषण के कारण बनी धान की पराली के प्रयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया जिसका प्रयोग बायोमास आधारित ऊर्जा प्लांटों /को -जनरेशन प्रोजेक्टों /बायो /सी.एन.जी. /बायो -इथेनोल, बायो -कोयला प्रोजेक्टों आदि जैसी अलग अलग प्रौद्योगिकियों में जा सकती है। सैशन में अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा रवनीत कौर, संयुक्त सचिव, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, भारत सरकार दिनेश दयानन्द जगदाले, कृषि ऊर्जा और पावर डिविजऩ भोपाल के प्रमुख के.सी. पांडे और नयी और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत, पंजाब के प्रमुख सचिव अनिरुद्ध तिवारी ने भाग लिया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, ऊर्जा और नयी और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रमुख सचिव ने बायोमास ऊर्जा की लागत घटा कर 5 रुपए प्रति किलोवाट घंटा करने सम्बन्धी वायाबिलटी गैप फंडिंग (वी.जी.एफ.) प्रदान करने के लिए श्री जगदाले को विनती की। सैशन के दौरान एम.एन.आर.ई. के संयुक्त सचिव ने कहा कि एम.एन.आर.ई. इस पर काम कर रहा है और बायोमास ऊर्जा प्रोजेक्टों को उत्साहित करने के लिए जल्द ही कोई नीति लाएगा।
तकनीकी सैशन के दौरान बड़ी कंपनियाँ मैसर्ज बायोनदेव ए.वी. स्वीडन, मैसर्ज वरब्यो इंडिया की तरफ से धान की पराली को क्रमवार बायो -कोयला पैलटस और बायो -सी.एन.जी. में तबदील करने सम्बन्धी पंजाब में स्थापित किये जा रहे अपने प्रोजेक्टों संबंधी पेशकारी दी। मैसर्ज सुखबीर एग्रो के डायरैक्टर हरभजन सिंह की तरफ से डेनमार्क की कंपनी से बवाइलर प्रौद्योगिकियों का प्रयोग से राज्य में दो नम्बर.18 एम.वी. 100 प्रतिशत धान की पराली आधारित बायोमास पावर प्लांट स्थापित करने के तजुर्बे भी सांझे किये गए। पंजाब नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली से सी.डी.आर. गुरकीरत सेखों की तरफ से धान की पराली को इक_ा करने और सप्लाई चेन विधि के लिए अपनी रणनीति और कार्य योजना सम्बन्धी पेशकारी दी।
दूसरे तकनीकी सैशन में संयुक्त राष्ट्र (एफ.ए.ओ.) खाद्य और कृषि संगठन के मानस पुरी की तरफ से पराली के प्रबंधन और मूल्यवान उत्पादों में तबदील करने के प्रयोग सम्बन्धी उनके अध्ययन और तजुर्बो संबंधी पेशकारी दी गई। अपनी पेशकारी में मैसर्ज सिटीज़ इनोवेटिव बायोफ्यूल डा. गुरजोत सिंह की तरफ से स्विटजऱलैंड की कंपनी की प्रौद्यौगिकी पर आधारित अपने आगामी बायो -सी.एन.जी. प्रोजैक्ट संबंधी जानकारी दी गई। सेल्ज और मार्किटिंग के डायरैक्टर सी.एच.एन. इंडस्ट्रियल न्यू होलैंड गुडग़ाओं की तरफ से पराली इक_ा करने के लिए बायोमास हैंडलिंग मशीनों का प्रयोग संबंधी अपने तजुर्बे सांझे किये गए। नवीकरणीय ऊर्जा इंजीनियरिंग, पी.ए.यू. लुधियाना से डा. एस.एस. सुच ने बायोगैस में तबदीली के लिए धान की पराली के प्रयोग को उत्साहित करने सम्बन्धी अपने तजुर्बो संबंधी भी बात की।
यह बातचीत सैशन नवीन और नयी प्रौद्योगिकियों के ज़रिये अतिरिक्त पराली के प्रयोग, अलग अलग ऊर्जा स्रोतों जैसे बिजली, बायो -सी.एन.जी., बायो -इथेनोल, बायो -कोयला आदि में तबदीली करने के लिए रास्ते की अहम पहलकदमी था।

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